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Barabanki News: रजिस्ट्री में पैन कार्ड नंबर या फार्म 60 भरना जरूरी
Sat, 26 Jul 2025 01:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 26 Jul 2025 01:22 AM IST
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बाराबंकी। रजिस्ट्री कराने के लिए क्रेता विक्रेता को मोबाइल पर ओटीपी नंबर केे साथ पैन कार्ड का नंबर अनिवार्य कर दिया गया है। जिनके पास पैन कार्ड नहीं होगा ऐसे क्रेता विक्रेताओं को फार्म 60 अनिवार्य रूप से भरना होगा। ओटीपी व्यवस्था लागू होने के दूसरे दिन कई लोग भ्रम से गुजरते रहे। लेकिन इस दौरान भी करीब 150 रजिस्ट्री की गई।
भू-संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार से नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। दूसरे दिन शुक्रवार को भी इस नई व्यवस्था को लेकर रजिस्ट्री कार्यालय में भ्रम और अव्यवस्था की स्थिति देखने को मिली। रजिस्ट्री कार्यालय में दस्तावेज़ लेखक इसे अनिवार्य बता रहे थे, जबकि अधिकारियों ने कहा कि आधार से मोबाइल लिंक अनिवार्य नहीं है। ओटीपी उसी मोबाइल पर भेजा जाएगा जो आवेदन के समय क्रेता और विक्रेता द्वारा दर्ज किया गया होगा। अमित श्रीवास्तव ने कहा पहले की तुलना में अब रजिस्ट्री में अधिक समय लग रहा है। पहले प्रक्रिया सरल थी, अब तकनीकी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। यहां आए सौरभ सिंह ने बताया कि वह बृहस्पतिवार को पूरा दिन इंतजार करते रहे, लेकिन ओटीपी न आने के कारण उनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। शुक्रवार को बहुत देर बाद ओटीपी आया, तब जाकर प्रक्रिया पूरी हो पाई।
जागरूकता के साथ प्रशिक्षण जरूरी
नई व्यवस्था पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम है, लेकिन इसके सफल क्रियान्वयन के लिए जनजागरूकता, तकनीकी सुगमता और स्पष्ट दिशा निर्देशों की जरूरत है। अधिवक्ताओं व दस्तावेज़ लेखकों को भी इस प्रणाली की सटीक जानकारी देकर उन्हें प्रशिक्षित करना जरूरी है, जिससे आवेदकों को भ्रम और असुविधा से बचाया जा सके।
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सब-रजिस्ट्रार हरीश चतुर्वेदी का कहना है कि यह व्यवस्था फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से होने वाली रजिस्ट्री पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लागू की गई है। पैन कार्ड या फार्म 60 की अनिवार्यता है। आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य नहीं है। रजिस्ट्री के समय आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा।
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भू-संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार से नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। दूसरे दिन शुक्रवार को भी इस नई व्यवस्था को लेकर रजिस्ट्री कार्यालय में भ्रम और अव्यवस्था की स्थिति देखने को मिली। रजिस्ट्री कार्यालय में दस्तावेज़ लेखक इसे अनिवार्य बता रहे थे, जबकि अधिकारियों ने कहा कि आधार से मोबाइल लिंक अनिवार्य नहीं है। ओटीपी उसी मोबाइल पर भेजा जाएगा जो आवेदन के समय क्रेता और विक्रेता द्वारा दर्ज किया गया होगा। अमित श्रीवास्तव ने कहा पहले की तुलना में अब रजिस्ट्री में अधिक समय लग रहा है। पहले प्रक्रिया सरल थी, अब तकनीकी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। यहां आए सौरभ सिंह ने बताया कि वह बृहस्पतिवार को पूरा दिन इंतजार करते रहे, लेकिन ओटीपी न आने के कारण उनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। शुक्रवार को बहुत देर बाद ओटीपी आया, तब जाकर प्रक्रिया पूरी हो पाई।
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जागरूकता के साथ प्रशिक्षण जरूरी
नई व्यवस्था पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम है, लेकिन इसके सफल क्रियान्वयन के लिए जनजागरूकता, तकनीकी सुगमता और स्पष्ट दिशा निर्देशों की जरूरत है। अधिवक्ताओं व दस्तावेज़ लेखकों को भी इस प्रणाली की सटीक जानकारी देकर उन्हें प्रशिक्षित करना जरूरी है, जिससे आवेदकों को भ्रम और असुविधा से बचाया जा सके।
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सब-रजिस्ट्रार हरीश चतुर्वेदी का कहना है कि यह व्यवस्था फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से होने वाली रजिस्ट्री पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लागू की गई है। पैन कार्ड या फार्म 60 की अनिवार्यता है। आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य नहीं है। रजिस्ट्री के समय आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा।