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बाबागंज-टिकैतगंज नहर पटरी कटी, 55 बीघा फसल जलमग्र
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बड्डूपुर (बाराबंकी)। विभागीय देखरेख के अभाव में रविवार की देर रात बाबागंज-टिकैतगंज नहर मुनीमपुर गांव के पास करीब दो सौ मीटर की दूरी में तीन जगहों पर कट गई। इससे आसपास की करीब 55 बीघा गेहूं, सरसों व आलू की फसल जलमग्न हो गई। खेत में चारों तरफ पानी ही पानी दिख रहा है। ग्रामीणों ने नहर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग को दी लेकिन शाम तक विभागीयकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
विकासखंड निंदूरा क्षेत्र के बाबागंज-टिकैतगंज नहर ग्राम मुनीमपुर के पास रविवार की रात कट गई। जिससे नहर का पानी आसपास के खेतों में भर गया। सोमवार की भोर खेत गए एक ग्रामीण को खेत में पानी भरा दिखा तो उसने ग्रामीणों को नहर कटने की जानकारी दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कटी नहर पटरी को पाटने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे।
दो सौ मीटर की दूरी में नहर तीन जगहों पर कटी। ग्रामीणों ने नहर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी लेकिन मौके पर देर शाम तक कोई नहीं पहुंचा। नहर कटने से कामता, सर्वेश, शुभकरण, सतरोहन, रामू, रामसागर, अरविंद आदि किसानों की गेहूं, सरसों व आलू की करीब 55 बीघा फसल डूब गई।
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ग्रामीणों ने बताया कि फसल डूब जाने से यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। बताया कि इस साल नहर की सफाई नहीं कराई गई। जिससे नहर ओवरफ्लो हो गई है। जिसके चलते नहर में कटान हो रही है। ग्रामीण फिर एक बार एकत्र हुए और शाम तक लगे रहे और मिलकर कड़ी मशक्कत के साथ कटान की पटाई की। लेकिन नहर कटने की शिकायत के बाद भी विभागीयकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। अवर अभियंता सिंचाई राजीव कुमार का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है, जल्द ही नहर का पानी रुकवा दिया जाएगा।
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विकासखंड निंदूरा क्षेत्र के बाबागंज-टिकैतगंज नहर ग्राम मुनीमपुर के पास रविवार की रात कट गई। जिससे नहर का पानी आसपास के खेतों में भर गया। सोमवार की भोर खेत गए एक ग्रामीण को खेत में पानी भरा दिखा तो उसने ग्रामीणों को नहर कटने की जानकारी दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कटी नहर पटरी को पाटने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे।
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दो सौ मीटर की दूरी में नहर तीन जगहों पर कटी। ग्रामीणों ने नहर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी लेकिन मौके पर देर शाम तक कोई नहीं पहुंचा। नहर कटने से कामता, सर्वेश, शुभकरण, सतरोहन, रामू, रामसागर, अरविंद आदि किसानों की गेहूं, सरसों व आलू की करीब 55 बीघा फसल डूब गई।
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ग्रामीणों ने बताया कि फसल डूब जाने से यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। बताया कि इस साल नहर की सफाई नहीं कराई गई। जिससे नहर ओवरफ्लो हो गई है। जिसके चलते नहर में कटान हो रही है। ग्रामीण फिर एक बार एकत्र हुए और शाम तक लगे रहे और मिलकर कड़ी मशक्कत के साथ कटान की पटाई की। लेकिन नहर कटने की शिकायत के बाद भी विभागीयकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। अवर अभियंता सिंचाई राजीव कुमार का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है, जल्द ही नहर का पानी रुकवा दिया जाएगा।