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जनपद में धड़ल्ले से हो रही नकली कीटनाशक की बिक्री

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2019 11:18 PM IST
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जनपद में धड़ल्ले से हो रही नकली कीटनाशक की बिक्री
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बुलंदशहर। जनपद में नकली कीटनाशक की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। इससे विभागीय अफसर भी अंजान हैं। गांव अकबरपुर के किसानों की नकली कीटनाशक से धान की 21 बीघा फसल बर्बाद हो गई। किसानों की शिकायत पर एडीएम रवींद्र कुमार ने सोमवार को गांव पहुंचकर उनकी फसल का जायजा लिया और नुकसान की भरपाई का भरोसा दिया। पीड़ित किसान मंगलवार को उप कृषि निदेशक कार्यालय पहुंचे और मुआवजे की मांग की।
गांव अकबरपुर कलां के किसान नफीस, मजहर अब्बास, मुमताज अहमद, नफीस अहमद आदि ने डीएम और उप कृषि निदेशक को शिकायत देकर अवगत करवाया है कि उन्होंने धान की फसल में कीटनाशक का प्रयोग किया। इनका असर फसल में नहीं हुआ और अब उनकी धान की फसल को कीड़े के प्रकोप ने बर्बाद कर दिया है। जबकि उन्हें आस थी कि इस बार फसल अच्छी होगी तो आमदनी होने से परिवार का पालन-पोषण सही होगा, लेकिन नकली कीटनाशक के प्रयोग ने उनकी 21 बीघा से अधिक फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने बताया कि उनकी शिकायत पर एडीएम रवींद्र कुमार ने सोमवार को उनके खेतों का निरीक्षण किया था और मुआवजा दिलवाने का भरोसा दिया था। अब वह अपनी शिकायत लेकर उप कृषि निदेशक से मुलाकात करने पहुंचे, ताकि उन्हें फसल बर्बादी का मुआवजा मिल सके। इन किसानों का कहना है कि एडीएम के साथ लेखपाल आदि भी आए थे और अभी तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। इसके चलते वह अब उप कृषि निदेशक कार्यालय पहुंचे। जहां पर अपनी फसल बर्बादी के बारे में अफसरों को अवगत करवाया। किसानों की मांग है कि उनकी फसल बर्बादी का मुआवजा मिले और नकली कीटनाशक देने वाले दुकानदार पर कार्रवाई हो। इन किसानों ने उप कृषि निदेशक से अभी तक उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ न मिलने की भी शिकायत की।
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अफसरों की अनदेखी से चल रहा खेल
जनपद में इस बार एक लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि में धान की फसल उगाई गई है। इसके लिए किसानों ने बड़ी मात्रा में कीटनाशक आदि का भी प्रयोग किया। एक तो दुकानदारों ने किसानों को कीटनाशक खरीदने पर रसीद दी और दूसरा नकली कीटनाशक बेचने का भी धंधा खूब किया। दुकानदारों की मनमानी इसलिए भी जारी रही कि संबंधित अफसरों ने निरीक्षण तक नहीं किया। यही कारण रहा कि अधिकारियों की अनदेखी से यह खेल चलता रहा और दुकानदारों ने खूब चांदी काटी। यह अलग बात रही कि अफसर कार्यालय में बैठकर कागजी आदेश जरूर जारी करते रहे, लेकिन किसी भी दुकानदार पर कार्रवाई करना तो दूर अभी तक नकली कीटनाशक बेचने का एक भी मामला उजागर नहीं कर पाए हैं।
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कोट
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। किसानों की मुझसे मुलाकात नहीं हो सकी है। यदि ऐसा मामला है तो इसका पता करवाया जाएगा। साथ ही मामला सही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और किसानों को फसल बर्बादी का मुआवजा दिलवाया जाएगा। - आरपी चौधरी, उप कृषि निदेशक, बुलंदशहर।
आम की फसल में गुजिया और मिज कीट का प्रकोप
फोटो समाचार
- जनपद में 12 हजार से अधिक हेक्टेयर आम के बागों को कीट से बढ़ा खतरा
- जिला उद्यान अधिकारी ने आम उत्पादक किसानों को दिए बचाव के टिप्स
माई सिटी रिपोर्टर
बुलंदशहर। इस समय आम की फसल में गुजिया और मिज कीट का प्रकोप बढ़ गया है। इसके चलते जनपद में 12 हजार हेक्टेयर से अधिक आम के बाग में कीट का खतरा बढ़ने से नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। जिला उद्यान अधिकारी ने आम उत्पादक किसानों को इससे बचाव के टिप्स दिए हैं।

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह ने बताया कि आम की फसल में इस समय गुजिया और मिज कीट का प्रकोप बढ़ने लगा है। गुजिया कीट के शिशु जमीन से निकल कर पेड़ों पर चढ़ जाते हैं। यह कीट मुलायम पत्तियों को चट कर जाते हैं। इससे निजात पाने के लिए बाग की निराई-गुड़ाई करनी जरूरी है। साथ ही कीटनाशक दवाओं का प्रयोग भी किया जा सकता है। इसी प्रकार मिज कीट का भी प्रकोप आम की फसल पर होने की संभावना प्रबल हो रही है। यह कीट आम के बौर को नुकसान पहुंचाता है। इससे आम के बाग को बचाने के लिए निराई-गुड़ाई के साथ कीटनाशक का प्रयोग करने से निजात पाई जा सकती है। आम उत्पादक किसान इन कीटों से आम के बाग को बचाने के लिए कीटनाशक आदि की जानकारी विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी हासिल कर सकते हैं। जनपद में सबसे अधिक आम के बाग स्याना क्षेत्र में हैं। इस क्षेत्र के आम जनपद के अलावा दूसरे जनपदों और कई प्रदेशों में भी मशहूर हैं। यहां से आम दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान आदि को भी सप्लाई किया जाता है। यहां के आम उत्पादक किसान भी लगातार कई तरह की प्रजातियों के आम का उत्पादन करने के लिए आगे रहते हैं।
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