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मुर्हरम की पांचवी तारीख पर रहा मजलिसों का दौर
Updated Mon, 17 Sep 2018 01:05 AM IST
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मुर्हरम की पांचवी तारीख पर मजलिसों का दौर
क्रासर
- शहर में निकला अलम का जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो-49 पी
बाराबंकी। गमों में डूबी मुहर्रम की पांचवी तारीख पर रविवार को शहर से लेकर गांवों तक मजलिसों का दौर जारी रहा। वही शहर में अलम का जुलूस भी शांतिपूर्ण माहौल में निकाला गया।
रविवार को कटरा मोहल्ले के इमामबाड़ा मीर मासूम अली में मजलिस को खिताब करते हुए आली जनाब मौलाना जाबिर जौरासी ने कहा हयाते नबी व कारवाने इस्लाम पर अबूतालिब व उनकी आल का एहसान है। वहीं मौलाना गुलाम अस्करी हाल में मजलिस को खिताब करते हुए आली जनाब मौलाना अब्बास खान ने कहा अजादारी इत्तेहाद का मरकज है। वहीं शहर के नाका पैसार क्षेत्र में सालाना मजलिस को खिताब करते हुए प्रो. शहाब ने कहाकि मासूम रहबरों की कयादत नजात का जरिया है। ऐसे में अमल व इबादत तब तक बेकार जब तक बातिल से राब्ता है। रसूलपुर मोहल्ले के अजाखाने में आली जनाब मौलाना आजिम जौरासी ने कहाकि कर्बला का जिक्र हक व बातिल की पहचान कराता है। उधर, मोर्हरम को लेकर अलम का जुलूस पीरबटावन मोहल्ले से निकाला गया जो शहर मुख्य मार्ग घंटाघर, धनोखर से निबलेट चौराहे से से छाया होते हुए वापस गया।
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- शहर में निकला अलम का जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो-49 पी
बाराबंकी। गमों में डूबी मुहर्रम की पांचवी तारीख पर रविवार को शहर से लेकर गांवों तक मजलिसों का दौर जारी रहा। वही शहर में अलम का जुलूस भी शांतिपूर्ण माहौल में निकाला गया।
रविवार को कटरा मोहल्ले के इमामबाड़ा मीर मासूम अली में मजलिस को खिताब करते हुए आली जनाब मौलाना जाबिर जौरासी ने कहा हयाते नबी व कारवाने इस्लाम पर अबूतालिब व उनकी आल का एहसान है। वहीं मौलाना गुलाम अस्करी हाल में मजलिस को खिताब करते हुए आली जनाब मौलाना अब्बास खान ने कहा अजादारी इत्तेहाद का मरकज है। वहीं शहर के नाका पैसार क्षेत्र में सालाना मजलिस को खिताब करते हुए प्रो. शहाब ने कहाकि मासूम रहबरों की कयादत नजात का जरिया है। ऐसे में अमल व इबादत तब तक बेकार जब तक बातिल से राब्ता है। रसूलपुर मोहल्ले के अजाखाने में आली जनाब मौलाना आजिम जौरासी ने कहाकि कर्बला का जिक्र हक व बातिल की पहचान कराता है। उधर, मोर्हरम को लेकर अलम का जुलूस पीरबटावन मोहल्ले से निकाला गया जो शहर मुख्य मार्ग घंटाघर, धनोखर से निबलेट चौराहे से से छाया होते हुए वापस गया।
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