{"_id":"5be9c362bdec22698c6e4f8a","slug":"101542046562-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उद्वव ठाकरे 24 को लक्ष्मण किला में करेंगे संत-धर्माचार्यों का सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्वव ठाकरे 24 को लक्ष्मण किला में करेंगे संत-धर्माचार्यों का सम्मान
Updated Mon, 12 Nov 2018 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट व संसद के सामने भीड़ जुटाए विहिप
अयोध्या। शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे अब 24 नवंबर को अयोध्या पहुंचेंगे और लक्ष्मणकिला में संत-धर्माचार्यों का सम्मान करेंगे। शिवसेना ने विहिप की धर्मसभा को देखते हुए रामकथा पार्क में 25 नवंबर को प्रस्तावित सभा को फिलहाल टाल दिया है।
तैयारी को लेकर सोमवार को आए शिवसेना प्रवक्ता व सांसद संजय राउत ने 25 नवंबर को होने जा रही विहिप की धर्मसभा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बगैर शिवसेना से पूछे हमारी तय तिथि पर ही धर्मसभा के लिए मुहूर्त निकाला गया।
यदि विहिप को राममंदिर पर ताकत दिखानी है तो सुप्रीम कोर्ट और संसद के सामने भीड़ जुटाए। शिवसेना प्रवक्ता व सांसद संजय राउत एक माह के भीतर सोमवार को पांचवीं बार अयोध्या पहुंचे।
विज्ञापन
उन्होंने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ महंत मैथिलीरमण शरण, अधिकारी राजकुमार दास, महंत अंजनी शरण, बाबा शिवशंकर दास सहित अन्य संतों से मुलाकात की है।
लक्ष्मण किला में पत्रकारों से वार्ता करते हुए संजय राउत ने कहा कि हमारी तय तिथि पर धर्मसभा के लिए विहिप को एक बार शिवसेना से बात करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने नहीं किया। हम उनके कार्यक्रम का स्वागत करते हैं।
हम यह नहीं दिखाना चाहते कि हिंदुत्ववाद में कोई फूट पड़ी है। हम संत-धर्माचार्यों का सम्मान करेंगे। कहा कि विहिप के साथ कोई स्पर्धा नहीं है, सुना है लाखों लोग आ रहे हैं लेकिन राममंदिर निर्माण के लिए एक कागज-ए संगठन की जरूरत है।
25 साल पहले जो शक्ति प्रदर्शन हिंदुओं को करना था, वह कलंक मिटाकर कर चुके हैं। राममंदिर हमारे लिए राजनीतिक नहीं बल्कि श्रद्धा का विषय है।
संजय राउत ने कहा कि विहिप, भाजपा व संघ को यदि शक्ति प्रदर्शन करना है तो संसद व सुप्रीम कोर्ट के सामने करें। शक्ति प्रदर्शन करने से न तो राममंदिर बनेगा न ही रामराज्य आएगा।
आयोजन समिति से जुड़े पंडित अमरनाथ मिश्र ने बताया कि शिवसेना प्रमुख 24 नवंबर को दोपहर 2 बजे पहुंचेंगे। अपराह्न तीन बजे वे लक्ष्मणकिला में आयोजित कार्यक्रम में संत-धर्माचार्यों का सम्मान करेंगे।
शाम को सरयू आरती में शामिल होंगे। 25 नवंबर की सुबह रामलला का दर्शन कर लक्ष्मण किला में ही पत्रकारों से वार्ता करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सांसद, विधायक एवं जनप्रितिनिधि शामिल होंगे।
कार्यक्रम की तैयारी को लेकर शिवसेना सांसद संजय राउत ने इस दौरान शिवसेना के राज्य प्रमुख ठाकुर अनिल सिंह, उपराज्य प्रमुख अभय द्विवेदी, प्रदेश सचिव अनिरुद्ध त्रिपाठी, रजत पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे। संजय देर शाम कारसेवकपुरम में विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय से मुलाकात करने गए। उनके साथ सभी सांसद व विधायक भी थे।
विज्ञापन
अयोध्या। शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे अब 24 नवंबर को अयोध्या पहुंचेंगे और लक्ष्मणकिला में संत-धर्माचार्यों का सम्मान करेंगे। शिवसेना ने विहिप की धर्मसभा को देखते हुए रामकथा पार्क में 25 नवंबर को प्रस्तावित सभा को फिलहाल टाल दिया है।
तैयारी को लेकर सोमवार को आए शिवसेना प्रवक्ता व सांसद संजय राउत ने 25 नवंबर को होने जा रही विहिप की धर्मसभा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बगैर शिवसेना से पूछे हमारी तय तिथि पर ही धर्मसभा के लिए मुहूर्त निकाला गया।
विज्ञापन
यदि विहिप को राममंदिर पर ताकत दिखानी है तो सुप्रीम कोर्ट और संसद के सामने भीड़ जुटाए। शिवसेना प्रवक्ता व सांसद संजय राउत एक माह के भीतर सोमवार को पांचवीं बार अयोध्या पहुंचे।
विज्ञापन
उन्होंने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ महंत मैथिलीरमण शरण, अधिकारी राजकुमार दास, महंत अंजनी शरण, बाबा शिवशंकर दास सहित अन्य संतों से मुलाकात की है।
लक्ष्मण किला में पत्रकारों से वार्ता करते हुए संजय राउत ने कहा कि हमारी तय तिथि पर धर्मसभा के लिए विहिप को एक बार शिवसेना से बात करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने नहीं किया। हम उनके कार्यक्रम का स्वागत करते हैं।
हम यह नहीं दिखाना चाहते कि हिंदुत्ववाद में कोई फूट पड़ी है। हम संत-धर्माचार्यों का सम्मान करेंगे। कहा कि विहिप के साथ कोई स्पर्धा नहीं है, सुना है लाखों लोग आ रहे हैं लेकिन राममंदिर निर्माण के लिए एक कागज-ए संगठन की जरूरत है।
25 साल पहले जो शक्ति प्रदर्शन हिंदुओं को करना था, वह कलंक मिटाकर कर चुके हैं। राममंदिर हमारे लिए राजनीतिक नहीं बल्कि श्रद्धा का विषय है।
संजय राउत ने कहा कि विहिप, भाजपा व संघ को यदि शक्ति प्रदर्शन करना है तो संसद व सुप्रीम कोर्ट के सामने करें। शक्ति प्रदर्शन करने से न तो राममंदिर बनेगा न ही रामराज्य आएगा।
आयोजन समिति से जुड़े पंडित अमरनाथ मिश्र ने बताया कि शिवसेना प्रमुख 24 नवंबर को दोपहर 2 बजे पहुंचेंगे। अपराह्न तीन बजे वे लक्ष्मणकिला में आयोजित कार्यक्रम में संत-धर्माचार्यों का सम्मान करेंगे।
शाम को सरयू आरती में शामिल होंगे। 25 नवंबर की सुबह रामलला का दर्शन कर लक्ष्मण किला में ही पत्रकारों से वार्ता करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सांसद, विधायक एवं जनप्रितिनिधि शामिल होंगे।
कार्यक्रम की तैयारी को लेकर शिवसेना सांसद संजय राउत ने इस दौरान शिवसेना के राज्य प्रमुख ठाकुर अनिल सिंह, उपराज्य प्रमुख अभय द्विवेदी, प्रदेश सचिव अनिरुद्ध त्रिपाठी, रजत पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे। संजय देर शाम कारसेवकपुरम में विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय से मुलाकात करने गए। उनके साथ सभी सांसद व विधायक भी थे।