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किसी तरह के राजनीतिक दबाव में नहीं आऊंगाः कैग
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Thu, 07 Mar 2013 08:32 AM IST
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किसान कर्ज माफी योजना में कैग द्वारा घोटाले का खुलासा होने के बाद नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) विनोद राय ने साफ किया है कि वे किसी राजनीतिक दबाव में आने वाले नहीं हैं। वे अपना काम पूरी निष्ठा से करते रहेंगे।
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प्रयाग में संगम स्नान के बाद उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव से काम नहीं बनता। अगर कर्मचारियों को कोई दिक्कत है तो उन तक पहुंचने का सही रास्ता अपनाना चाहिए।
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हालांकि उन्होंने इस मसले पर विचार करने का आश्वासन दिया। साथ ही एजी एकाउंट में पेंशनरों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर चिंता व्यक्त करते हुए एक स्थानीय अफसर को मामले का निपटरा करने को कहा।
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सीएजी विनोद राय बुधवार सुबह तकरीबन 11 बजे बम्हरौली एयरपोर्ट पर उतरे और वहां से सीधे एजी आफिस के गेस्ट हाउस पहुंचे। सीएजी के संग उनका परिवार भी था।
गेस्ट हाउस से वे परिवार के साथ संगम की तरफ रवाना हुए। वहां स्नान के साथ पूजा-अर्चना की। एजी ऑफिस लौटकर सत्यनिष्ठा भवन में स्थानीय अफसरों के साथ बैठक की और विभागीय कार्यों की समीक्षा की।
उल्लेखनीय है कि कैग की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार की ओर से साल 2008 में किसानों की कृषि कर्ज माफी योजना शुरू की गई थी। सरकार का स्कीम के तहत करीब 65,318 करोड़ रुपये की कर्ज माफी 3.69 करोड़ किसानों को मार्च 2010 तक देने का अनुमान था। जिसमें से वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मार्च 2012 तक 52,516 करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर दिए गए थे।
संसद में कैग द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार कुल जांचे गए 90,576 मामलों में से 22.32 फीसदी मामलों में योजना को लागू करने में हेराफेरी की गई है। कैग ने अपनी रिपोर्ट में बैंक अधिकारियों, माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं की मिलीभगत के अलावा वित्त मंत्रालय के विभाग डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज की निगरानी प्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।