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अपनी पिस्टल से नहीं मरे थे डीएसपी जिया उल हक
लखनऊ/कुंडा/ब्यूरो
Updated Sun, 17 Mar 2013 03:50 PM IST
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डीएसपी जिया उल हक की हत्या उनकी पिस्टल से नहीं की गई थी। सीबीआई ने जियाउल हक की पिस्टल बरामद कर ली है। डीएसपी की पिस्टल बलीपुर गांव मे प्रधान नन्हें यादव की हत्या की जगह से कुछ कदम दूर गड्ढे में भरे पानी से बरामद हुई है।
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पिस्टल की मैग्जीन और तीन खोखे भी सीबीआई ने झाड़ियों से बरामद किए हैं। गौरतलब है कि कुंडा के डीएसपी जिया उल हक की बलीपुर गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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पिस्टल की प्रारम्भिक जांच में पता चला है कि मैगजीन में पूरी गोलियां भरी हुई हैं और इससे एक भी गोली नहीं चली है। इससे साफ हो रहा है कि जिया उल की मौत अपनी पिस्टल से नहीं हुई है।
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अब सीबीआई डीएसपी को मारने वाले असलहे की तलाश में जुट गई है।
कुंडा के बलीपुर में डीएसपी जियाउल हक, प्रधान नन्हें और सुरेश की हत्या की जांच को पहुंची सीबीआई धीरे-धीरे परतें खोलने लगी है।
प्रधान के बेटे बबलू और भाई सुधीर से लंबी पूछताछ के बाद शनिवार को सीबीआई ने बलीपुर चौराहे पर गहन तलाशी ली।
जिस जगह पर प्रधान को गोलियों से भूना गया था उससे कुछ दूरी पर पुलिया के पास भरे पानी में डीएसपी की पिस्टल बरामद हो गई।
इसके बाद अफसरों ने आसपास की झाड़ियों को खंगाला तो मैग्जीन बरामद हुई जिसमें पूरे कारतूस लगे मिले।
पास में ही तीन खोखे बरामद हो गए हैं। यह खोले 315 और 38 बोर के हैं। जांच में सामने आया है कि इनका इस्तेमाल ग्राम प्रधान नन्हे प्रधान की हत्या में किया गया था।
डीएसपी की पिस्टल बरामद होने के बाद शस्त्रागार से पिस्टल पर अंकित वेपन आर्सनल नम्बर से मिलान किया गया।
मिलान में साफ हुआ कि यही पिस्टल शस्त्रागार से डीएसपी को इश्यू हुई थी। डीआईजी सीबीआई अनुराग गर्ग ने भी पिस्टल डीएसपी की होने की पुष्टि की।
डीएसपी की पिस्टल मिल जाने के बाद अब सीबीआई यह जानना चाह रही है कि उनकी मौत किस पिस्टल से हुई और ग्राम प्रधान के भाई सुरेश को किस असलहे से और कैसे मारा गया, क्योंकि डीएसपी की पिस्टल में मैगजीन पूरी है।
इसकी पुष्टि के लिए पिस्टल को बैलेस्टिक जांच के लिए भी भेजा जा रहा है।
कामता पाल और बेटे से हुई पूछताछ
प्रधान नन्हें की हत्या का मुख्य आरोपी कामता पाल और उसका बेटा अजय पाल शनिवार को सीबीआई के सामने पेश हुए। सीबीआई ने दोनों से कई घंटे तक पूछताछ की और ठीक इसके बाद ही पिस्टल और खोखे की बरामदगी हो गई।
इसके साथ सीबीआई ने आरोपी कामता पाल के पड़ोसियों से लगभग दो घंटे पूछताछ के साथ ही प्रधान के घर एवं आसपास भी लोगों से जानकारी जुटाई।
सीबीआई अधिकारी धनऊ और गोतनी गांव भी पहुंचे। बलीपुर गांव से गिरीश सरोज एवं बल्ली पाल समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों को भी पूछताछ के लिए सीबीआई कैंप कार्यालय बुलाया गया।
इन सभी से पूछताछ में सीबीआई को अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। माना जा रहा है कि सीबीआई मामले की तह तक पहुंच गई है।