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Barabanki News: सवा दो साल से नहीं डॉक्टर, दिल का दर्द लाइलाज

Thu, 06 Feb 2025 11:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Thu, 06 Feb 2025 11:52 PM IST
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No doctor since last two and a half years, heart pain incurable
बाराबंकी। रफी अहमद किदवई मेमोरियल जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले हृदय रोगियों को बीते सवा दो साल से इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। दिल के डॉक्टर के बिना चल रहे अस्पताल में मरीजों को जांच से लेकर इलाज तक के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे में हार्टअटैक के बाद समय पर इलाज न मिल पाने के कारण लखनऊ पहुंचते-पहुंचते कई मरीजों की जान तक जान चुकी है।
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उधर, सवा दो साल से रिक्त हृदय रोग विशेषज्ञ के पद भर्ती को लेकर जिम्मेदार सिर्फ चिट्ठी पत्री खेल रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन से जुड़े लोग पूछने पर इस परेशानी से शासन और सरकार को अवगत कराने का दावा कर चुप्पी साध लेते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती न होने से अस्पताल में हृदय रोग के मरीजों के इलाज के लिए खरीदी गई ईको टू डी मशीन भी ताले में बंद पड़े-पड़े खराब हो गई है। ऐसे में अब मरीजों को जांच के नाम पर सिर्फ ईसीजी और फिजीशियन की सलाह मात्र मिल पाती है। ऐसे में तीमारदारों का कहना है कि यदि आप दिल के मरीज हैं तो जिला अस्पताल इलाज के लिए न आएं।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन कम से कम 1200 से 1500 मरीज देखे जाते हैं। इनमें से पांच से छह मरीज हृदयरोग के होते हैं। जिन्हें जांच कराने के बाद प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया जाता है। हालत बिगड़ने पर ऐसे मरीजों को लखनऊ ले जाना परिजनों की मजबूरी बन जाता है।
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सवा दो साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे डॉ. वर्मा
जिला अस्पताल में तैनात रहे डॉ. संजीव वर्मा सवा दो साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद से यहां पर हृदयरोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से हृदय रोग विशेषज्ञ का पद नई तैनाती न हो पाने से अभी तक रिक्त है। इस कारण इलाज के लिए आने वाले मरीजों को लंबे समय से परेशानी उठाना पड़ रही है।
ईसीजी के बाद भेज दिया घर
बृहस्पतिवार को रामप्रसाद को सीने में दर्द की शिकायत पर जब परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो उनका ईसीजी कराया गया इसके बाद कुछ दवाएं देकर घर भेज दिया गया। गौरीशंकर का भी ईसीजी कराने व कुछ दवाएं देकर घर भेज दिया गया। सीएमएस डॉ. वीपी सिंह का कहना है हृदयरोग चिकित्सक की तैनाती के लिए कई पत्र शासन को लिखे गए हैं।

फिर गायब मिले छह डॉक्टर
सीएमओ द्वारा पिछले दो दिनों से जूम मीटिंग के जरिए डॉक्टरों की अस्पतालों में उपस्थिति को परखा जा रहा है। बृहस्पतिवार को छह डॉक्टर और कई कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए। इन सभी को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है। सीएमओ डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि सीएचसी जाटा बरौली में तैनात डॉ. सचिन कुमार, जहांगीराबाद में तैनात डॉ. अरुण कुमार यादव, भिटौली में तैनात डॉ. नीलम, फतेहपुर में तैनात डॉ. संध्या गुप्ता, डॉ. अखिलेश कुमार देवा में तैनात डॉ. उपासना पांडेय के साथ पांच कर्मचारी बिना सूचना ड्यूटी से गायब पाए गए। सभी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
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