मर गई ममता: प्रेमी के साथ मिलकर बेटी को मारा डाला, शव नहर में फेंका; मछुआरों ने रेत में दफनाई दिव्यांशी की लाश
गंगनहर की लहरों में बहती साढ़े तीन साल की दिव्यांशी की नन्हीं लाश देखकर पत्थर भी पिघल जाए। जिस मां की गोद सबसे सुरक्षित जगह मानी जाती है, उसी मां ने अपनी ममता को कलंकित कर दिया।
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यूपी के बुलंदशहर स्थित नरौरा थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले गंगनहर में मिली चार वर्षीय मासूम दिव्यांशी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। दिव्यांशी की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसकी मां और उसके प्रेमी ने ही मिलकर की थी। दोनों ने बच्ची को मारने के बाद शव नहर में फेंक दिया और झूठा मुकदमा दर्ज कराकर दूसरों को फंसाने की कोशिश की। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
मछुआरों ने नहर में शव देखकर उसे वहीं रेती में दबा दिया
नरौरा थाना क्षेत्र में पीएलजीसी नहर में गत बुधवार सुबह चार साल की मासूम बच्ची का शव मिला है। मछली पकड़ने गए मछुआरों ने नहर में शव देखकर उसे वहीं रेती में दबा दिया था। जब गांव में चर्चा हुई, तो पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
'अपहरण कर उसकी हत्या कर दी'
शव की पहचान अहमदगढ़ की दिव्यांशी (4) निवासी मोहल्ला गढ़ीवाला थाना अहमदगढ़ के रूप में हुई है। जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो सामने से आया कि मृतका की मां सीमा ने 1 अक्टूबर 2025 को थाने में तहरीर दी थी कि ललतेश और अन्य लोगों ने उसकी साढ़े तीन साल की बेटी दिव्यांशी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी है। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
महिला के तीन बेटे और एक बेटी थी
पुलिस को तहरीर में दिए गए नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले। वहीं, जब पुलिस ने गहराई से छानबीन की तो सामने आया कि सीमा और उसका प्रेमी यतेन्द्र निवासी गांव अजीजाबाद थाना पहासू ही इस जघन्य अपराध के पीछे हैं। पूछताछ में महिला ने बताया कि उसका पति पहले ही गुजर चुका था और वह अब यतेन्द्र के साथ रह रही थी। उसके तीन बेटे और एक बेटी थी। तीनों बेटे बड़े थे, लेकिन दिव्यांशी छोटी थी और जब वह काम पर जाती थी तो वह उसे लेकर परेशान हो जाती थी।
मुंह दबाकर बेटी की हत्या की, शव को गंगनहर में फेंका
इसी बीच कस्बा अहमदगढ़ की एक महिला ललतेश और अन्य लोगों से उसका और यतेन्द्र का विवाद चल रहा था। उन्हें लगता था कि ये लोग उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाना चाहते हैं। इसलिए दोनों ने मिलकर दिव्यांशी की हत्या की योजना बनाई। योजना के तहत सीमा और यतेन्द्र ने मासूम दिव्यांशी का मुंह दबाकर उसकी हत्या की और शव को नरौरा गंगनहर में फेंक दिया। बाद में दोनों ने ललतेश व अन्य के खिलाफ फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराकर उन्हें फंसाने की कोशिश की। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त साक्ष्यों के साथ दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
मासूम की आखिरी चीख भी सुनने वाला कोई न था...
गंगनहर की लहरों में बहती साढ़े तीन साल की दिव्यांशी की नन्हीं लाश देखकर पत्थर भी पिघल जाए। जिस मां की गोद सबसे सुरक्षित जगह मानी जाती है, उसी मां ने अपनी ममता को कलंकित कर दिया। एक मासूम जिसने अभी ढंग से बोलना भी नहीं सीखा था, उसे दुनिया की सबसे बड़ी सजा दे दी गई 'मौत'। ना किसी से दुश्मनी, ना किसी का बुरा किया... फिर भी सजा ऐसी जो रूह तक को कंपा दे। इस घटना के बारे में जिसने भी सुना वह आरोपी मां को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग कर रहा है।
पुलिस का बयान
मामले की विवेचना में शुरू से ही संदेह था। गहनता से जांच करने पर सच्चाई सामने आई और मासूम की हत्या करने वाले असली आरोपी पकड़े गए। इस मामले में फर्जी तहरीर देने और निर्दोषों को फंसाने की कोशिश के लिए भी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. तेजवीर सिंह, एसपी देहात