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नकल कराकर पुलिस-प्रशासन ने 'कमाए' 3.75 करोड़
अलीगढ़/ब्यूरो
Updated Sat, 06 Apr 2013 12:37 PM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा लगभग समापन की ओर है, इस बार परीक्षा में नकल करवाकर करोड़ों के वारे न्यारे करने वाले नकल माफिया ने प्रशासनिक अमले की मदद से पूरी पारी विधिवत खेली।
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लाठी-डंडों के बल पर छात्रों से वसूले गए धन के हिस्सेदार नकल माफिया और पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी दोनों बने।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस धंधे में एक परीक्षा केंद्र से मशीनरी को करीब ढाई लाख रुपया पहुंचाया गया। इस तरह से पूरी परीक्षा में पुलिस-प्रशासन को करीब पौने चार करोड़ रुपया पहुंचा।
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कई परीक्षा केंद्र संचालकों ने तो इस लेन-देन की रिकार्डिंग तक कर ली है। गौर हो कि कई केंद्रों पर खुलेआम नकल का मामला उजागर होने के बाद बीच परीक्षा में ही एसडीएम अतरौली और उनके ड्राइवर का तबादला कर दिया गया था।
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अलीगढ़ जिले में इस बार 259 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, इनमें करीब डेढ़ लाख परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
गौर करने वाली बात यह है कि केवल अतरौली क्षेत्र ‘अतरौलिया बोर्ड’ में ही 149 कालेज परीक्षा केंद्र बने और यहां करीब एक लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इसमें से 10 कॉलेजों को छोड़कर सभी वित्तविहीन कॉलेज थे।
सूत्रों के अनुसार यहां नकल माफिया ने नकल कराने के लिए प्रतिछात्र 7000 से 10,000 रुपये तक वसूले। यहां अच्छे अंक हासिल करने के लिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान सहित कई राज्यों के परीक्षार्थी परीक्षा देने आए थे।
नकल कराने में कोई बाधा न आए इसलिए ‘अतरौलिया बोर्ड’ के माफिया ने पुलिस-प्रशासन के पास करीब पौने चार करोड़ रुपया पहुंचाया।
इसकी पुष्टि उन वर्दीधारियों से भी होती है जो चार्ट लेकर परीक्षा कक्षों में छात्रों को नकल कराते पाए गए, साथ ही कई महत्वपूर्ण पेपरों में परीक्षा केंद्रों पर न तो कोई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचा और न ही पर्यवेक्षक।
जिलाधिकारी राजीव रौतेला का कहना है कि इस तरह का मामला पहली बार संज्ञान में आया है, इसकी जांच करवाई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे बंटीं रेवड़ियां
तहसील स्टाफ
-एसडीएम स्टाफ 25 से 30,000 रुपये
-तहसीलदार स्टाफ 20 से 25,000 रुपये
-लेखपाल 5,000 रुपये
पुलिस स्टाफ
-एसओ-25 से 30,000 रुपये
- एसआई-10,000 रुपये
- कांस्टेबल व होमगार्ड 5,000 रुपये
शिक्षा विभाग
- केंद्र व्यवस्थापक 30,000 रुपये
- केंद्र पर्यवेक्षक 20,000 रुपये
- 8 फ्लाइंग टीम 10,000
- डीआईओएस कार्यालय खर्चा 25,000
प्रशासनिक मशीनरी
- बीडीओ 15 से 20,000 रुपये
- सेक्टर मजिस्ट्रेट 10 से 15,000
- स्टेटिक मजिस्ट्रेट 10 से 15,000