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1.28 करोड़ पौधों का पता नहीं, अब 43 लाख लगाने की तैयारी
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1.28 करोड़ पौधों का पता नहीं, अब 43 लाख लगाने की तैयारी
बुलंदशहर। पिछले पांच साल में जिले में 1.28 करोड़े पौधे रोपे गए हैं। इसमें से कितने पौधे जीवित हैं, इसकी जानकारी वन विभाग के पास नहीं है। हाल ही में वन विभाग ने अन्य विभागों से रोपित पौधों की रिपोर्ट मांगी थी लेकिन किसी ने रिपोर्ट नहीं दी। वन विभाग ने फिर से 43 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दे दिया है।
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 96 फीसदी पौधे जीवित हैं। जमीनी हकीकत बिलकुल अलग है। गत वर्ष नहर और जीटी रोड के किनारे रोपे गए अधिकतर पौधे नष्ट हो चुके हैं। पौधों की जियो टैगिंग करने का दावा किया गया था लेकिन विभाग ने टैगिंग नहीं की। पौधों को बचाने के लिए ट्री गार्ड लगाए जाने थे लेकिन अधिकतर पौधों पर नहीं लगाए गए। निराश्रित पशुओं ने भी काफी पौधों को लगाते ही नष्ट कर दिया था। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जहां पौधे नष्ट हुए हैं, नए लक्ष्य में उन स्थानों पर पौधों को रोपा जाएगा। संबंधित विभाग उसकी मॉनिटरिंग करेगा। जियो टैगिंग के माध्यम से पौधों की सुरक्षा की जाएगी। सोमवार को पड़ताल के दौरान पौधरोपण और उन्हें बचाने के लिए किए जा रहे दावों की पोल खुल गई।
पिछले पांच साल में रोपे गए पौधे
वर्ष - पौधों की संख्या
2017 - 12 लाख
2018 - 20 लाख
2019 - 25 लाख
2020 - 32 लाख
2021 - 39 लाख
-
पिछले वर्ष विभिन्न विभागों की ओर से रोपित पौधे
विभाग का नाम - रोपित किए गए पौधे
वन विभाग - 8,95000
ग्राम्य विकास विभाग - 13,73,800
औद्योगिक विकास विभाग - 5700
नगर विकास विभाग - 2900
लोक निर्माण विभाग - 19,400
कृषि विभाग - 2,69,300
पशुपालन विभाग - 4600
सहकारिता विभाग - 6300
उद्योग विभाग - 8000
ऊर्जा विभाग 4500
माध्यमिक शिक्षा - 3100
बेसिक शिक्षा - 3100
प्रावधिक शिक्षा - 5000
उच्च शिक्षा - 19,100
श्रम विभाग - 2300
स्वास्थ्य विभाग - 7900
परिवहन विभाग - 2300
रेलवे विभाग - 15,200
उद्यान विभाग - 1,72,200
गृह विभाग - 5700
राजस्व विभाग - 1,55,400
पंचायती राज विभाग- 1,55,400
पर्यावरण विभाग - 1,25,000
जल शक्ति मिशन - 9300
इस बार 43 लाख पौधों का लक्ष्य
विभाग का नाम - पौध रोपण का लक्ष्य
वन विभाग - 962386
पर्यावरण विभाग - 152166
ग्राम्य विकास विभाग - 1923320
आवास विकास विभाग - 7980
औद्योगिक विकास विभाग - 4060
नगर विकास विभाग - 27160
लोक निर्माण विभाग - 13020
सिंचाई विभाग - 13020
कृषि विभाग - 368980
पशुपालन विभाग - 6440
सहकारिता विभाग - 8820
उद्योग विभाग - 11200
विद्युत विभाग - 6300
माध्यमिक शिक्षा - 4400
बेसिक शिक्षा - 4400
प्राविधिक शिक्षा - 7000
उच्च शिक्षा - 26740
श्रम विभाग - 3220
स्वास्थ्य विभाग - 11060
परिवहन विभाग - 3220
रेलवे विभाग - 21280
रक्षा विभाग - 7980
उद्यान विभाग - 241128
पुलिस विभाग - 7980
राजस्व विभाग - 217560
पंचायतीराज विभाग - 217560
गन्ना विभाग - 10000
वन विभाग की ओर से रोपे गए पौधों में से 96 फीसदी पौधे सुरक्षित हैं। दूसरे विभागों की ओर से रोपे गए पौधों को बचाने की जिम्मेदारी उनकी होती है। विभाग इस बार वहां भी पौधे रोपित करेगा, जहां पर पौधे नष्ट हो गए हैं। जिले को हरा-भरा करने के लिए प्रयास लगातार जारी है। - विनीता सिंह, डीएफओ
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बुलंदशहर। पिछले पांच साल में जिले में 1.28 करोड़े पौधे रोपे गए हैं। इसमें से कितने पौधे जीवित हैं, इसकी जानकारी वन विभाग के पास नहीं है। हाल ही में वन विभाग ने अन्य विभागों से रोपित पौधों की रिपोर्ट मांगी थी लेकिन किसी ने रिपोर्ट नहीं दी। वन विभाग ने फिर से 43 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दे दिया है।
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 96 फीसदी पौधे जीवित हैं। जमीनी हकीकत बिलकुल अलग है। गत वर्ष नहर और जीटी रोड के किनारे रोपे गए अधिकतर पौधे नष्ट हो चुके हैं। पौधों की जियो टैगिंग करने का दावा किया गया था लेकिन विभाग ने टैगिंग नहीं की। पौधों को बचाने के लिए ट्री गार्ड लगाए जाने थे लेकिन अधिकतर पौधों पर नहीं लगाए गए। निराश्रित पशुओं ने भी काफी पौधों को लगाते ही नष्ट कर दिया था। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जहां पौधे नष्ट हुए हैं, नए लक्ष्य में उन स्थानों पर पौधों को रोपा जाएगा। संबंधित विभाग उसकी मॉनिटरिंग करेगा। जियो टैगिंग के माध्यम से पौधों की सुरक्षा की जाएगी। सोमवार को पड़ताल के दौरान पौधरोपण और उन्हें बचाने के लिए किए जा रहे दावों की पोल खुल गई।
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पिछले पांच साल में रोपे गए पौधे
वर्ष - पौधों की संख्या
2017 - 12 लाख
2018 - 20 लाख
2019 - 25 लाख
2020 - 32 लाख
2021 - 39 लाख
-
पिछले वर्ष विभिन्न विभागों की ओर से रोपित पौधे
विभाग का नाम - रोपित किए गए पौधे
वन विभाग - 8,95000
ग्राम्य विकास विभाग - 13,73,800
औद्योगिक विकास विभाग - 5700
नगर विकास विभाग - 2900
लोक निर्माण विभाग - 19,400
कृषि विभाग - 2,69,300
पशुपालन विभाग - 4600
सहकारिता विभाग - 6300
उद्योग विभाग - 8000
ऊर्जा विभाग 4500
माध्यमिक शिक्षा - 3100
बेसिक शिक्षा - 3100
प्रावधिक शिक्षा - 5000
उच्च शिक्षा - 19,100
श्रम विभाग - 2300
स्वास्थ्य विभाग - 7900
परिवहन विभाग - 2300
रेलवे विभाग - 15,200
उद्यान विभाग - 1,72,200
गृह विभाग - 5700
राजस्व विभाग - 1,55,400
पंचायती राज विभाग- 1,55,400
पर्यावरण विभाग - 1,25,000
जल शक्ति मिशन - 9300
इस बार 43 लाख पौधों का लक्ष्य
विभाग का नाम - पौध रोपण का लक्ष्य
वन विभाग - 962386
पर्यावरण विभाग - 152166
ग्राम्य विकास विभाग - 1923320
आवास विकास विभाग - 7980
औद्योगिक विकास विभाग - 4060
नगर विकास विभाग - 27160
लोक निर्माण विभाग - 13020
सिंचाई विभाग - 13020
कृषि विभाग - 368980
पशुपालन विभाग - 6440
सहकारिता विभाग - 8820
उद्योग विभाग - 11200
विद्युत विभाग - 6300
माध्यमिक शिक्षा - 4400
बेसिक शिक्षा - 4400
प्राविधिक शिक्षा - 7000
उच्च शिक्षा - 26740
श्रम विभाग - 3220
स्वास्थ्य विभाग - 11060
परिवहन विभाग - 3220
रेलवे विभाग - 21280
रक्षा विभाग - 7980
उद्यान विभाग - 241128
पुलिस विभाग - 7980
राजस्व विभाग - 217560
पंचायतीराज विभाग - 217560
गन्ना विभाग - 10000
वन विभाग की ओर से रोपे गए पौधों में से 96 फीसदी पौधे सुरक्षित हैं। दूसरे विभागों की ओर से रोपे गए पौधों को बचाने की जिम्मेदारी उनकी होती है। विभाग इस बार वहां भी पौधे रोपित करेगा, जहां पर पौधे नष्ट हो गए हैं। जिले को हरा-भरा करने के लिए प्रयास लगातार जारी है। - विनीता सिंह, डीएफओ
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