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एंबुलेंस केस में तीन की जमानत अर्जी खारिज
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बाराबंकी। मुख्तार अंसारी से जुड़े एंबुलेंस मामले में कूटरचित तरीके से कागजात तैयार करवाकर एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन करवाने में नामजद आरोपियों की जमानत अर्जी बृहस्पतिवार को कोर्ट ने खारिज कर दी है।
इन आरोपियों में सुरेंद्र शर्मा जो मुख्तार अंसारी के साथ गनर के रूप में चलता था, फिरोज कुरैशी एम्बुलेंस चलाता था और शाहिद गाड़ी में असलहे रखने और लेकर साथ चलने में संलिप्त रहता था और इन लोगों को पूरे प्रकरण की जानकारी थी, इनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश/ एमपी-एमएलए कोर्ट कमलकांत श्रीवास्तव ने पारित किया।
उक्त मामले में अभियुक्तगणों पर आरोप है कि उन्होंने श्याम संजीवनी हॉस्पिटल की मालिक डॉ. राय के साथ मिलकर कूटरचित तरीके से बाराबंकी में फर्जी निर्वाचन पत्र बनवाकर उस पते पर एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन करवाने में अहम भूमिका निभाई थी।
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शासकीय अधिवक्ता मथुरा प्रसाद वर्मा ने न्यायालय में सरकार का पक्ष रखते हुए बताया कि अभियुक्तों का डॉ. राय से संबंध था और उन्होंने ही डॉ. राय के श्याम संजीवनी हॉस्पिटल के लिए एंबुलेंस का पंजीयन करवाने में बाराबंकी के फर्जी पते का इस्तेमाल किया था जोकि माफिया मुख्तार अंसारी के लिए पंजाब में जेल से लाने व ले जाने में प्रयोग हो रही थी।
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इन आरोपियों में सुरेंद्र शर्मा जो मुख्तार अंसारी के साथ गनर के रूप में चलता था, फिरोज कुरैशी एम्बुलेंस चलाता था और शाहिद गाड़ी में असलहे रखने और लेकर साथ चलने में संलिप्त रहता था और इन लोगों को पूरे प्रकरण की जानकारी थी, इनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश/ एमपी-एमएलए कोर्ट कमलकांत श्रीवास्तव ने पारित किया।
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उक्त मामले में अभियुक्तगणों पर आरोप है कि उन्होंने श्याम संजीवनी हॉस्पिटल की मालिक डॉ. राय के साथ मिलकर कूटरचित तरीके से बाराबंकी में फर्जी निर्वाचन पत्र बनवाकर उस पते पर एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन करवाने में अहम भूमिका निभाई थी।
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शासकीय अधिवक्ता मथुरा प्रसाद वर्मा ने न्यायालय में सरकार का पक्ष रखते हुए बताया कि अभियुक्तों का डॉ. राय से संबंध था और उन्होंने ही डॉ. राय के श्याम संजीवनी हॉस्पिटल के लिए एंबुलेंस का पंजीयन करवाने में बाराबंकी के फर्जी पते का इस्तेमाल किया था जोकि माफिया मुख्तार अंसारी के लिए पंजाब में जेल से लाने व ले जाने में प्रयोग हो रही थी।