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Barabanki News: हत्या कर साक्ष्य छिपाने के मामले में दो को उम्रकैद
Thu, 06 Feb 2025 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 06 Feb 2025 11:54 PM IST
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बाराबंकी । अपर सत्र न्यायाधीश उमेश चंद पांडे ने हत्या कर साक्ष्य छिपाने के एक मामले में दो अभियुक्तों को दोषी करार माना। कोर्ट ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास के साथ ही 60-60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला थाना सतरिख के ग्राम मोहम्मदपुर परेठिया का है। यहां के निवासी शिवराज का बड़ा लड़का संतोष कुमार 18 मई 2022 को एक कैंपस में इलेक्ट्रिशियन का काम करने निकला था। इसके बाद शाम तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो पता चला कि वह अपनी मोटरसाइकिल चचेरे मामा कोमल को देकर भानमऊ जाने को बताकर चला गया था ।संतोष कुमार को ग्राम दिवियापुर सहेलिया थाना सतरिख निवासी विजय कुमार यादव अक्सर फोन करके बुलाया करता था । उस दिन संतोष उसी के बुलाने पर गया था। इसके बाद से वह घर वापस नहीं आया।
दूसरे दिन पिता शिवराज ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तलाश के दौरान संतोष कुमार का मोबाइल गौरिया घाट पुल के पास मिला। इसके बाद 20 मई को ग्राम नीदनपुर के निकट गोमती नदी में उसका शव मिला। पुलिस को दी गई तहरीर में परिजनों ने विजय कुमार यादव व उसके साथी तेजराम के खिलाफ केस दर्ज कराया। आरोप था कि विजय कुमार ने अपने साथी तेजराम के साथ मिलकर संतोष की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया। पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल करने के बाद प्रस्तुत साक्ष्य व गवाही के आधार पर कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को हत्या तथा साक्ष्य छिपाने की धाराओं में दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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मामला थाना सतरिख के ग्राम मोहम्मदपुर परेठिया का है। यहां के निवासी शिवराज का बड़ा लड़का संतोष कुमार 18 मई 2022 को एक कैंपस में इलेक्ट्रिशियन का काम करने निकला था। इसके बाद शाम तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो पता चला कि वह अपनी मोटरसाइकिल चचेरे मामा कोमल को देकर भानमऊ जाने को बताकर चला गया था ।संतोष कुमार को ग्राम दिवियापुर सहेलिया थाना सतरिख निवासी विजय कुमार यादव अक्सर फोन करके बुलाया करता था । उस दिन संतोष उसी के बुलाने पर गया था। इसके बाद से वह घर वापस नहीं आया।
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दूसरे दिन पिता शिवराज ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तलाश के दौरान संतोष कुमार का मोबाइल गौरिया घाट पुल के पास मिला। इसके बाद 20 मई को ग्राम नीदनपुर के निकट गोमती नदी में उसका शव मिला। पुलिस को दी गई तहरीर में परिजनों ने विजय कुमार यादव व उसके साथी तेजराम के खिलाफ केस दर्ज कराया। आरोप था कि विजय कुमार ने अपने साथी तेजराम के साथ मिलकर संतोष की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया। पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल करने के बाद प्रस्तुत साक्ष्य व गवाही के आधार पर कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को हत्या तथा साक्ष्य छिपाने की धाराओं में दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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