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Barabanki News: युवाओं को संवाद और वैज्ञानिक सोच से दें सही दिशा
Tue, 28 Jul 2026 02:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:15 AM IST
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विधि-विधान के साथ 64 ऋद्धि विधान प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर
बाराबंकी। श्री दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार सुबह जैन मुनि श्री 108 सौम्य सागर महाराज के सानिध्य में 64 ऋद्धि विधान का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान चंद्रप्रभु के अभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ। इसके बाद विधि-विधान के साथ 64 ऋद्धि विधान प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
विधान के दौरान अपने प्रवचन में मुनि श्री सौम्य सागर महाराज ने कहा कि 64 ऋद्धि विधान केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि स्वस्थ, संयमित और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देने वाला आध्यात्मिक विज्ञान है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति इस विधान को श्रद्धा, ज्ञान और शुद्ध भाव से करता है, उसके जीवन में आहार-विहार की शुद्धता स्वतः आ जाती है और उसका व्यक्तित्व सकारात्मक दिशा में विकसित होता है।
मुनि श्री ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को केवल आदेश देकर संस्कार नहीं दिए जा सकते। उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तर्क और संवाद के माध्यम से सही दिशा दिखाने की आवश्यकता है। स्वस्थ शरीर और निर्मल मन ही जीवन में सफलता का वास्तविक आधार हैं।
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इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को भोजन की शुद्धता, संयम और सात्विक जीवनशैली को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चातुर्मास आत्मिक, नैतिक और सामाजिक उत्थान का महत्वपूर्ण अवसर होता है। यह आत्मचिंतन, आत्मसंयम और धर्म साधना का काल है।
मुनि श्री ने पाश्चात्य संस्कृति के अंधानुकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक परंपराओं को अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि सरावगी स्थित श्री महावीर उद्यान में दो अगस्त से चातुर्मास महोत्सव का शुभारंभ मंगल कलश स्थापना के साथ होगा।
यह धार्मिक आयोजन दीपावली तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन प्रवचन, स्वाध्याय, पूजन तथा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
गोला गोकर्णनाथ मंदिर के लिए छठी कांवड़ यात्रा
बाराबंकी। कोठी क्षेत्र के थरिमकदूमपुर से प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी छठी डाक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा 30 जुलाई को गांव से गोला गोकर्णनाथ के लिए प्रस्थान करेगी। यह जानकारी देते हुए राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल कुमार ने बताया कि यह वार्षिक धार्मिक यात्रा जय महाकाल सेवा समिति की ओर से आयोजित की जाती है। इसके आयोजक नरेंद्र कुमार, सोमनाथ, रामसूरत, राम सहाय, आनंद कुमार, प्रवीण वर्मा और सरजू प्रसाद हैं। संवाद
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विधान के दौरान अपने प्रवचन में मुनि श्री सौम्य सागर महाराज ने कहा कि 64 ऋद्धि विधान केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि स्वस्थ, संयमित और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देने वाला आध्यात्मिक विज्ञान है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति इस विधान को श्रद्धा, ज्ञान और शुद्ध भाव से करता है, उसके जीवन में आहार-विहार की शुद्धता स्वतः आ जाती है और उसका व्यक्तित्व सकारात्मक दिशा में विकसित होता है।
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मुनि श्री ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को केवल आदेश देकर संस्कार नहीं दिए जा सकते। उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तर्क और संवाद के माध्यम से सही दिशा दिखाने की आवश्यकता है। स्वस्थ शरीर और निर्मल मन ही जीवन में सफलता का वास्तविक आधार हैं।
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इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को भोजन की शुद्धता, संयम और सात्विक जीवनशैली को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चातुर्मास आत्मिक, नैतिक और सामाजिक उत्थान का महत्वपूर्ण अवसर होता है। यह आत्मचिंतन, आत्मसंयम और धर्म साधना का काल है।
मुनि श्री ने पाश्चात्य संस्कृति के अंधानुकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक परंपराओं को अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि सरावगी स्थित श्री महावीर उद्यान में दो अगस्त से चातुर्मास महोत्सव का शुभारंभ मंगल कलश स्थापना के साथ होगा।
यह धार्मिक आयोजन दीपावली तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन प्रवचन, स्वाध्याय, पूजन तथा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
गोला गोकर्णनाथ मंदिर के लिए छठी कांवड़ यात्रा
बाराबंकी। कोठी क्षेत्र के थरिमकदूमपुर से प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी छठी डाक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा 30 जुलाई को गांव से गोला गोकर्णनाथ के लिए प्रस्थान करेगी। यह जानकारी देते हुए राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल कुमार ने बताया कि यह वार्षिक धार्मिक यात्रा जय महाकाल सेवा समिति की ओर से आयोजित की जाती है। इसके आयोजक नरेंद्र कुमार, सोमनाथ, रामसूरत, राम सहाय, आनंद कुमार, प्रवीण वर्मा और सरजू प्रसाद हैं। संवाद

विधि-विधान के साथ 64 ऋद्धि विधान प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर

विधि-विधान के साथ 64 ऋद्धि विधान प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर