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Barabanki News: गांव-गिरांव के नन्हे वैज्ञानिकों ने रचा नवाचार का कीर्तिमान, 3,174 आइडिया दर्ज
Mon, 12 Oct 2026 02:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 12 Oct 2026 02:15 AM IST
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- कवेन्द्र नाथ पांडेय
बाराबंकी। गांव-गिरांव की माटी में पल रहे नन्हे वैज्ञानिक अब अपने नवाचारों से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। पराली प्रबंधन, जल संरक्षण, स्मार्ट सेफ्टी और फसलों की सुरक्षा जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने नए विचार प्रस्तुत किए हैं। इन्स्पायर मानक योजना के तहत जिले के कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों ने कुल 3174 नवाचारी विचार ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराए हैं। इन प्रयासों के चलते प्रदेश को देश में पहला स्थान मिला है।
जिले के 716 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने शिक्षकों के मार्गदर्शन में अपने आइडिया पोर्टल पर अपलोड किए। इनमें बेसिक शिक्षा परिषद के 468 विद्यालयों से 1956 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 248 विद्यालयों से 1218 प्रविष्टियां शामिल हैं। विद्यार्थियों ने स्थानीय समस्याओं को ध्यान में रखकर उनके समाधान सुझाए हैं।
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योजना के नोडल शिक्षक दिनेश कुमार वर्मा ने बताया कि शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग से विद्यार्थियों ने रिकॉर्ड संख्या में अपने विचार दर्ज कराए हैं। अभी विद्यार्थियों ने पोर्टल पर आइडिया प्रस्तुत किए हैं। इनमें चयनित होने वाले बाल वैज्ञानिकों को मॉडल तैयार करने के लिए सरकार की ओर से 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके बाद उन्हें जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपने नवाचार प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
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पराली प्रबंधन से स्मार्ट सेफ्टी तक पर जोर
विद्यार्थियों ने पराली निस्तारण, वेस्ट मैनेजमेंट, स्मार्ट सेफ्टी, वाटर हार्वेस्टिंग और फसलों को बचाने के लिए सोलर फेंसिंग जैसे विषयों पर विचार प्रस्तुत किए हैं। इन नवाचारों में पर्यावरण संरक्षण, किसानों की समस्याओं और रोजमर्रा की जरूरतों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया है।
ब्लॉकवार आंकड़ों में बंकी ब्लॉक 285 प्रविष्टियों के साथ पहले स्थान पर रहा। यहां के 57 विद्यालयों ने हिस्सा लिया। फतेहपुर के 54 विद्यालयों से 230 और देवा के 52 विद्यालयों से 218 विचार दर्ज हुए। निंदूरा के 48 विद्यालयों से 208, सिरौलीगौसपुर के 36 से 162 और सिद्धौर के 32 विद्यालयों से 153 प्रविष्टियां आईं।
मसौली के 32 विद्यालयों से 133, हरख के 33 से 114, रामनगर के 29 से 107, त्रिवेदीगंज के 25 से 106 और हैदरगढ़ के 23 विद्यालयों से 80 विचार दर्ज किए गए। वहीं, सूरतगंज से 38, बनीकोडर से 34, दरियाबाद से 27, नगर क्षेत्र से 22 और पूरेडलई से 21 प्रविष्टियां मिलीं।
राष्ट्रीय स्तर पर चमके पूजा और कृष्णा
जिले के बाल वैज्ञानिक पूजा पाल और कृष्णा कन्नौजिया के मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर सराहे जा चुके हैं। पूजा ने किसानों को थ्रेसिंग के दौरान उड़ने वाली धूल से बचाने के लिए धूल रहित थ्रेशर का मॉडल बनाया था। वहीं, कृष्णा ने ऊंचाई पर लगी खिड़कियों को नीचे से ही खोलने और बंद करने के लिए हाइट विंडोज ओपनर-क्लोजर सिस्टम तैयार किया था। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से सम्मान प्राप्त कर चुके इन विद्यार्थियों की उपलब्धियां जिले के अन्य बच्चों को भी नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
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इन्स्पायर मानक योजना बच्चों में वैज्ञानिक चेतना जगाने का सशक्त माध्यम है। जिले के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के मेधावी बच्चों ने बेहतर प्रयास कर नवाचार प्रस्तुत किए हैं। चयनित बाल वैज्ञानिकों को आगे की प्रतियोगिताओं के लिए विभाग से पूरी मदद दी जाएगी।
-अमिता सिंह, डीआईओएस