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Barabanki News: नया आने से गिरे पुराने आलू के दाम, किसान परेशान
Mon, 24 Nov 2025 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 24 Nov 2025 12:08 AM IST
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देवा। बाजार में नया आलू आ जाने के कारण पुराने आलू के दाम गिर गए हैं। बोने के लिए बीज के रूप में आलू की मांग लगभग समाप्त हो चुकी है। ऐसे में शीत गृहों में रखे आलू के भाव भी तेजी से आ रही गिरावट ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। 15 दिन पहले जब आलू की बोआई शुरू हुई तो दाम 16 सौ रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे, जो अब गिरकर एक हजार रुपये से भी नीचे आ गए हैं।
देवा-फतेहपुर क्षेत्र को पोटैटो बेल्ट के रूप में जाना जाता है। यहां पर बड़े पैमाने पर आलू का उत्पादन होता है। यहां के लाल आलू (राजेंद्र वन) की मांग देश की हर प्रमुख आलू मंडी में होती है। इस बार पूरे जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू बोया गया। 70 हजार मीट्रिक टन के करीब आलू का उत्पादन हुआ। 91 प्रतिशत भंडारण इलाके के 80 शीतगृहों में किया गया। इसी हफ्ते आलू के भाव में भारी गिरावट आई है। वर्तमान समय 900 रुपये क्विंटल का गीला व 1000 रुपये बिल्टी का भाव है।
आलू व्यापारी राशिद राईन ने बताया कि पंजाब प्रांत के उना, होशियारपुर, मोगा सहित कन्नौज के ठटिया क्षेत्र में नए आलू की फसल बाजार में आ रही है। इसलिए खाने के लिए पुराने आलू की अपेक्षा लोग नए आलू को खरीदने लगे हैं। बीज के लिए आलू की जरूरत लगभग समाप्त हो गई है। मगर अभी भी करीब 10 लाख क्विंटल यानि 20 लाख बोरी आलू भंडारित है। आलू व्यापारी दीपक सिंह ने बताया कि उन्होंने अपना आलू नवंबर माह तक इसलिए रोक कर रखा था कि सगालग में आलू की डिमांड बढ़ेगी। लेकिन पंजाब का नया आलू आने से यहां के पुराने आलू की मांग घट गई। ऐसे में आलू को औने-पौने भाव में बेचना पड़ रहा है।
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देवा-फतेहपुर क्षेत्र को पोटैटो बेल्ट के रूप में जाना जाता है। यहां पर बड़े पैमाने पर आलू का उत्पादन होता है। यहां के लाल आलू (राजेंद्र वन) की मांग देश की हर प्रमुख आलू मंडी में होती है। इस बार पूरे जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू बोया गया। 70 हजार मीट्रिक टन के करीब आलू का उत्पादन हुआ। 91 प्रतिशत भंडारण इलाके के 80 शीतगृहों में किया गया। इसी हफ्ते आलू के भाव में भारी गिरावट आई है। वर्तमान समय 900 रुपये क्विंटल का गीला व 1000 रुपये बिल्टी का भाव है।
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आलू व्यापारी राशिद राईन ने बताया कि पंजाब प्रांत के उना, होशियारपुर, मोगा सहित कन्नौज के ठटिया क्षेत्र में नए आलू की फसल बाजार में आ रही है। इसलिए खाने के लिए पुराने आलू की अपेक्षा लोग नए आलू को खरीदने लगे हैं। बीज के लिए आलू की जरूरत लगभग समाप्त हो गई है। मगर अभी भी करीब 10 लाख क्विंटल यानि 20 लाख बोरी आलू भंडारित है। आलू व्यापारी दीपक सिंह ने बताया कि उन्होंने अपना आलू नवंबर माह तक इसलिए रोक कर रखा था कि सगालग में आलू की डिमांड बढ़ेगी। लेकिन पंजाब का नया आलू आने से यहां के पुराने आलू की मांग घट गई। ऐसे में आलू को औने-पौने भाव में बेचना पड़ रहा है।
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