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Barabanki News: सांसद ने उठाई मेंथा से जीएसटी हटाने की मांग
Sun, 24 Aug 2025 01:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 24 Aug 2025 01:42 AM IST
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बाराबंकी। सांसद तनुज पुनिया ने लोकसभा में मेंथा किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्र सरकार से प्राकृतिक मेंथा पर लग रहे 12 प्रतिशत जीएसटी को समाप्त करने की मांग की है। साथ ही केंद्र सरकार से आग्रह किया कि प्राकृतिक मेंथा तेल पर 12 प्रतिशत जीएसटी समाप्त कर किसानों और सूक्ष्म इकाइयों को राहत दी जाए।
उन्होंने वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि प्राकृतिक मेंथा पर सिंथेटिक मेंथा की तरह ही जीएसटी लगाया गया है, जबकि चीन से आ रहा सिंथेटिक मेंथा प्राकृतिक मेंथा की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत सस्ता है। इससे किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा। बताया कि बाराबंकी जिले की प्रदेश में मेंथा उत्पादन में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यहां करीब सवा लाख हेक्टेयर में तीन लाख किसान मेंथा की खेती करते हैं। इसके बावजूद किसानों को लागत के अनुरूप लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सांसद ने कहा कि उनके आग्रह पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिंथेटिक व प्राकृतिक मेंथा के एचएसएन कोड अलग कर दिए हैं। इससे खाद्य पदार्थों और अन्य उत्पादों में प्रयुक्त मेंथा आयल की पहचान आसान होगी। इसके बावजूद प्राकृतिक मेंथा पर जीएसटी और राज्य सरकार का 1.5 प्रतिशत मंडी टैक्स किसानों की लागत बढ़ा रहा है। बताया कि वह शनिवार को जिले के बाढ़ प्रभावित गांव हेतमापुर, पर्वतपुर, सरसंदा, ललपुरवा का दाैरा करेंगे।
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उन्होंने वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि प्राकृतिक मेंथा पर सिंथेटिक मेंथा की तरह ही जीएसटी लगाया गया है, जबकि चीन से आ रहा सिंथेटिक मेंथा प्राकृतिक मेंथा की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत सस्ता है। इससे किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा। बताया कि बाराबंकी जिले की प्रदेश में मेंथा उत्पादन में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यहां करीब सवा लाख हेक्टेयर में तीन लाख किसान मेंथा की खेती करते हैं। इसके बावजूद किसानों को लागत के अनुरूप लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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सांसद ने कहा कि उनके आग्रह पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिंथेटिक व प्राकृतिक मेंथा के एचएसएन कोड अलग कर दिए हैं। इससे खाद्य पदार्थों और अन्य उत्पादों में प्रयुक्त मेंथा आयल की पहचान आसान होगी। इसके बावजूद प्राकृतिक मेंथा पर जीएसटी और राज्य सरकार का 1.5 प्रतिशत मंडी टैक्स किसानों की लागत बढ़ा रहा है। बताया कि वह शनिवार को जिले के बाढ़ प्रभावित गांव हेतमापुर, पर्वतपुर, सरसंदा, ललपुरवा का दाैरा करेंगे।
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