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100 एटीएम के नहीं उठे शटर, कई खाली
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Nov 2016 10:51 PM IST
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एटीएम
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पांच सौ और हजार के पुराने नोटों के बंद होने के बाद बदलवाने व जमा कराने पहुंचे लोगों को आठवें दिन भी राहत न मिल सकी। कई बैंक शाखाओं पर कैश ही समाप्त हो गया तो कहीं रुपये जमा ही नहीं किए गए। जिले के 200 एटीएम में बुधवार को 100 के शटर ही नहीं उठ सके। जिन एटीएम से रुपये निकल रहे थे, वहां सड़क तक लंबी लाइन लग गई। पर कुछ ही देर में 100 के नोट निकलने शुरू हुए वहां भी दो घंटे में कैश खत्म हो गया।
जिले में कई बैंक शाखाओं पर नोट खत्म होने से लोगों को परेशान होना पड़ा है। देहात इलाकों में कहीं-कहीं बैंकों ने केवल जमा व निकासी तक अपने को सीमित रखा। इस बीच अभी तक प्रबंधन की ओर से स्याही न उपलब्ध कराने से नोट बदलवाने आये लोगों की अंगुली में चिह्न नहीं लग पाए। अयोध्या श्रीराम अस्पताल के सामने स्थित दवा दुकान पर सरकार के आदेश के बावजूद पांच सौ व हजार के पुराने नोट न लिये जाने की शिकायत सामने आई है।
नोटबंदी के बाद सिविल लाइंस के एसबीआई मुख्य शाखा, एचडीएफसी, आईडीबीआई, पीएनबी, सेंट्रल बैंक व केनरा बैंक रिकाबगंज स्थित बैंक ऑफ इंडिया, बड़ौदा ग्रामीण बैंक, देना बैंक, यूको व कॉर्पोरेशन व पीएनसी एलआईसी शाखा, नियांवा स्थित आईसीसीआई, साहबगंज स्थित एसबीआई, व पंजाब एंड सिंध बैंक समेत सआदतगंज, फतेहगंज, नाका व अन्य क्षेत्रों स्थित बैंक शाखाओं पर रोज की तरह लगने वाली भीड़ बुधवार को भी लगी रही।
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रिजर्व बैंक के निर्देश के मुताबिक बुधवार को बैंक शाखाओं पर मतदान के दौरान लगने वाली स्याही न पहुंचने के चलते कई बैंक नोट बदलने में आनाकानी करते रहे। कुछ ने बाद में बिना स्याही लगाये नोट एक्सचेंज शुरू कर दिया। अभी भी बैंक शाखाओं तक पांच सौ की नई नोट न पहुंच पाने के कारण बैंक प्रबंधन को आहरण-वितरण में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हनुमनागढ़ी मंदिर के पास यूको बैंक की शाखा पर पुराने पांच सौ और हजार के नोट जमा कराने व बदलवाने वालों की कतार लगी हुई थी। इसी बीच पहुंचे अयोध्या निवासी पान विक्रेता हरेंद्र कुमार को शाखा प्रबंधक ने कोई खास तवज्जो नहीं दी। उसने झोले से सौ-सौ की 12 गड्डियां निकालीं और शाखा प्रबंधक की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि क्या उसकी रकम बैंक शाखा मेें जमा हो जाएगी।
सौ-सौ की नोटों को लेकर मारामारी के बीच गड्डियां देख शाखा प्रबंधक राजन दूबे आश्चर्य से सराबोर हो गये। वे हरेंद्र को काउंटर पर ले गये और उनकी रकम खाते में जमा कराई। इस रकम से तमाम ग्राहकों को नोट बदलने में राहत मिली। नोटबंदी के बाद सौ-सौ की नोटों को लेकर मारामारी के बीच बुधवार को देवकाली चौराहा स्थित भारतीय स्टेट बैंक एटीएम बूथ से उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी समिति के कर्मी अशोक कुमार ने ढाई हजार रुपये निकाले। सौ-सौ की 25 नोटों में एक नोट जाली निकला। इस पर नंबर ही नहीं पड़ा है।
मुख्य डाकघर को सिविल लाइन स्थित भारतीय स्टेट बैंक के स्ट्रांग रूम से रकम मिलती है। बुधवार को रकम लेने मुख्य डाकघर का सहायक खजांची महेश कुमार गए। उन्हें स्ट्रांग रूम से दिये कैश में पचास की एक गड्डी यानी पांच हजार रुपये कम मिले। पूर्व में शनिवार को एक लाख की रकम शार्ट होने का मामला प्रकाश में आया था। सहायक खचांजी का कहना है कि रकम देते समय उनको स्ट्रांग रूम से बाहर कर दिया गया। इसकी शिकायत एसबीआई के लेखाकार अनिल कुमार सिंघर व बैंक प्रबंधक से की गई।
एसबीआई के स्ट्रांग रूम से कम मिले नोट को लेकर सीनियर पोस्टमास्टर अनिल कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्य डाकघर को एसबीआई की ओर से अक्सर छोटे नोट दिये जा रहे हैं। शनिवार को एक लाख और बुधवार पांच हजार कैश शार्ट होने का मामला प्रकाश में आया है। लिखित शिकायत की गई है।
जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक ओपी शुक्ला ने बताया कि अभी हालात नहीं सुधरे हैं। 210 बैंक शाखाओं में काम चल रहा है। कई जगह 100 की नोट कम होने से दिक्कतों की सूचना आई है। जिले में करीब 200 एटीएम में 100 ही चल पा रहे हैं। यहां भी केवल 100 के नोट डाले जाने से खत्म होने से दिक्कतें बनी हुई हैं। जब तक एटीएम में दो हजार व पांच सौ के नए नोट नहीं डाले जाएंगे तब तक सुधार की उम्मीद कम है।
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जिले में कई बैंक शाखाओं पर नोट खत्म होने से लोगों को परेशान होना पड़ा है। देहात इलाकों में कहीं-कहीं बैंकों ने केवल जमा व निकासी तक अपने को सीमित रखा। इस बीच अभी तक प्रबंधन की ओर से स्याही न उपलब्ध कराने से नोट बदलवाने आये लोगों की अंगुली में चिह्न नहीं लग पाए। अयोध्या श्रीराम अस्पताल के सामने स्थित दवा दुकान पर सरकार के आदेश के बावजूद पांच सौ व हजार के पुराने नोट न लिये जाने की शिकायत सामने आई है।
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नोटबंदी के बाद सिविल लाइंस के एसबीआई मुख्य शाखा, एचडीएफसी, आईडीबीआई, पीएनबी, सेंट्रल बैंक व केनरा बैंक रिकाबगंज स्थित बैंक ऑफ इंडिया, बड़ौदा ग्रामीण बैंक, देना बैंक, यूको व कॉर्पोरेशन व पीएनसी एलआईसी शाखा, नियांवा स्थित आईसीसीआई, साहबगंज स्थित एसबीआई, व पंजाब एंड सिंध बैंक समेत सआदतगंज, फतेहगंज, नाका व अन्य क्षेत्रों स्थित बैंक शाखाओं पर रोज की तरह लगने वाली भीड़ बुधवार को भी लगी रही।
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रिजर्व बैंक के निर्देश के मुताबिक बुधवार को बैंक शाखाओं पर मतदान के दौरान लगने वाली स्याही न पहुंचने के चलते कई बैंक नोट बदलने में आनाकानी करते रहे। कुछ ने बाद में बिना स्याही लगाये नोट एक्सचेंज शुरू कर दिया। अभी भी बैंक शाखाओं तक पांच सौ की नई नोट न पहुंच पाने के कारण बैंक प्रबंधन को आहरण-वितरण में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हनुमनागढ़ी मंदिर के पास यूको बैंक की शाखा पर पुराने पांच सौ और हजार के नोट जमा कराने व बदलवाने वालों की कतार लगी हुई थी। इसी बीच पहुंचे अयोध्या निवासी पान विक्रेता हरेंद्र कुमार को शाखा प्रबंधक ने कोई खास तवज्जो नहीं दी। उसने झोले से सौ-सौ की 12 गड्डियां निकालीं और शाखा प्रबंधक की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि क्या उसकी रकम बैंक शाखा मेें जमा हो जाएगी।
सौ-सौ की नोटों को लेकर मारामारी के बीच गड्डियां देख शाखा प्रबंधक राजन दूबे आश्चर्य से सराबोर हो गये। वे हरेंद्र को काउंटर पर ले गये और उनकी रकम खाते में जमा कराई। इस रकम से तमाम ग्राहकों को नोट बदलने में राहत मिली। नोटबंदी के बाद सौ-सौ की नोटों को लेकर मारामारी के बीच बुधवार को देवकाली चौराहा स्थित भारतीय स्टेट बैंक एटीएम बूथ से उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी समिति के कर्मी अशोक कुमार ने ढाई हजार रुपये निकाले। सौ-सौ की 25 नोटों में एक नोट जाली निकला। इस पर नंबर ही नहीं पड़ा है।
मुख्य डाकघर को सिविल लाइन स्थित भारतीय स्टेट बैंक के स्ट्रांग रूम से रकम मिलती है। बुधवार को रकम लेने मुख्य डाकघर का सहायक खजांची महेश कुमार गए। उन्हें स्ट्रांग रूम से दिये कैश में पचास की एक गड्डी यानी पांच हजार रुपये कम मिले। पूर्व में शनिवार को एक लाख की रकम शार्ट होने का मामला प्रकाश में आया था। सहायक खचांजी का कहना है कि रकम देते समय उनको स्ट्रांग रूम से बाहर कर दिया गया। इसकी शिकायत एसबीआई के लेखाकार अनिल कुमार सिंघर व बैंक प्रबंधक से की गई।
एसबीआई के स्ट्रांग रूम से कम मिले नोट को लेकर सीनियर पोस्टमास्टर अनिल कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्य डाकघर को एसबीआई की ओर से अक्सर छोटे नोट दिये जा रहे हैं। शनिवार को एक लाख और बुधवार पांच हजार कैश शार्ट होने का मामला प्रकाश में आया है। लिखित शिकायत की गई है।
जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक ओपी शुक्ला ने बताया कि अभी हालात नहीं सुधरे हैं। 210 बैंक शाखाओं में काम चल रहा है। कई जगह 100 की नोट कम होने से दिक्कतों की सूचना आई है। जिले में करीब 200 एटीएम में 100 ही चल पा रहे हैं। यहां भी केवल 100 के नोट डाले जाने से खत्म होने से दिक्कतें बनी हुई हैं। जब तक एटीएम में दो हजार व पांच सौ के नए नोट नहीं डाले जाएंगे तब तक सुधार की उम्मीद कम है।