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जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल
Updated Sun, 16 Dec 2018 12:21 AM IST
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अयोध्या। जिला अस्पताल सहित जिले के सभी प्रमुख अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। तीन माह से जिला अस्पताल, श्रीराम अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा अन्य कई जांच सुविधाएं भी ठप हैं।
जिले की करीब 29 लाख की आबादी के इलाज के लिए प्रमुख रूप से जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, संयुक्त मंडलीय चिकित्सालय दर्शननगर, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या सहित 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 27 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इन अस्पतालों में लंबे अरसे से विशेषज्ञ चिकित्सकों के सौ से अधिक पद रिक्त हैं।
इसकी वजह से मरीजों को काफी समय से बेहतर लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन सबके बावजूद सभी अस्पतालों में दवाओं की भारी कमी है। जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल सहित अन्य अस्पताल कैल्शियम व पैरासिटामॉल आदि के भरोसे हैं। पिछले एक माह से जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन, एंटी बायोटिक दवाएं सहित कई जरूरी दवाओं का रोना है। कमोवेश यही स्थिति जिले के सभी अस्पतालों में हैं।
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जिले के सभी अस्पतालों में प्रमुख जांचें भी नहीं हो पा रही हैं। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन एक साल से खराब है। बीते तीन माह पूर्व रेडियोलॉजिस्ट डॉ. यूसी तिवारी का गैर जनपद तबादला कर दिया गया। इसके बाद से ही यहां अल्ट्रासाउंड व मेडिकोलीगल आदि कार्य ठप हो गए। जबकि प्रतिदिन 100-150 मरीजों का अल्ट्रासाउंड यहां किया जाता था।
राजकीय श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या में चार-पांच माह पूर्व रेडियोलॉजिस्ट डॉ. के कुमार का तबादला किया जा चुका है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था हुए इनको भी अस्पताल प्रशासन ने रिलीव कर दिया। तब से यहां भी सेवाएं ठप हैं। जिला महिला अस्पताल में एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अरुण गुप्ता तैनात हैं। इनके अवकाश पर होने की स्थिति में अल्ट्रासाउंड को लेकर मारा-मारी की स्थिति है। वहीं, जिले के एफआरयू का दर्जा प्राप्त सीएचसी में भी जांचें नहीं हो पा रही हैं।
वर्जन..
-जिले में रेडियोलॉजिस्ट की भारी कमी है। इसके लिए शासन स्तर से लिखा-पढ़ी की गई है। कई जरूरी दवाएं अस्पतालों में नहीं हैं उनके लिए इंडेंट भेजा गया है। शीघ्र ही स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू हो जाएंगी।
-डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, सीएमओ अयोध्या
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जिले की करीब 29 लाख की आबादी के इलाज के लिए प्रमुख रूप से जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, संयुक्त मंडलीय चिकित्सालय दर्शननगर, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या सहित 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 27 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इन अस्पतालों में लंबे अरसे से विशेषज्ञ चिकित्सकों के सौ से अधिक पद रिक्त हैं।
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इसकी वजह से मरीजों को काफी समय से बेहतर लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन सबके बावजूद सभी अस्पतालों में दवाओं की भारी कमी है। जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल सहित अन्य अस्पताल कैल्शियम व पैरासिटामॉल आदि के भरोसे हैं। पिछले एक माह से जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन, एंटी बायोटिक दवाएं सहित कई जरूरी दवाओं का रोना है। कमोवेश यही स्थिति जिले के सभी अस्पतालों में हैं।
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जिले के सभी अस्पतालों में प्रमुख जांचें भी नहीं हो पा रही हैं। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन एक साल से खराब है। बीते तीन माह पूर्व रेडियोलॉजिस्ट डॉ. यूसी तिवारी का गैर जनपद तबादला कर दिया गया। इसके बाद से ही यहां अल्ट्रासाउंड व मेडिकोलीगल आदि कार्य ठप हो गए। जबकि प्रतिदिन 100-150 मरीजों का अल्ट्रासाउंड यहां किया जाता था।
राजकीय श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या में चार-पांच माह पूर्व रेडियोलॉजिस्ट डॉ. के कुमार का तबादला किया जा चुका है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था हुए इनको भी अस्पताल प्रशासन ने रिलीव कर दिया। तब से यहां भी सेवाएं ठप हैं। जिला महिला अस्पताल में एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अरुण गुप्ता तैनात हैं। इनके अवकाश पर होने की स्थिति में अल्ट्रासाउंड को लेकर मारा-मारी की स्थिति है। वहीं, जिले के एफआरयू का दर्जा प्राप्त सीएचसी में भी जांचें नहीं हो पा रही हैं।
वर्जन..
-जिले में रेडियोलॉजिस्ट की भारी कमी है। इसके लिए शासन स्तर से लिखा-पढ़ी की गई है। कई जरूरी दवाएं अस्पतालों में नहीं हैं उनके लिए इंडेंट भेजा गया है। शीघ्र ही स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू हो जाएंगी।
-डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, सीएमओ अयोध्या