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Bulandshahar News: वेंटिलेटर से आईसीयू में शिफ्ट हुईं संध्या
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खुर्जा के कैलाश अस्पताल में भर्ती अजय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
खुर्जा। नेशनल हाइवे-34 पर हुए सड़क हादसे में घायल 20 वर्षीय संध्या सात दिन बाद वेंटिलेटर से हटकर आईसीयू में शिफ्ट हो गई हैं। उनकी सांस और हृदय गति सही चल रही है लेकिन अभी उसको होश नहीं आया है।
एनएच-34 पर घटाल गांव के पास 25 अगस्त को तेज रफ्तार कंटेनर की टक्कर से ट्रैक्टर-ट्रॉली सवार 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक घायल हो गए थे।
इसमें दो लोग ज्यादा गंभीर हैं और अभी भी खुर्जा के कैलाश अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल के प्रबंधक प्रेम प्रकाश अरोरा ने बताया कि संध्या की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है हालांकि सोमवार को संध्या को वेंटिलेटर से हटाकर आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है। चिकित्सकों ने बताया कि संध्या के हाथ व उंगली हिल रही हैं लेकिन वह किसी बात को सुन नहीं रहीं।
अजय की कमजोर हुई याददाश्त
संध्या के मौसा 28 अगस्त को वेंटिलेटर से वार्ड में शिफ्ट हो गए थे लेकिन उनकी याददाश्त ठीक नहीं हो रही है। अजय के बहनोई रमेश ने बताया कि वह बीच-बीच में पहचान लेते हैं और बाद में भूल जाते हैं। भोजन करना व अन्य दैनिक क्रियाओं को करने की बात भी भूल जाते हैं। उनको बाई आंख से कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।
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खुर्जा। नेशनल हाइवे-34 पर हुए सड़क हादसे में घायल 20 वर्षीय संध्या सात दिन बाद वेंटिलेटर से हटकर आईसीयू में शिफ्ट हो गई हैं। उनकी सांस और हृदय गति सही चल रही है लेकिन अभी उसको होश नहीं आया है।
एनएच-34 पर घटाल गांव के पास 25 अगस्त को तेज रफ्तार कंटेनर की टक्कर से ट्रैक्टर-ट्रॉली सवार 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक घायल हो गए थे।
इसमें दो लोग ज्यादा गंभीर हैं और अभी भी खुर्जा के कैलाश अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल के प्रबंधक प्रेम प्रकाश अरोरा ने बताया कि संध्या की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है हालांकि सोमवार को संध्या को वेंटिलेटर से हटाकर आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है। चिकित्सकों ने बताया कि संध्या के हाथ व उंगली हिल रही हैं लेकिन वह किसी बात को सुन नहीं रहीं।
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अजय की कमजोर हुई याददाश्त
संध्या के मौसा 28 अगस्त को वेंटिलेटर से वार्ड में शिफ्ट हो गए थे लेकिन उनकी याददाश्त ठीक नहीं हो रही है। अजय के बहनोई रमेश ने बताया कि वह बीच-बीच में पहचान लेते हैं और बाद में भूल जाते हैं। भोजन करना व अन्य दैनिक क्रियाओं को करने की बात भी भूल जाते हैं। उनको बाई आंख से कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।
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