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Bulandshahar News: 72 करोड़ रुपये से दो आईटीआई को स्मार्ट बनाएगा टाटा ग्रुप
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। जिले के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। आईटीआई सहकारीनगर और गुलावठी को टाटा ग्रुप ने गोद ले लिया है। 72 करोड़ की लागत से इन आईटीआई को बनाया जाएगा। अब तक 14 पाठ्यक्रमों की पढ़ाई हो रही थी। अब नए 11 पाठ्यक्रम और 23 शार्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। इससे जिले के छात्र-छात्राओं को इन कोर्सों के लिए बाहर पढ़ाई करने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। यहां से प्रतिवर्ष प्रशिक्षित होने वाले युवाओं को टाटा ग्रुप के साथ जॉब व अप्रेंटिसशिप कराने का भी मौका दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार और टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड यानी टीटीएल के मध्य हुए समझौते में आईआईटी सहकारी नगर और आईटीआई गुलावठी को चयनित किया गया है। इन दोनों आईटीआई को कौशलतम केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां वर्तमान में एक हजार छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यहां पर कुछ ही कोर्स संचालित हो रहे हैं। इनके भवन भी क्षतिग्रस्त होने की कगार पर पहुंच गए हैं। नए दौर में अब विभिन्न उद्योगों में अलग-अलग क्षमता वाले युवाओं की मांग बढ़ गई है। इसे देखते हुए अब दोनों आईटीआई में अगले एक साल में टीटीएल की ओर से 72 करोड़ की राशि से आधुनिक वर्कशॉप व स्मार्ट क्लास का निर्माण कराएगी। साथ ही आधुनिक मशीनें, उपकरण, सॉफ्टवेयर आदि का विकास भी किया जाएगा। इस तरह से एक आईटीआई को स्मार्ट बनाने के लिए 36 करोड़ की राशि खर्च किए जाने का प्रावधान है।
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जिले में हैं ठह सरकारी आईटीआई कालेज
जिले में छह सहकारी आईटीआई कालेज संचालित हैं। इनमें आईटीआई सहकारीनगर, अनूपशहर, गुलावठी, सैदपुर, जहांगीराबाद और सिकंदराबाद में संचालित हैं। इनमें प्रतिवर्ष 2400 प्रशिक्षुओं का प्रवेश होता है। सहकारीनगर में 800 और गुलावठी में 200 प्रशिक्षुओं का प्रवेश होता है। खुर्जा में एक आईटीआई कालेज का निर्माण जारी है और जल्द ही बनकर तैयार होने की बात कही जा रही है।
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यह मिलेंगी सुविधाएं
स्मार्ट बनने वाली दोनों आईटीआई में लंबे समय के बाद करीब 11 पाठ्यक्रमों में युवाओं को उपकरण, फ्रेमवर्क और सॉफ्टवेयर में कौशल प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान की जाएगी। साथ ही निर्माण प्रक्रिया नियंत्रण और रखरखाव, थ्री डी प्रिंटिंग, औद्योगिक रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रानिक वाहन, मूल डिजाइन के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा वाहन का रखरखाव, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन सीएडी/सीएएम, विभिन्न शटरिंग, प्लंबिंग और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र में करीब 23 शार्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे।
शासन की पहल पर कंपनी में नौकरी व ट्रेनिंग का भी मिलेगा मौका सहकारीनगर और गुलावठी आईटीआई का चयन प्रदेश सरकार और टीटीएल के माध्य हुए समझौते में हुआ है। नई वर्कशॉप और स्मार्ट क्लास बनाकर आधुनिक पाठ्यक्रमों को शुरू किया जाएगा। जिससे जिले के युवाओं को अच्छे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। एक आईटीआई पर 36 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस तरह से दोनों आईटीआई पर 72 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है - राजीव कुमार, प्रधानाचार्य, आईटीआई सहकारीनगर।
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बुलंदशहर। जिले के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। आईटीआई सहकारीनगर और गुलावठी को टाटा ग्रुप ने गोद ले लिया है। 72 करोड़ की लागत से इन आईटीआई को बनाया जाएगा। अब तक 14 पाठ्यक्रमों की पढ़ाई हो रही थी। अब नए 11 पाठ्यक्रम और 23 शार्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। इससे जिले के छात्र-छात्राओं को इन कोर्सों के लिए बाहर पढ़ाई करने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। यहां से प्रतिवर्ष प्रशिक्षित होने वाले युवाओं को टाटा ग्रुप के साथ जॉब व अप्रेंटिसशिप कराने का भी मौका दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार और टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड यानी टीटीएल के मध्य हुए समझौते में आईआईटी सहकारी नगर और आईटीआई गुलावठी को चयनित किया गया है। इन दोनों आईटीआई को कौशलतम केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां वर्तमान में एक हजार छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यहां पर कुछ ही कोर्स संचालित हो रहे हैं। इनके भवन भी क्षतिग्रस्त होने की कगार पर पहुंच गए हैं। नए दौर में अब विभिन्न उद्योगों में अलग-अलग क्षमता वाले युवाओं की मांग बढ़ गई है। इसे देखते हुए अब दोनों आईटीआई में अगले एक साल में टीटीएल की ओर से 72 करोड़ की राशि से आधुनिक वर्कशॉप व स्मार्ट क्लास का निर्माण कराएगी। साथ ही आधुनिक मशीनें, उपकरण, सॉफ्टवेयर आदि का विकास भी किया जाएगा। इस तरह से एक आईटीआई को स्मार्ट बनाने के लिए 36 करोड़ की राशि खर्च किए जाने का प्रावधान है।
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जिले में हैं ठह सरकारी आईटीआई कालेज
जिले में छह सहकारी आईटीआई कालेज संचालित हैं। इनमें आईटीआई सहकारीनगर, अनूपशहर, गुलावठी, सैदपुर, जहांगीराबाद और सिकंदराबाद में संचालित हैं। इनमें प्रतिवर्ष 2400 प्रशिक्षुओं का प्रवेश होता है। सहकारीनगर में 800 और गुलावठी में 200 प्रशिक्षुओं का प्रवेश होता है। खुर्जा में एक आईटीआई कालेज का निर्माण जारी है और जल्द ही बनकर तैयार होने की बात कही जा रही है।
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यह मिलेंगी सुविधाएं
स्मार्ट बनने वाली दोनों आईटीआई में लंबे समय के बाद करीब 11 पाठ्यक्रमों में युवाओं को उपकरण, फ्रेमवर्क और सॉफ्टवेयर में कौशल प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान की जाएगी। साथ ही निर्माण प्रक्रिया नियंत्रण और रखरखाव, थ्री डी प्रिंटिंग, औद्योगिक रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रानिक वाहन, मूल डिजाइन के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा वाहन का रखरखाव, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन सीएडी/सीएएम, विभिन्न शटरिंग, प्लंबिंग और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र में करीब 23 शार्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे।
शासन की पहल पर कंपनी में नौकरी व ट्रेनिंग का भी मिलेगा मौका सहकारीनगर और गुलावठी आईटीआई का चयन प्रदेश सरकार और टीटीएल के माध्य हुए समझौते में हुआ है। नई वर्कशॉप और स्मार्ट क्लास बनाकर आधुनिक पाठ्यक्रमों को शुरू किया जाएगा। जिससे जिले के युवाओं को अच्छे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। एक आईटीआई पर 36 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस तरह से दोनों आईटीआई पर 72 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है - राजीव कुमार, प्रधानाचार्य, आईटीआई सहकारीनगर।