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मां की गोद से छिटककर ट्रक से कुचला मासूम

Sun, 13 Mar 2016 01:40 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Sun, 13 Mar 2016 01:40 AM IST
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The truck ran over her mother's lap Chitkkr innocent
बच्‍चचे की मां
जन्मदिन समारोह में शामिल होने रुद्रपुर जा रहे दंपति की बाइक को पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी। इससे जहां दंपति गंभीर रूप से घायल हुए वहीं मां की गोद से छिटककर दो साल का बच्चा ट्रक के नीचे आ गया। हादसे के बाद अनियंत्रित ट्रक खाई में उतरा तो चालक और क्लीनर भाग निकले। 
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फतेहगंज पश्चिमी के गांव मिढौली अगरास निवासी सुरेश गंगवार अपनी पत्नी सरिता के साथ बाइक पर सवार होकर अपने साले शैलेंद्र के यहां रुद्रपुर जा रहे थे। वहां उन्हें एक बच्चे के जन्मदिन समारोह में शामिल होना था। सरिता की गोद में दो साल का बेटा कुलदीप बैठा था। नैनीताल हाइवे पर ग्राम जाम के सामने शनिवार शाम चार बजे पीछे से आ रहे बेकाबू ट्रक ने इनकी बाइक को टक्कर मार दी। इससे अनियंत्रित बाइक सड़क की बायीं ओर जा गिरी। पति पत्नी को चोटें आईं। इस बीच झटके के साथ सरिता की गोद से कुलदीप सड़क पर जा गिरा और बेकाबू ट्रक के पहिये के नीचे आकर बुरी तरह कुचल गया। हादसे से ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में चला गया। ट्रक चालक व हेल्पर भाग खडे़ हुए। दंपति दौड़कर कुलदीप के शव के पास पहुंचे और उसका हाल देखकर बेसुध हो गए। राहगीरो की भीड़ लग गई। राहगीर महिलाओं ने सरिता को संभालने की कोशिश की। इंस्पेक्टर अजय कुमार श्रोतिया मौके पर पहुंचे। शव के अवशेष सील कर बरेली भेजे गए। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया। 
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शव के टुकडे़ की हालत देख बदहवास हो गई सरिता
सरिता के दो पुत्र हैं। सुबह नौ बजे उनके भाई शैलेंद्र का फोन आया कि कार्यक्रम शाम को होगा लेकिन वह टाइम से आ जाये। सरिता अपने तीन साल के पुत्र अंश को ससुराल छोड़ आई। चूंकि कुलदीप छोटा था और उसने मां के साथ जाने की जिद की तो उसे लेकर वह पति के साथ चल दी। हालांकि इस हादसे ने उसे जीवन भर कर दर्द दे दिया। उसकी हालत बिल्कुल पागलों जैसी हो गई थी। वह बार बार अपने लाल के शव के पास जाती और सड़क पर सिर पटककर रोने लगती। बोली कि अभी इज्जतनगर में उसने बेटे को दूध खरीदकर पिलाया था। सुरेश का हाल भी खराब था। इंस्पेक्टर के कंधे पर सिर रखकर वह यही कह रहे थे कि आंगन में कुलदीप ने उनकी अंगुली पकड़कर चलना सीखा था। सुबह ही फतेहगंज की बाजार से उसके लिए नए कपड़े लाया था। पता नहीं विधाता ने क्यों उनके लाल को उनसे छीन लिया ।
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