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सेना में भर्ती के नाम पर बेरोजगार युवकों से करोड़ों ठगे
आगरा/ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2013 01:57 AM IST
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सेना में भर्ती के नाम पर 50 से अधिक युवकों से करोड़ों की ठगी कर ली गई। इस खुलासा शुक्रवार को तब हुआ वह ज्चाइनिंग लेटर के साथ सेना के भर्ती कार्यालय पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि लेटर फर्जी हैं।
शनिवार को ठगी का शिकार हुए युवकों और उनके परिवारीजनों ने थाना सदर में हंगामा किया। इंस्पेक्टर ने बताया कि अब तक किसी ने तहरीर नहीं दी है।
शाहगंज थाना स्थित नरीपुरा निवासी आसिफ अपने बेटे चांद को आठ मार्च को फीरोजाबाद में होने वाली भर्ती में ले गया था। दौड़ से पहले ही आसिफ को सेना के अधिकारी की वर्दी पहने मनोज यादव ने अपने झांसे में ले लिया।
उसने कहा कि 4.50 लाख रुपये में वह उसके बेटे को सेना में भर्ती करा देगा। इस पर आसिफ ने उसे रुपये दे दिए। चांद को बाकायदा ज्वाइनिंग लेटर भी दे दिया गया।
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आसिफ ने बताया गया कि मनोज ने उन्हें बेटे को लेकर 12 अप्रैल को ज्वाइनिंग के लिए सदर स्थित सेना भर्ती कार्यालय बुलाया था। जब वह पहुंचे तो वहां उनके जैसे करीब 40-50 लोग मनोज का इंतजार कर रहे थे। सभी से तीन से पांच लाख रुपये लिए गए थे।
मनोज से मोबाइल पर संपर्क किया तो उसने सभी को बालूगंज स्थित अपनी दुकान बुलाया। जब लोग दुकान पर पहुंचे तो फिर उन्हें लेकर भर्ती बोर्ड कार्यालय पहुंचा।
सीओ के साइन के नाम पर सभी के ज्वाइनिंग लेटर ले लिए। इसके बाद भाग गया। इसके बाद सभी को ठगे जाने का अहसास हुआ। फिलहाल आरोपी मनोज का मोबाइल स्विचआफ है।
ये भी हुए ठगी के शिकार
ठगी के शिकार लोगों में शिवराम, आशिक अली, सोनू, चांद निवासी शाहगंज, ललित, मनोज, रिंकू, श्याम सुंदर, लीतेश निवासी राजस्थान आदि कई शामिल हैं।
रुतबा देख खा गए गच्चा
ठगी का शिकार हुए ललित के पिता रनवीर का कहना था कि ठग मनोज यादव सेना में अपने को अधिकारी बताता था। वह तीन स्टार वाली वर्दी भी पहनता था।
मनोज के नाम पर कई बार उनको सैन्य क्षेत्र में जाने की इजाजत मिली। सेना के कर्मी उसे सलाम करते थे। उसका रुतबा देख कर लगा नहीं कि वह ठग भी हो सकता है। मनोज अपने साथी मनोज गुप्ता, राहुल, राजेश का नाम लेता था।
अलग-अलग बुलाया था
मनोज ने जिन युवकों को ठगी का शिकार बनाया था उनको ज्वाइनिंग के लिए अलग-अलग दिन बुलाया था। जिन को 12 अप्रैल को आना था, उनको तो ठगे जाने की जानकारी हो गई। जबकि जिन लोगों को 15 अप्रैल को बुलाया है वे अभी अनजान हैं।
दूसरे की पहचान पर मोबाइल नंबर
मनोज यादव दो मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था। इसमें से एक नंबर 9897073576 है जो एटा शिवगंज निवासी सत्यप्रकाश के नाम पर है। जबकि दूसरा नंबर आरोपी का 8272868837 है।
वाहन के नाम पर भी ठगी
नीलामी में सेना की गाड़ियां दिलाने के नाम पर भी मनोज यादव दो लोगों से आठ लाख रुपये ले चुका है। उसने दोनों को बताया था कि आगरा में सेना 52 बाइक, आठ बुलट, चार जिप्सी बेच रही है। मनोज ने प्रति बाइक पांच हजार रुपये बांड के ले लिए। बुलेट के 21 हजार और जिप्सी के 56 हजार प्रति गाड़ी के हिसाब से ले लिए।
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शनिवार को ठगी का शिकार हुए युवकों और उनके परिवारीजनों ने थाना सदर में हंगामा किया। इंस्पेक्टर ने बताया कि अब तक किसी ने तहरीर नहीं दी है।
शाहगंज थाना स्थित नरीपुरा निवासी आसिफ अपने बेटे चांद को आठ मार्च को फीरोजाबाद में होने वाली भर्ती में ले गया था। दौड़ से पहले ही आसिफ को सेना के अधिकारी की वर्दी पहने मनोज यादव ने अपने झांसे में ले लिया।
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उसने कहा कि 4.50 लाख रुपये में वह उसके बेटे को सेना में भर्ती करा देगा। इस पर आसिफ ने उसे रुपये दे दिए। चांद को बाकायदा ज्वाइनिंग लेटर भी दे दिया गया।
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आसिफ ने बताया गया कि मनोज ने उन्हें बेटे को लेकर 12 अप्रैल को ज्वाइनिंग के लिए सदर स्थित सेना भर्ती कार्यालय बुलाया था। जब वह पहुंचे तो वहां उनके जैसे करीब 40-50 लोग मनोज का इंतजार कर रहे थे। सभी से तीन से पांच लाख रुपये लिए गए थे।
मनोज से मोबाइल पर संपर्क किया तो उसने सभी को बालूगंज स्थित अपनी दुकान बुलाया। जब लोग दुकान पर पहुंचे तो फिर उन्हें लेकर भर्ती बोर्ड कार्यालय पहुंचा।
सीओ के साइन के नाम पर सभी के ज्वाइनिंग लेटर ले लिए। इसके बाद भाग गया। इसके बाद सभी को ठगे जाने का अहसास हुआ। फिलहाल आरोपी मनोज का मोबाइल स्विचआफ है।
ये भी हुए ठगी के शिकार
ठगी के शिकार लोगों में शिवराम, आशिक अली, सोनू, चांद निवासी शाहगंज, ललित, मनोज, रिंकू, श्याम सुंदर, लीतेश निवासी राजस्थान आदि कई शामिल हैं।
रुतबा देख खा गए गच्चा
ठगी का शिकार हुए ललित के पिता रनवीर का कहना था कि ठग मनोज यादव सेना में अपने को अधिकारी बताता था। वह तीन स्टार वाली वर्दी भी पहनता था।
मनोज के नाम पर कई बार उनको सैन्य क्षेत्र में जाने की इजाजत मिली। सेना के कर्मी उसे सलाम करते थे। उसका रुतबा देख कर लगा नहीं कि वह ठग भी हो सकता है। मनोज अपने साथी मनोज गुप्ता, राहुल, राजेश का नाम लेता था।
अलग-अलग बुलाया था
मनोज ने जिन युवकों को ठगी का शिकार बनाया था उनको ज्वाइनिंग के लिए अलग-अलग दिन बुलाया था। जिन को 12 अप्रैल को आना था, उनको तो ठगे जाने की जानकारी हो गई। जबकि जिन लोगों को 15 अप्रैल को बुलाया है वे अभी अनजान हैं।
दूसरे की पहचान पर मोबाइल नंबर
मनोज यादव दो मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था। इसमें से एक नंबर 9897073576 है जो एटा शिवगंज निवासी सत्यप्रकाश के नाम पर है। जबकि दूसरा नंबर आरोपी का 8272868837 है।
वाहन के नाम पर भी ठगी
नीलामी में सेना की गाड़ियां दिलाने के नाम पर भी मनोज यादव दो लोगों से आठ लाख रुपये ले चुका है। उसने दोनों को बताया था कि आगरा में सेना 52 बाइक, आठ बुलट, चार जिप्सी बेच रही है। मनोज ने प्रति बाइक पांच हजार रुपये बांड के ले लिए। बुलेट के 21 हजार और जिप्सी के 56 हजार प्रति गाड़ी के हिसाब से ले लिए।