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डॉ. रामजी वर्मा बने जिले के नए सीएमओ
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बाराबंकी। सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान का बृहस्पतिवार को तबादला हो गया। उनकी जगह लखनऊ मुख्यालय में तैनात डॉ. रामजी वर्मा को जिले का नया सीएमओ बनाया गया है। डॉ. चौहान का करीब दस माह का कार्यकाल आरोप-प्रत्यारोप और उपलब्धियों को लेकर याद किया जाएगा।
बृहस्पतिवार की शाम को सीएमओ के तबादले की सूचना से हर कोई हतप्रभ था। क्योंकि किसी को इस बात की उम्मीद नहीं थी कि जिस सीएमओ के टीकाकरण मॉडल को सरकार ने सराहा और उसे पूरे प्रदेश में लागू किया गया उस सीएमओ का इतनी जल्दी तबादला हो जाएगा।
सीएमओ डॉ. चौहान ने एक अगस्त 2021 को जिले में कार्यभार ग्रहण किया था। इसी बीच कोरोना की दूसरी लहर आई जिसे उन्होंने अपने बेहतर प्रबंधन से काफी हद तक संभाला। एक टीम वर्क की तरह कार्य किया और सभी को साथ लेकर चले। लेकिन इसी बीच सिरौलीगौसपुर के संयुक्त चिकित्सालय में बालिका के इलाज में बरती गई लापरवाही से जान जाने का मामला चर्चा में रहा।
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इसमें मामले में सीएमओ द्वारा जारी बयान सुर्खियों में रहा। वहीं टीकाकरण को लेकर रामनगर क्षेत्र में लोगों का नदी में कूदना और जिला अस्पताल में ठेले पर मरीजों के इलाज की खबर भी सीएमओ के तबादले का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। लेकिन कोरोना टीकाकरण को लेकर उनके द्वारा शुरू किया गया मॉडल पूरे प्रदेश में सराहा गया और सरकार ने इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का आदेश भी दिया।
इसके अलावा इनके द्वारा किए गए कई कार्य भी सराहनीय रहे। लेकिन शाम को तबादले की सूचना से हर कोई हतप्रभ था। लोग कह रहे थे कि जब तबादला होना चाहिए था तब नहीं हुआ और अब अचानक तबादला करना लोगों में चर्चा बना था।
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बृहस्पतिवार की शाम को सीएमओ के तबादले की सूचना से हर कोई हतप्रभ था। क्योंकि किसी को इस बात की उम्मीद नहीं थी कि जिस सीएमओ के टीकाकरण मॉडल को सरकार ने सराहा और उसे पूरे प्रदेश में लागू किया गया उस सीएमओ का इतनी जल्दी तबादला हो जाएगा।
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सीएमओ डॉ. चौहान ने एक अगस्त 2021 को जिले में कार्यभार ग्रहण किया था। इसी बीच कोरोना की दूसरी लहर आई जिसे उन्होंने अपने बेहतर प्रबंधन से काफी हद तक संभाला। एक टीम वर्क की तरह कार्य किया और सभी को साथ लेकर चले। लेकिन इसी बीच सिरौलीगौसपुर के संयुक्त चिकित्सालय में बालिका के इलाज में बरती गई लापरवाही से जान जाने का मामला चर्चा में रहा।
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इसमें मामले में सीएमओ द्वारा जारी बयान सुर्खियों में रहा। वहीं टीकाकरण को लेकर रामनगर क्षेत्र में लोगों का नदी में कूदना और जिला अस्पताल में ठेले पर मरीजों के इलाज की खबर भी सीएमओ के तबादले का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। लेकिन कोरोना टीकाकरण को लेकर उनके द्वारा शुरू किया गया मॉडल पूरे प्रदेश में सराहा गया और सरकार ने इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का आदेश भी दिया।
इसके अलावा इनके द्वारा किए गए कई कार्य भी सराहनीय रहे। लेकिन शाम को तबादले की सूचना से हर कोई हतप्रभ था। लोग कह रहे थे कि जब तबादला होना चाहिए था तब नहीं हुआ और अब अचानक तबादला करना लोगों में चर्चा बना था।