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Barabanki News: सूरज ने तपाया, बिजली की आवाजाही ने रुलाया
Fri, 31 May 2024 02:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 31 May 2024 02:49 AM IST
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बाराबंकी। 42 डिग्री तापमान के बीच बृहस्पतिवार को दोपहर बाद छाई हल्की बदली भी सूरज की तपन से लोगों को राहत नहीं दिला सकी। दिन का अधिकतम पारा जहां 42 डिग्री रहा वहीं न्यून्तम पारा भी 30 डिग्री तक पहुंच गया। ऐसे में उमस भरी गर्मी के बीच बिजली की आवाजाही ने लोगों को रात में सोने तक नहीं दिया। बढ़ती मांग के कारण ओवरलोड ट्रांसफार्मर फूंकने व जंपर उड़ने के कारण अघोषित बिजली संकट ने भी लोगों का जीना मुहाल कर दिया।
बृहस्पतिवार को जिले में अधिकतम तापमान औसत से तीन डिग्री ज्यादा 42 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान बढ़कर 30 डिग्री पहुंच गया। न्यूनतम तापमान भी औसत से 3.5 डिग्री ज्यादा रहा। सुबह से ही सूरज की तपिश शरीर को जलाने लगी थी। हालांकि, दोपहर बाद आंशिक रूप से बदली छाई, लेकिन उससे भी भीषण गर्मी से कोई राहत नहीं मिल सकी। भीषण गर्मी के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में शहर के मुकाबले पारा 1 से 2 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में मौसम शुष्क बने रहने व तेज गर्म हवाएं चलने की उम्मीद जताई है।
दूसरी तरफ भीषण गर्मी के बीच जिले में बिजली संकट ने भी लोगों की परेशानी को बढ़ाए रखा। ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर फुंकने व लाइन फाल्ट के कारण जहां शहर में सात से आठ घंटे तक कटौती रही है तो वही ग्रामीण इलाकों में अघोषित तौर पर 14 से 17 घंटे तक बिजली गुल रही। इससे दिन में कारोबार व दुकान का संचालन तो दूर लोगों का रात का सोना तक मुहाल हो गया। कई घंटे तक बिजली गुल रहने से इनवर्टर तक जवाब दे गए। इस दौरान गर्मी से परेशान लोगों में गहरा रोष भी दिखा।
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सामान्य दिनों में जिले के पांच डिवीजनाें बाराबंकी, रामसनेहीघाट, हैदरगढ़, फतेहपुर व रामनगर में रोजाना 190 से 200 मेगावाट एम्पीयर बिजली की मांग होती है मगर मौजूदा समय में बिजली की मांग 265 से 270 मेगावाट एम्पीयर तक पहुंच गई है। इस कारण कोई भी ट्रांसफार्मर लोड नहीं उठा पा रहा है। शहर में बुधवार की शाम छह बजे से ही आवास विकास, अभयनगर, लखपेड़ाबाग, बाल विहार कॉलोनी, ग्रीडगंज, जिन्हौली, ककरहिया, पैसार, पल्हरी आदि क्षेत्रों में बिजली की आवाहाजी शुरू हुई। लोग जब रात का सोने की तैयारी कर रहे थे तो हर 20 से 30 मिनट मेें बिजली आधे घंटे के लिए गुल होती रही। लोग सो नहीं पाए। पूरी रात जेई व लाइनमैन के मोबाइल व्यस्त रहे। अधीक्षण अभियंता मनोज सोनकर का कहना है कि गर्मी में खपत बढ़ने से समस्या आ रही है। ओवरलोड को नियंत्रित कर निर्बाध बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है।
कस्बे के मोहल्ला नालापार दक्षिणी, नालापार उत्तरी व मोहल्ला ब्राम्हणी टोला में ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण बुधवार की रात से लेकर बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। करीब चार हजार आबादी को रात जागकर गुजारनी पड़ी। दरियाबाद बिजली उपकेंद्र के अंर्तगत आने वाले लगभग 70 गांवों सहित नगर पंचायत के 13 वार्डो में अघोषित कटौती से सोना मुहाल हो गया है। रात में छह से सात घंटे अघोषित कटौती हो रही है।
भिलवल उपकेंद्र से जुड़े गांव मौलाबाद, दौलतपुर, बहेटा, इंदई का पुरवा में बुधवार की रात डेढ़ बजे कटी बिजली बृहस्पतिवार रात आठ बजे तक बहाल नहीं हुई। गनहरी, बड़वल गांव में लो-वोल्टेज की समस्या रही। असंद्रा, सिद्धौर क्षेत्र में मात्र आठ घंटे ही बिजली मिली।
उपकेंद्र सूरतगंज में जिगनी, हेतमापुर, मोहम्मदपुर खाला, रानीगंज व सुढियामऊ पांच फीडर से करीब ढाई सौ गांव जुड़े हैं। बुधवार रात से गुरुवार की दोपहर कुल आठ घंटे ही बिजली मिल सकी।
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बृहस्पतिवार को जिले में अधिकतम तापमान औसत से तीन डिग्री ज्यादा 42 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान बढ़कर 30 डिग्री पहुंच गया। न्यूनतम तापमान भी औसत से 3.5 डिग्री ज्यादा रहा। सुबह से ही सूरज की तपिश शरीर को जलाने लगी थी। हालांकि, दोपहर बाद आंशिक रूप से बदली छाई, लेकिन उससे भी भीषण गर्मी से कोई राहत नहीं मिल सकी। भीषण गर्मी के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में शहर के मुकाबले पारा 1 से 2 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में मौसम शुष्क बने रहने व तेज गर्म हवाएं चलने की उम्मीद जताई है।
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दूसरी तरफ भीषण गर्मी के बीच जिले में बिजली संकट ने भी लोगों की परेशानी को बढ़ाए रखा। ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर फुंकने व लाइन फाल्ट के कारण जहां शहर में सात से आठ घंटे तक कटौती रही है तो वही ग्रामीण इलाकों में अघोषित तौर पर 14 से 17 घंटे तक बिजली गुल रही। इससे दिन में कारोबार व दुकान का संचालन तो दूर लोगों का रात का सोना तक मुहाल हो गया। कई घंटे तक बिजली गुल रहने से इनवर्टर तक जवाब दे गए। इस दौरान गर्मी से परेशान लोगों में गहरा रोष भी दिखा।
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सामान्य दिनों में जिले के पांच डिवीजनाें बाराबंकी, रामसनेहीघाट, हैदरगढ़, फतेहपुर व रामनगर में रोजाना 190 से 200 मेगावाट एम्पीयर बिजली की मांग होती है मगर मौजूदा समय में बिजली की मांग 265 से 270 मेगावाट एम्पीयर तक पहुंच गई है। इस कारण कोई भी ट्रांसफार्मर लोड नहीं उठा पा रहा है। शहर में बुधवार की शाम छह बजे से ही आवास विकास, अभयनगर, लखपेड़ाबाग, बाल विहार कॉलोनी, ग्रीडगंज, जिन्हौली, ककरहिया, पैसार, पल्हरी आदि क्षेत्रों में बिजली की आवाहाजी शुरू हुई। लोग जब रात का सोने की तैयारी कर रहे थे तो हर 20 से 30 मिनट मेें बिजली आधे घंटे के लिए गुल होती रही। लोग सो नहीं पाए। पूरी रात जेई व लाइनमैन के मोबाइल व्यस्त रहे। अधीक्षण अभियंता मनोज सोनकर का कहना है कि गर्मी में खपत बढ़ने से समस्या आ रही है। ओवरलोड को नियंत्रित कर निर्बाध बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है।
कस्बे के मोहल्ला नालापार दक्षिणी, नालापार उत्तरी व मोहल्ला ब्राम्हणी टोला में ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण बुधवार की रात से लेकर बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। करीब चार हजार आबादी को रात जागकर गुजारनी पड़ी। दरियाबाद बिजली उपकेंद्र के अंर्तगत आने वाले लगभग 70 गांवों सहित नगर पंचायत के 13 वार्डो में अघोषित कटौती से सोना मुहाल हो गया है। रात में छह से सात घंटे अघोषित कटौती हो रही है।
भिलवल उपकेंद्र से जुड़े गांव मौलाबाद, दौलतपुर, बहेटा, इंदई का पुरवा में बुधवार की रात डेढ़ बजे कटी बिजली बृहस्पतिवार रात आठ बजे तक बहाल नहीं हुई। गनहरी, बड़वल गांव में लो-वोल्टेज की समस्या रही। असंद्रा, सिद्धौर क्षेत्र में मात्र आठ घंटे ही बिजली मिली।
उपकेंद्र सूरतगंज में जिगनी, हेतमापुर, मोहम्मदपुर खाला, रानीगंज व सुढियामऊ पांच फीडर से करीब ढाई सौ गांव जुड़े हैं। बुधवार रात से गुरुवार की दोपहर कुल आठ घंटे ही बिजली मिल सकी।