{"_id":"62c3380dabafb86f3617c37c","slug":"school-vehicle-barabanki-news-lko638159885","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूली वाहनों की धरपकड़ के लिए एआरटीओ ने गठित की टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूली वाहनों की धरपकड़ के लिए एआरटीओ ने गठित की टीम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। स्कूूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर नवागत एआरटीओ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। फिटनेस न कराने के अलावा अन्य कमियों को लेकर पहले ही 328 स्कूली वाहनों का पंजीकरण निलंबित किया जा चुका है। निलंबित वाहनों का प्रयोग बच्चों को ढोने में न किया जाए, इसको लेकर एआरटीओ ने एक जांच टीम गठित की है। जो सुबह और दोपहर में स्कूल छूटने के समय स्कूली वाहनों की जांच करेगी।
जिले में 906 स्कूली वाहन बस व वैन के रूप में पंजीकृत हैं। बीते अप्रैल माह में गाजियाबाद में हुए हादसे के बाद स्कूली वाहनों की छानबीन शुरू हुई थी। तब यह बात सामने आई कि जिले में करीब 350 वाहनों का फिटनेस नहीं था। कुछ स्कूली वाहनों का तो तीन-चार साल से फिटनेस नहीं था।
इसे लेकर एआरटीओ ने जब सख्ती बरतना शुरू किया तो करीब दो दर्जन वाहनों का फिटनेस कराया गया। डीएम के निर्देश के बाद एआरटीओ ने 328 स्कूली वाहनों का पंजीकरण निलंबित करते हुए इन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया था। स्कूल खुले तो स्कूल संचालकों ने सिर्फ 25 स्कूली वाहनों का फिटनेस कराया।
विज्ञापन
शेष 303 स्कूली वाहनों का फिटनेस नहीं कराया गया। इन निलंबित वाहनों की निगरानी के लिए एआरटीओ ने अब जांच टीम गठित की है। यह टीम सुबह और दोपहर में स्कूली वाहनों की जांच करेगी। ब्लैक लिस्ट वाले एक भी वाहन छात्रों को लाते या ले जाते मिले तो उन्हें सीज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिन स्कूली वाहनों का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है, जांच में अगर वह उन्हीं वाहनों में बच्चे ढोते पाए गए तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
-अंकिता शुक्ला, एआरटीओ प्रशासन
विज्ञापन
जिले में 906 स्कूली वाहन बस व वैन के रूप में पंजीकृत हैं। बीते अप्रैल माह में गाजियाबाद में हुए हादसे के बाद स्कूली वाहनों की छानबीन शुरू हुई थी। तब यह बात सामने आई कि जिले में करीब 350 वाहनों का फिटनेस नहीं था। कुछ स्कूली वाहनों का तो तीन-चार साल से फिटनेस नहीं था।
विज्ञापन
इसे लेकर एआरटीओ ने जब सख्ती बरतना शुरू किया तो करीब दो दर्जन वाहनों का फिटनेस कराया गया। डीएम के निर्देश के बाद एआरटीओ ने 328 स्कूली वाहनों का पंजीकरण निलंबित करते हुए इन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया था। स्कूल खुले तो स्कूल संचालकों ने सिर्फ 25 स्कूली वाहनों का फिटनेस कराया।
विज्ञापन
शेष 303 स्कूली वाहनों का फिटनेस नहीं कराया गया। इन निलंबित वाहनों की निगरानी के लिए एआरटीओ ने अब जांच टीम गठित की है। यह टीम सुबह और दोपहर में स्कूली वाहनों की जांच करेगी। ब्लैक लिस्ट वाले एक भी वाहन छात्रों को लाते या ले जाते मिले तो उन्हें सीज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिन स्कूली वाहनों का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है, जांच में अगर वह उन्हीं वाहनों में बच्चे ढोते पाए गए तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
-अंकिता शुक्ला, एआरटीओ प्रशासन