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भाई दूज : मंगल तिलक के लिए चार शुभ मुहूर्त, पहला सुबह 11.48 से
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भाई दूज : मंगल तिलक के लिए चार शुभ मुहूर्त, पहला सुबह 11.48 से
बुलंदशहर। भाई दूज शनिवार को है। भैयादूज के दिन बहनें भाई को तिलक कर उनके उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की कामना करेंगी। इसके इस बार भाई दूज पर चार शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। पहला शुभ मुहूर्त अभिजीत योग में सुबह 11.48 से दोपहर 12.33 तक रहेगा।
भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक माना जाने वाला यह त्योहार छह नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन यमुना स्नान करना शुभ माना जाता है। इस दिन बहनें भाइयों को टीका करती हैं और भाई उन्हें उपहार भेंट करते हैं। बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाए जाने वाला त्योहार को भाई दूज या भैयादूज, भाई टीका, यम द्वितीया, भ्रातृ द्वितीया आदि नामों से भी जाना जाता है। इस त्योहार के पीछे एक किंवदंती है कि यम देवता ने अपनी बहन यमी यानि यमुना को इसी दिन दर्शन दिए थे। जो बहुत दिन से उनसे मिलने के लिए तरस रही थीं। यमी अपने घर भाई को देखकर काफी खुश हुईं। यम ने खुश होकर अपनी बहन को वरदान दिया कि इस दिन यदि भाई-बहन एक साथ यमुना नदी में स्नान करेंगे तो उनकी मुक्ति होगी। इस दिन भाई-बहन द्वारा यमुना नदी में स्नान करने का बड़ा महत्व माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित राज शर्मा ने बताया कि भाई दूज पर इस बार चार मुहूर्त बन रहे हैं। पहला शुभ मुहूर्त अभिजीत योग जो सुबह 11.48 से दोपहर 12.33 तक रहेगा। इसके बाद दूसरा चर योग दोपहर 12.10 से 01.34 बजे तक रहेगा। इसके बाद तीसरा लाभ योग का शुभ मुहूर्त दोपहर 01.34 से 02.58 बजे तक रहेगा। जबकि चौथा यानी अमृत योग का शुभ मुहूर्त दोपहर बाद 02.58 बजे से शुरू होकर शाम 04.21 बजे तक रहेगा। इस दौरान बहनें अपने भाई को तिलक कर सकेंगी। शुक्रवार को बहनों ने बाजार में जाकर भाई को टीका करने के लिए गोला आदि की खरीदारी की।
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बुलंदशहर। भाई दूज शनिवार को है। भैयादूज के दिन बहनें भाई को तिलक कर उनके उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की कामना करेंगी। इसके इस बार भाई दूज पर चार शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। पहला शुभ मुहूर्त अभिजीत योग में सुबह 11.48 से दोपहर 12.33 तक रहेगा।
भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक माना जाने वाला यह त्योहार छह नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन यमुना स्नान करना शुभ माना जाता है। इस दिन बहनें भाइयों को टीका करती हैं और भाई उन्हें उपहार भेंट करते हैं। बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाए जाने वाला त्योहार को भाई दूज या भैयादूज, भाई टीका, यम द्वितीया, भ्रातृ द्वितीया आदि नामों से भी जाना जाता है। इस त्योहार के पीछे एक किंवदंती है कि यम देवता ने अपनी बहन यमी यानि यमुना को इसी दिन दर्शन दिए थे। जो बहुत दिन से उनसे मिलने के लिए तरस रही थीं। यमी अपने घर भाई को देखकर काफी खुश हुईं। यम ने खुश होकर अपनी बहन को वरदान दिया कि इस दिन यदि भाई-बहन एक साथ यमुना नदी में स्नान करेंगे तो उनकी मुक्ति होगी। इस दिन भाई-बहन द्वारा यमुना नदी में स्नान करने का बड़ा महत्व माना जाता है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित राज शर्मा ने बताया कि भाई दूज पर इस बार चार मुहूर्त बन रहे हैं। पहला शुभ मुहूर्त अभिजीत योग जो सुबह 11.48 से दोपहर 12.33 तक रहेगा। इसके बाद दूसरा चर योग दोपहर 12.10 से 01.34 बजे तक रहेगा। इसके बाद तीसरा लाभ योग का शुभ मुहूर्त दोपहर 01.34 से 02.58 बजे तक रहेगा। जबकि चौथा यानी अमृत योग का शुभ मुहूर्त दोपहर बाद 02.58 बजे से शुरू होकर शाम 04.21 बजे तक रहेगा। इस दौरान बहनें अपने भाई को तिलक कर सकेंगी। शुक्रवार को बहनों ने बाजार में जाकर भाई को टीका करने के लिए गोला आदि की खरीदारी की।
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