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सरयू तट पर बने कुंड में नहीं हो सका मूर्ति विसर्जन
Updated Sat, 20 Oct 2018 11:34 PM IST
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अयोध्या। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए सरयू तट पर बनाए गए कुंड में प्रशासन मूर्ति विसर्जन कराने में नाकामयाब रहा। अधिकांश मूर्तियां सरयू की धारा में ही विसर्जित की गईं।
सरयू में मूर्ति विसर्जन न करने के अदालती आदेश के अनुपालन में की गई प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई। विसर्जन से पूर्व तैयार किए गए सरयू कुंड में प्रशासन मूर्तियों को विसर्जित कराने में सफल नहीं हो सका। बड़ी संख्या में मूर्तियां सरयू की धारा में ही विसर्जित की जा रही हैं। अयोध्या में भी धूमधाम से दुर्गा पूजा का पर्व मनाया गया।
सरयू कुंड व नदी की धारा में विसर्जित की गई मूर्तियां ऊपर पड़ी हैं पुआल सड़न दे रहे हैं। कलश भी तैर रहे हैं। वहीं मूर्तियों को बनाने में प्रयोग गए केमिकल भी सरयू को प्रदूषित करने का काम कर रहे है। गंदगी से पटे कुंड और पुआल की सड़न से इन इलाकों में जल एवं वायु प्रदूषण बढ़ गया है। केंद्रीय दुर्गापूजा समिति अयोध्या के अध्यक्ष रमापति पांडेय का दावा है कि मूर्तियों का विसर्जन सरयू कुंड में किया गया है पर हकीकत अवशेष बयां कर रहे हैं।
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उधर, रामनगरी में मूर्तियों का विसर्जन दूसरे दिन भी जारी रहा। पहले दिन दशमी पर्व पर लगभग 500 मूर्तियां विसर्जित हुईं तो वहीं दूसरे दिन भी विसर्जन का दौर जारी रहा। अयोध्या में स्थापित 54 दुर्गा पंडालों के अतिरिक्त पड़ोसी जनपद, गोंडा, बस्ती, हरैया, नबाबगंज, पूराजाबार, दर्शननगर से विर्सजन के लिए मूर्तियों के आने का क्रम लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा।
कोतवाली प्रभारी जगदीश उपाध्याय ने बताया कि मूर्ति विसर्जन अभी जारी है अब तक लगभग 550 मूर्तियां विसर्जित की जा चुकी हैं। विसर्जन स्थल पर सुरक्षा, प्रकाश आदि के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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सरयू में मूर्ति विसर्जन न करने के अदालती आदेश के अनुपालन में की गई प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई। विसर्जन से पूर्व तैयार किए गए सरयू कुंड में प्रशासन मूर्तियों को विसर्जित कराने में सफल नहीं हो सका। बड़ी संख्या में मूर्तियां सरयू की धारा में ही विसर्जित की जा रही हैं। अयोध्या में भी धूमधाम से दुर्गा पूजा का पर्व मनाया गया।
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सरयू कुंड व नदी की धारा में विसर्जित की गई मूर्तियां ऊपर पड़ी हैं पुआल सड़न दे रहे हैं। कलश भी तैर रहे हैं। वहीं मूर्तियों को बनाने में प्रयोग गए केमिकल भी सरयू को प्रदूषित करने का काम कर रहे है। गंदगी से पटे कुंड और पुआल की सड़न से इन इलाकों में जल एवं वायु प्रदूषण बढ़ गया है। केंद्रीय दुर्गापूजा समिति अयोध्या के अध्यक्ष रमापति पांडेय का दावा है कि मूर्तियों का विसर्जन सरयू कुंड में किया गया है पर हकीकत अवशेष बयां कर रहे हैं।
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उधर, रामनगरी में मूर्तियों का विसर्जन दूसरे दिन भी जारी रहा। पहले दिन दशमी पर्व पर लगभग 500 मूर्तियां विसर्जित हुईं तो वहीं दूसरे दिन भी विसर्जन का दौर जारी रहा। अयोध्या में स्थापित 54 दुर्गा पंडालों के अतिरिक्त पड़ोसी जनपद, गोंडा, बस्ती, हरैया, नबाबगंज, पूराजाबार, दर्शननगर से विर्सजन के लिए मूर्तियों के आने का क्रम लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा।
कोतवाली प्रभारी जगदीश उपाध्याय ने बताया कि मूर्ति विसर्जन अभी जारी है अब तक लगभग 550 मूर्तियां विसर्जित की जा चुकी हैं। विसर्जन स्थल पर सुरक्षा, प्रकाश आदि के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।