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मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ
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बाराबंकी। देखिए दादा आप दवा खाने में लापरवाही बरत रहे हैं और समय से दवाई नहीं खा रहे हैं। समय से दवा खाएंगे तभी मर्ज ठीक होगा। जब अस्पताल में अच्छी से अच्छी दवाएं मौजूद हैं। इन दवाओं से फायदा न हो तो ही बाहर से दवा लिखी जाएं। ये जो दवाएं दी जा रही हैं, इनको बताए गए समय पर खाएं आप जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे।
पीरपुर पीएचसी पर यहीं के निवासी दयाराम को देखते हुए डॉ. सुनील जायसवाल ने उनका दवाओं को लेकर सलाह दी। रविवार को जिले के 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 2153 मरीज देखे गए।
इनमें सबसे ज्यादा संख्या 1018 महिला मरीजों की रही, जबकि पुरूष मरीजों की संख्या 821 रही। इस दौरान 314 बच्चों का भी उपचार कर दवाएं दी गई। पीएचसी पीरपुर में मरीज देेखते हुए डॉ. सुनील जायसवाल ने बताया कि अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं मौजूद हैं, इसलिए किसी भी मरीज को बाहर से दवा लिखने की कोई जरुरत नहीं है। इस दौरान उन्होंने दयाराम, रामपाल, केतकी देवी, सुमित्रा समेत करीब 36 मरीज देखे और दवाएं दी।
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वहीं पीएचसी असंद्रा पर डॉ. मदन गोपाल वर्मा ने 25 मरीज देखे। राधिका देवी ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से खांसी से परेशान है, जिस पर उनकी बलगम और ब्लड की जांच कराकर दवाएं दी गई। 13 मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। सीएमओ ने कई अस्पतालों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य मेले का जायजा लिया और चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए।
स्वास्थ्य मेले में आए करीब 101 लोगों के प्रपत्रों की जांच के बाद गोल्डेन कार्ड बनाए गए। इसके लिए 137 चिकित्सक और 429 स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। मेले में संदिग्ध पाए जाने पर 297 लोगों की कोरोना जांच भी की गई। इस दौरान गैस्ट्रो के 266, डायबिटीज के 77, त्वचा रोग के 257, संदिग्ध टीबी के 9, एनीमिया के 43, हाईपरटेंशन के 64 मरीज देखे गए। अब तक स्वास्थ्य मेले में करीब 78 हजार 215 मरीज देखे जा चुके हैं।
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पीरपुर पीएचसी पर यहीं के निवासी दयाराम को देखते हुए डॉ. सुनील जायसवाल ने उनका दवाओं को लेकर सलाह दी। रविवार को जिले के 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 2153 मरीज देखे गए।
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इनमें सबसे ज्यादा संख्या 1018 महिला मरीजों की रही, जबकि पुरूष मरीजों की संख्या 821 रही। इस दौरान 314 बच्चों का भी उपचार कर दवाएं दी गई। पीएचसी पीरपुर में मरीज देेखते हुए डॉ. सुनील जायसवाल ने बताया कि अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं मौजूद हैं, इसलिए किसी भी मरीज को बाहर से दवा लिखने की कोई जरुरत नहीं है। इस दौरान उन्होंने दयाराम, रामपाल, केतकी देवी, सुमित्रा समेत करीब 36 मरीज देखे और दवाएं दी।
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वहीं पीएचसी असंद्रा पर डॉ. मदन गोपाल वर्मा ने 25 मरीज देखे। राधिका देवी ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से खांसी से परेशान है, जिस पर उनकी बलगम और ब्लड की जांच कराकर दवाएं दी गई। 13 मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। सीएमओ ने कई अस्पतालों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य मेले का जायजा लिया और चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए।
स्वास्थ्य मेले में आए करीब 101 लोगों के प्रपत्रों की जांच के बाद गोल्डेन कार्ड बनाए गए। इसके लिए 137 चिकित्सक और 429 स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। मेले में संदिग्ध पाए जाने पर 297 लोगों की कोरोना जांच भी की गई। इस दौरान गैस्ट्रो के 266, डायबिटीज के 77, त्वचा रोग के 257, संदिग्ध टीबी के 9, एनीमिया के 43, हाईपरटेंशन के 64 मरीज देखे गए। अब तक स्वास्थ्य मेले में करीब 78 हजार 215 मरीज देखे जा चुके हैं।