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दांव पर लगा सैकड़ों युवकों का भविष्य

Tue, 10 Dec 2013 08:14 AM IST
कपिल कुमार/ मुजफ्फरनगर
कपिल कुमार/ मुजफ्फरनगर Updated Tue, 10 Dec 2013 08:14 AM IST
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evidence of innocence jobs are mired in riots

उत्तर प्रदेश में दंगे में जान-माल की हानि तो हुई ही, सैकड़ों नवयुवकों का भविष्य भी दांव पर लग गया है। हत्या, आगजनी, डकैती और लूटपाट की संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमों में युवाओं की भी बड़ी तादाद में नामजदगी है।

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सेना, पुलिस, अर्द्धसैनिक बल और एसएससी जैसी परीक्षाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने शपथ-पत्र देकर खुद को बेकसूर बताया है।

सात और आठ सितंबर को मुजफ्फरनगर और शामली में भड़की हिंसा के सिलसिले में फुगाना, भौराकलां, शाहपुर, तितावी, बुढ़ाना, मंसूरपुर, भोपा और शहर कोतवाली में दर्ज हुए 573 मुकदमों में लगभग 400 आरोपी ऐसे हैं, जिनकी आयु 16 से 25 साल के बीच है।
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कई युवाओं को फर्जी नामजदगी ने मुसीबत में डाल दिया। दंगों की जांच कर रही एसआईटी को ऐसे सैकड़ों शपथपत्र देकर युवकों ने अपनी बेगुनाही के सुबूत दिए हैं।

नौकरी के लिए चयनित अभ्यर्थियों ने विष्णु सहाय आयोग से भी जांच कर बेकसूरों को बचाने की गुहार लगाई है। बताते चलें कि हरियाणा और यूपी पुलिस में कांस्टेबल भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया चल रही है, जिसमें वेस्ट के हजारों युवाओं ने आवेदन कर रखा है।
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केस-एक
लांक गांव के गौरव की जाट रेजीमेंट बरेली में सोल्जर जीडी के पद के लिए प्रोविजनल चयन हो चुका है। मेरठ में एमएच में डॉक्टरी परीक्षण के बाद 18 दिसंबर को फाइनल सेलेक्शन के लिए बुलाया गया है। आठ सितंबर की हिंसा में गौरव भी नामजद है। पिता राजकुमार ने आईजी से मिलकर बेटे के भविष्य को बर्बाद होने से बचाने की गुहार लगाई है।

केस-दो
तितावी थाना क्षेत्र के गांव मुकुंदपुर के सुमित का चयन एसएससी मध्य क्षेत्र इलाहाबाद की परीक्षा में हो चुका है। हिंसा के एक मुकदमे में सुमित भी नामजद है। पिता रंधावा सिंह ने चयन की पत्रावलियों के साथ एसआईटी को शपथपत्र दिया है कि घटना से उसका कोई लेना-देना नहीं है। गांव की राजनीति के चलते उसे फंसा दिया गया है।


आशुतोष पांडेय, आईजी मेरठ जोन के मुताबिक ‘दंगे में छह हजार लोगों की नामजदगी हैं, इनमें बड़ी संख्या में गांवों के युवा भी हैं। जांच चल रही है, बेगुनाही का सुबूत दें। ऐसे मामले भी संज्ञान में आए हैं, जिनमें सैकड़ों युवा नौकरियों की चयन प्रक्रिया में हैं। हिंसा के दौरान उनकी मौजूदगी कहां थी, इसके लिए उन्हें सुबूत देना होगा’।

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