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Bulandshahar News: पति और प्रेमी ने गोली मारकर की थी चंद्रवती की हत्या
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औरंगाबाद पुलिस द्वारा पकड़े गए महिला हत्या कांड के आरोपी।
- फोटो : BULANDSHAHR
पति और प्रेमी ने गोली मारकर की थी चंद्रवती की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। औरंगाबाद थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई महिला चंद्रवती की हत्या का बुधवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया है। प्रेमी और पति ने ही मिलकर चंद्रवती की हत्या की थी। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अवैध तमंचा भी बरामद कर लिया है। साथी दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि गत 27 जनवरी को औरंगाबाद के गांव बादशाहपुर तालाब निवासी बिजेंद्र ने सूचना दी थी कि उसकी पत्नी चंद्रवती गत 21 जनवरी को गांव के ही शिक्षा मित्र अजीत भाटी से अपने 1,47,000 रुपये व जेवरात लेने गई थी, जो वापस नहीं आई। उसका शव 26 जनवरी को दयाराम निवासी पौथ के ईख के खेत में मिला था। मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी साथ ही नामजद अजीत भाटी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसकी नामजदगी झूठी पाई गई। जबकि जांच में मृतका का पति बिजेंद्र उर्फ बाबू व उसके प्रेमी सिराजुद्दीन निवासी गांव बादशाहपुर तालाब के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बुधवार को बादशाहपुर तलाब के बाहर शनि मंदिर के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी सिराजुद्दीन की निशानदेही पर तमंचे को उसके घेर से बरामद किया गया है। आरोपियों ने पूछताछ पर बताया कि मृतका चंद्रवती के सिराजुद्दीन से अवैध संबंध थे और वह उससे शादी करना चाहती थी। सिराजुद्दीन ने मृतका के 1,47,000 रुपये भी ले लिये थे। 21 जनवरी को मृतका सिराजुद्दीन के पास आ गई तथा उसके साथ ही रहने की जिद करने लगी। बदनामी के डर से सिराजुद्दीन मृतका को जंगल में ले गया और कई दिन तक खेतों व ट्यूबवेल पर रखा। मृतका का पति बिजेंद्र उर्फ बाबू अपनी पत्नी के चरित्र के कारण गांव में हो रही बदनामी से परेशान था। सिराजुद्दीन मृतका से पीछा छुड़ाना चाहता था, क्योंकि वह पहले से शादीशुदा था। सिराजुद्दीन ने मृतका के पति बिजेंद्र के साथ मिलकर चंद्रवती को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। जिसके तहत 25 जनवरी की रात को सिराजुद्दीन ने बिजेंद्र के साथ मिलकर दयाराम निवासी पौथ के ईख के खेत में चंद्रवती की गोली मारकर हत्या कर दी तथा मौके से फरार हो गए।
21 जनवरी को महिला चंद्रवती खेत पर जाने के बहाने गायब हो गई थी। घटना के पांचवें दिन पति ने पत्नी के गायब होने का आरोप लगाते हुए लाखों के जेवरात ले जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। तहरीर में इस बात का भी जिक्र था की यदि मेरी पत्नी को कुछ हो गया तो उसका कोई लेनादेना नहीं है। तहरीर देने के चंद घंटो में महिला का शव बरामद हुआ था। अगले दिन पति ने गांव के ही शिक्षामित्र पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वो हत्या का राज नहीं उगल सका। एएसपी अनुकृति शर्मा की जांच में शिक्षा मित्र निर्दोष साबित हुआ था। महिला के गायब होने से लेकर मंगलवार दोपहर तक पति पुलिस को लगातार गुमराह करता चला आ रहा था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। औरंगाबाद थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई महिला चंद्रवती की हत्या का बुधवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया है। प्रेमी और पति ने ही मिलकर चंद्रवती की हत्या की थी। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अवैध तमंचा भी बरामद कर लिया है। साथी दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि गत 27 जनवरी को औरंगाबाद के गांव बादशाहपुर तालाब निवासी बिजेंद्र ने सूचना दी थी कि उसकी पत्नी चंद्रवती गत 21 जनवरी को गांव के ही शिक्षा मित्र अजीत भाटी से अपने 1,47,000 रुपये व जेवरात लेने गई थी, जो वापस नहीं आई। उसका शव 26 जनवरी को दयाराम निवासी पौथ के ईख के खेत में मिला था। मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी साथ ही नामजद अजीत भाटी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसकी नामजदगी झूठी पाई गई। जबकि जांच में मृतका का पति बिजेंद्र उर्फ बाबू व उसके प्रेमी सिराजुद्दीन निवासी गांव बादशाहपुर तालाब के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बुधवार को बादशाहपुर तलाब के बाहर शनि मंदिर के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी सिराजुद्दीन की निशानदेही पर तमंचे को उसके घेर से बरामद किया गया है। आरोपियों ने पूछताछ पर बताया कि मृतका चंद्रवती के सिराजुद्दीन से अवैध संबंध थे और वह उससे शादी करना चाहती थी। सिराजुद्दीन ने मृतका के 1,47,000 रुपये भी ले लिये थे। 21 जनवरी को मृतका सिराजुद्दीन के पास आ गई तथा उसके साथ ही रहने की जिद करने लगी। बदनामी के डर से सिराजुद्दीन मृतका को जंगल में ले गया और कई दिन तक खेतों व ट्यूबवेल पर रखा। मृतका का पति बिजेंद्र उर्फ बाबू अपनी पत्नी के चरित्र के कारण गांव में हो रही बदनामी से परेशान था। सिराजुद्दीन मृतका से पीछा छुड़ाना चाहता था, क्योंकि वह पहले से शादीशुदा था। सिराजुद्दीन ने मृतका के पति बिजेंद्र के साथ मिलकर चंद्रवती को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। जिसके तहत 25 जनवरी की रात को सिराजुद्दीन ने बिजेंद्र के साथ मिलकर दयाराम निवासी पौथ के ईख के खेत में चंद्रवती की गोली मारकर हत्या कर दी तथा मौके से फरार हो गए।
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21 जनवरी को महिला चंद्रवती खेत पर जाने के बहाने गायब हो गई थी। घटना के पांचवें दिन पति ने पत्नी के गायब होने का आरोप लगाते हुए लाखों के जेवरात ले जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। तहरीर में इस बात का भी जिक्र था की यदि मेरी पत्नी को कुछ हो गया तो उसका कोई लेनादेना नहीं है। तहरीर देने के चंद घंटो में महिला का शव बरामद हुआ था। अगले दिन पति ने गांव के ही शिक्षामित्र पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वो हत्या का राज नहीं उगल सका। एएसपी अनुकृति शर्मा की जांच में शिक्षा मित्र निर्दोष साबित हुआ था। महिला के गायब होने से लेकर मंगलवार दोपहर तक पति पुलिस को लगातार गुमराह करता चला आ रहा था।
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