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Barabanki News: बसों व सुविधाओं की कमी से घट गई चार सौ एमएसटी
Sun, 06 Jul 2025 01:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 06 Jul 2025 01:16 AM IST
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बाराबंकी। लखनऊ, फतेहपुर और हैदरगढ़ जैसे प्रमुख रूटों पर विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को सुबह के समय बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। एमएसटी (मंथली सीजन टिकट) होने के बावजूद समय पर बस न मिलने के कारण यात्रियों को मजबूरन डग्गामार वाहनों में किराया चुका कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे में एमएसटी धारकों का रोजवेज विभाग की सेवा से मोह भंग होने लगा है।
परिवहन निगम की घटती सुविधाओं और अनुबंधित बसों की संख्या में कमी के कारण एमएसटी धारक यात्रियों की संख्या लगातार घट रही है। जेब पर पड़ रही दोहरी मार के कारण बीते एक साल में एमएसटी धारकों की संख्या 16 सौ से घटकर 12 सौ पर आ गई है। जिले में 94 अनुबंधित बसों के जरिए प्रतिदिन करीब 28 हजार लोग सफर करते हैं।
इनमें सबसे अधिक एमएसटी धारक लखनऊ रूट के हैं। अनुबंध समाप्त होने के कारण लखनऊ, फतेहपुर और हैदरगढ़ रूट पर बसों की संख्या में कमी आने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि एआरएम जमीला खातून का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। मई-जून में स्कूल-कॉलेज बंद रहने से एमएसटी में गिरावट आई थी, लेकिन अब स्कूल खुलने के साथ ही एमएसटी बनवाने वाले यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है।
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परिवहन निगम की घटती सुविधाओं और अनुबंधित बसों की संख्या में कमी के कारण एमएसटी धारक यात्रियों की संख्या लगातार घट रही है। जेब पर पड़ रही दोहरी मार के कारण बीते एक साल में एमएसटी धारकों की संख्या 16 सौ से घटकर 12 सौ पर आ गई है। जिले में 94 अनुबंधित बसों के जरिए प्रतिदिन करीब 28 हजार लोग सफर करते हैं।
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इनमें सबसे अधिक एमएसटी धारक लखनऊ रूट के हैं। अनुबंध समाप्त होने के कारण लखनऊ, फतेहपुर और हैदरगढ़ रूट पर बसों की संख्या में कमी आने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि एआरएम जमीला खातून का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। मई-जून में स्कूल-कॉलेज बंद रहने से एमएसटी में गिरावट आई थी, लेकिन अब स्कूल खुलने के साथ ही एमएसटी बनवाने वाले यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है।
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