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इंदिरा आवास घोटाले में रिपोर्ट दर्ज
Updated Wed, 21 Jun 2017 06:03 AM IST
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इंदिरा आवास घोटाले में पांच के खिलाफ केस
पूर्व प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी भी नामजद
अमर उजाला ब्यूरो
तारुन (फैजाबाद)। गुरौली ग्राम पंचायत में इंदिरा आवास के तीन लाभार्थियों सहित पूर्व ग्राम प्रधान व तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध शासकीय धन का गबन करने की धारा में तारुन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खंड विकास अधिकारी जनार्दन द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि गुड़िया पत्नी विजयी, प्रेमा पत्नी बुद्धिराम, कैलाशा पत्नी रोघई के नाम से वर्ष 2012-13 में इंदिरा आवास आवंटित किया था। लेकिन लाभार्थियों ने आवास निर्माण नहीं कराया और धन का गबन कर लिया। प्रत्येक आवास पर 45-45 हजार रुपये आवंटित हुआ था। वर्तमान में मया ब्लॉक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी जीतलाल उस समय गुरौली में तैनात थे। इनक अलावा पूर्व ग्राम प्रधान रामचंदर निषाद राशि आहरण की स्थिति को छिपाकर इसकी सूचना बीडीओ को नहीं दी थी। घपले की जानकारी होने पर भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष विजय प्रताप वर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने 10 दिन तक ब्लॉक कार्यालय के सामने धरना दिया था। उनकी मांग पर खंड विकास अधिकारी जनार्दन ने स्थलीय जांच करायी तो मामला सही पाया गया। ऐसे में उपरोक्त दोषी पाये गये पांचों लोगों के खिलाफ सोमवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। थाना प्रभारी वृजेश कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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पूर्व प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी भी नामजद
अमर उजाला ब्यूरो
तारुन (फैजाबाद)। गुरौली ग्राम पंचायत में इंदिरा आवास के तीन लाभार्थियों सहित पूर्व ग्राम प्रधान व तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध शासकीय धन का गबन करने की धारा में तारुन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खंड विकास अधिकारी जनार्दन द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि गुड़िया पत्नी विजयी, प्रेमा पत्नी बुद्धिराम, कैलाशा पत्नी रोघई के नाम से वर्ष 2012-13 में इंदिरा आवास आवंटित किया था। लेकिन लाभार्थियों ने आवास निर्माण नहीं कराया और धन का गबन कर लिया। प्रत्येक आवास पर 45-45 हजार रुपये आवंटित हुआ था। वर्तमान में मया ब्लॉक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी जीतलाल उस समय गुरौली में तैनात थे। इनक अलावा पूर्व ग्राम प्रधान रामचंदर निषाद राशि आहरण की स्थिति को छिपाकर इसकी सूचना बीडीओ को नहीं दी थी। घपले की जानकारी होने पर भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष विजय प्रताप वर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने 10 दिन तक ब्लॉक कार्यालय के सामने धरना दिया था। उनकी मांग पर खंड विकास अधिकारी जनार्दन ने स्थलीय जांच करायी तो मामला सही पाया गया। ऐसे में उपरोक्त दोषी पाये गये पांचों लोगों के खिलाफ सोमवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। थाना प्रभारी वृजेश कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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