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जेल में ही होगी खुंखार बंदियों की पेशी
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Nov 2015 10:32 PM IST
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वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अब जेल में ही खुंखार बंदियों की पेशी होगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद करीब दो साल पहले जिले में इसके लिए तैयारी शुरू की गई थी। डीएम द्वारा इसमें खर्च होने वाला धन भी कानून व्यवस्था की निधि से दिया गया थ्रा। जल्द ही जेल में यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके लिए एक कंप्यूटर रूम जेल में व एक कचहरी में बनाया जा रहा है। इस प्रक्रिया से अब जहां पुलिस को फर्जी भागदौड़ से बचना पड़ेगा वहीं शातिरों की पर जेल में ही निगरानी रखने में भी काफी मदद मिलेगी।
मालूम हो कि करीब दो साल पूर्व हाईकोर्ट लखनऊ बेंच द्वारा आदेश जारी किया गया था कि अब पूरे प्रदेश के जिला कारागार में जो भी शातिर अपराधी निरुद्ध है उनको पेशी के लिए कचहरी न लाकर सीधे जेल से ही उनकी पेशी कराए जाए।
कोर्ट ने इसके लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग कराने की बात कही थी। इसके बाद जिले में इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इसके बाद डीएम के प्रयास के बाद जिले में इस प्रक्रिया को शुरू किया गया था। जिसके चलते कचहरी व जेल में कंप्यूटर कक्ष की स्थापना की गई है।
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इस व्यवस्था को अमली जामा पहनने के चलते अब वेब कांफ्रेसिंग से खुंखार बंदियों की जेल से ही पेशी कराई जाएगी। जेल व कचहरी के कंप्यूटर कक्ष केा जिले की एनआईसी से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से सिर्फ विचाराधीन बंदियों की ही पेशी कराई जाएगी।
जेल में है कई शातिर अपराधी
जिला जेल में कई शातिर अपराधी निरुद्ध है। इनमें गोरखपुर के अपराधी चंदन गिरोह के कुछ बदमाश व अन्य कई अपराधी भी है। ऐसे अपराधियों को पेशी पर ले जाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ता है इससे जहां पुलिस का समय बरबाद होता है वहीं काफी पैसा भी खर्च होता है। पेशी पर जाने के बहाने यह अपराधी वहां मौज मस्ती भी करते है इसके माध्यम से इन सब पर रोक लग सकेगी।
जेल में वेब कांफ्रसिंग के माध्यम से विचाराधीन बंदियों की पेशी कराने के लिए कंप्यूटर कक्ष आदि बनाया जा रहा है। उम्मीद है कि दिसंबर माह से जेल में यह कार्य शुरू हो जाएगा।
- आलोक सिंह, जेल अधीक्षक
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मालूम हो कि करीब दो साल पूर्व हाईकोर्ट लखनऊ बेंच द्वारा आदेश जारी किया गया था कि अब पूरे प्रदेश के जिला कारागार में जो भी शातिर अपराधी निरुद्ध है उनको पेशी के लिए कचहरी न लाकर सीधे जेल से ही उनकी पेशी कराए जाए।
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कोर्ट ने इसके लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग कराने की बात कही थी। इसके बाद जिले में इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इसके बाद डीएम के प्रयास के बाद जिले में इस प्रक्रिया को शुरू किया गया था। जिसके चलते कचहरी व जेल में कंप्यूटर कक्ष की स्थापना की गई है।
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इस व्यवस्था को अमली जामा पहनने के चलते अब वेब कांफ्रेसिंग से खुंखार बंदियों की जेल से ही पेशी कराई जाएगी। जेल व कचहरी के कंप्यूटर कक्ष केा जिले की एनआईसी से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से सिर्फ विचाराधीन बंदियों की ही पेशी कराई जाएगी।
जेल में है कई शातिर अपराधी
जिला जेल में कई शातिर अपराधी निरुद्ध है। इनमें गोरखपुर के अपराधी चंदन गिरोह के कुछ बदमाश व अन्य कई अपराधी भी है। ऐसे अपराधियों को पेशी पर ले जाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ता है इससे जहां पुलिस का समय बरबाद होता है वहीं काफी पैसा भी खर्च होता है। पेशी पर जाने के बहाने यह अपराधी वहां मौज मस्ती भी करते है इसके माध्यम से इन सब पर रोक लग सकेगी।
जेल में वेब कांफ्रसिंग के माध्यम से विचाराधीन बंदियों की पेशी कराने के लिए कंप्यूटर कक्ष आदि बनाया जा रहा है। उम्मीद है कि दिसंबर माह से जेल में यह कार्य शुरू हो जाएगा।
- आलोक सिंह, जेल अधीक्षक