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मासूम को उत्सर्ग एक्सप्रेस में छोड़ा
Barabanki
Updated Sun, 14 Sep 2014 05:30 AM IST
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बाराबंकी। उत्सर्ग एक्सप्रेस में शनिवार की सुबह माता-पिता अपने करीब एक वर्षीय मासूम को छोड़ कर चले गए। यात्रियों ने इसकी सूचना सालारपुर रेलवे स्टेशन अधीक्षक को दी। अधीक्षक की सूचना पर कंट्रोल रूम से मिले निर्देश पर जीआरपी ने मासूम को रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारा। मासूम के पास से उसकी जरूरत का सामान व दूध की बोतल भी मिली है। जीआरपी ने बच्चे को राजकीय बालगृह शिशु लखनऊ में आश्रय दिलाया गया है।
लखनऊ की ओर जा रही उत्सर्ग एक्सप्रेस ट्रेन की जनरल बोगी में शनिवार की सुबह माता-पिता अपने मासूम बच्चे को छोड़ गए। बच्चे की उम्र करीब एक वर्ष आंकी जा रही है। फैजाबाद जनपद में सालारपुर रेलवे स्टेशन के पहले ही मासूम के रोने पर सह यात्रियों का ध्यान उसकी ओर गया।
बच्चे को अकेला देख यात्रियों ने उसके माता-पिता की तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चला। कोच में रहे यात्री राजकिशोर शर्मा ने लावारिस बच्चा मिलने की सूचना स्टेशन अधीक्षक को दी। स्टेशन अधीाक ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम लखनऊ को दी। कंट्रोल रूम ने बच्चा लावारिस मिलने की सूचना जीआरपी बाराबंकी को दी। जीआरपी सिपाहियों ने मासूम को ट्रेन से उतार लिया। थानाध्यक्ष आरबी सिंह ने बताया कि बच्चे को चाइल्ड लाइन लखनऊ भेजा गया है।
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चाइल्ड लाइन कोआर्डिनेटर प्रकाश की माने तो बच्चा देखने में पूरा स्वस्थ्य है लेकिन कमर से कमजोर है। उन्होंने बताया कि बच्चे को बाल कल्याण समिति बाराबंकी के सामने पेश किया गया। सीडब्ल्यूसी बाराबंकी के अध्यक्ष अंगद सिंह ने बच्चे को राजकीय बालगृह शिशु में आश्रय दिलाए जाने और बच्चे की मेडिकल जांच कराए जाने का निर्देश दिया। चाइल्ड लाइन सदस्य प्रकाश ने बताया कि बच्चे को शनिवार शाम बालगृह शिशु में आश्रय दिला दिया गया है। लेकिन अभी बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण होना है। उनके मुताबिक बच्चा कमर से कमजोर है दो साल का मासूम न चल पा रहा है न बैठ पा रहा है।
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लखनऊ की ओर जा रही उत्सर्ग एक्सप्रेस ट्रेन की जनरल बोगी में शनिवार की सुबह माता-पिता अपने मासूम बच्चे को छोड़ गए। बच्चे की उम्र करीब एक वर्ष आंकी जा रही है। फैजाबाद जनपद में सालारपुर रेलवे स्टेशन के पहले ही मासूम के रोने पर सह यात्रियों का ध्यान उसकी ओर गया।
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बच्चे को अकेला देख यात्रियों ने उसके माता-पिता की तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चला। कोच में रहे यात्री राजकिशोर शर्मा ने लावारिस बच्चा मिलने की सूचना स्टेशन अधीक्षक को दी। स्टेशन अधीाक ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम लखनऊ को दी। कंट्रोल रूम ने बच्चा लावारिस मिलने की सूचना जीआरपी बाराबंकी को दी। जीआरपी सिपाहियों ने मासूम को ट्रेन से उतार लिया। थानाध्यक्ष आरबी सिंह ने बताया कि बच्चे को चाइल्ड लाइन लखनऊ भेजा गया है।
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चाइल्ड लाइन कोआर्डिनेटर प्रकाश की माने तो बच्चा देखने में पूरा स्वस्थ्य है लेकिन कमर से कमजोर है। उन्होंने बताया कि बच्चे को बाल कल्याण समिति बाराबंकी के सामने पेश किया गया। सीडब्ल्यूसी बाराबंकी के अध्यक्ष अंगद सिंह ने बच्चे को राजकीय बालगृह शिशु में आश्रय दिलाए जाने और बच्चे की मेडिकल जांच कराए जाने का निर्देश दिया। चाइल्ड लाइन सदस्य प्रकाश ने बताया कि बच्चे को शनिवार शाम बालगृह शिशु में आश्रय दिला दिया गया है। लेकिन अभी बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण होना है। उनके मुताबिक बच्चा कमर से कमजोर है दो साल का मासूम न चल पा रहा है न बैठ पा रहा है।