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Barabanki News: - 31 हजार 441 की बुकिंग, 20 हजार 472 सिलिंडर उपलब्ध, 10 हजार 531 की हुई डिलीवरी
Sat, 14 Mar 2026 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 14 Mar 2026 01:21 AM IST
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बाराबंकी। घरेलू गैस सिलिंडर का संकट अब बेकाबू होकर हिंसक मोड़ ले चुका है। जिले की वितरण व्यवस्था इस कदर चरमराई है कि शुक्रवार को बंकी स्थित अमित गैस एजेंसी जंग का अखाड़ा बन गई। महज एक सिलेंडर पहले पाने की होड़ में उपभोक्ताओं के बीच जमकर लात-घूंसे चले। इस अराजकता ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने आनन-फानन में सभी गैस एजेंसियों पर पुलिस बल तैनात करने का फरमान जारी किया है। डीएम ने तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों को सख्त लहजे में चेताया है कि तकनीकी खामियों और सप्लाई चेन की सुस्ती को फौरन सुधारा जाए, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने एक नया नियम लागू किया है। अब उपभोक्ताओं को एक सिलिंडर मिलने के बाद 45 दिनों तक दूसरे सिलिंडर के लिए इंतजार करना होगा। जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी का तर्क है कि यह कदम पैनिक बुकिंग और स्टॉकिंग रोकने के लिए है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या बड़े परिवारों की रसोई 45 दिन तक एक ही सिलिंडर के भरोसे चल पाएगी या यह नियम केवल कागजों पर सप्लाई और डिमांड के अंतर को पाटने की एक कोशिश मात्र है।
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डीएम ने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर नहीं है जितनी बताई जा रही है। मौजूदा समय में भी 20,472 सिलिंडर एजेंसियों पर उपलब्ध हैं। एक माह में 31 हजार 441 ने गैस की बुकिंग कराई। इनमें से 10531 को गैस उपलब्ध करा दी गई है। इंडियन ऑयल की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई और कहा कि कंपनियों जहां पर भी दिक्कतें आ रही हैं उसे दूर कराएं। गैस एजेंसी संचालकों की मांग पर उन्होंने सभी एजेंसियों पर पुलिस की तैनाती के निर्देश दिए।
डिलीवर कोड ने बढ़ाई और मुसीबत
एजेंसी संचालकों ने जिलाधिकारी को बताया कि कंपनियों द्वारा लागू किए गए नए नियमों से दिक्कतें बढ़ी है। सबसे ज्यादा दिक्कत डिलीवर कोड को लेकर आ रही है, क्योंकि जब तक इस कोड को अपलोड नहीं किया जाएगा तब तक सिलिंडर न मिल पाएगा। यह सर्वर की दिक्कतों के चलते बाधा बना हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि कंपनियां समय से डाटा अपडेट नहीं करती है इससे भी दिक्कतें आती हैं। इस पर डीएम ने कंपनियों को सुधार के निर्देश दिए।
ऑनलाइन बुकिंग न होने से लग रही लाइन
कंपनियों की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई है। घंटों जूझने के बाद भी गैस की बुकिंग नहीं हो पा रही है यही वजह है कि एजेंसियों पर भीड़ बढ़ रही है। उपभोक्ताओं का कहना हैं बुकिंग के अगले दिन ही गैस सिलिंडर घर आ जाता था लेकिन अब बुकिंग के एक हफ्ते बाद भी गैस नहीं मिल रही है।
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जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने आनन-फानन में सभी गैस एजेंसियों पर पुलिस बल तैनात करने का फरमान जारी किया है। डीएम ने तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों को सख्त लहजे में चेताया है कि तकनीकी खामियों और सप्लाई चेन की सुस्ती को फौरन सुधारा जाए, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
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संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने एक नया नियम लागू किया है। अब उपभोक्ताओं को एक सिलिंडर मिलने के बाद 45 दिनों तक दूसरे सिलिंडर के लिए इंतजार करना होगा। जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी का तर्क है कि यह कदम पैनिक बुकिंग और स्टॉकिंग रोकने के लिए है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या बड़े परिवारों की रसोई 45 दिन तक एक ही सिलिंडर के भरोसे चल पाएगी या यह नियम केवल कागजों पर सप्लाई और डिमांड के अंतर को पाटने की एक कोशिश मात्र है।
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डीएम ने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर नहीं है जितनी बताई जा रही है। मौजूदा समय में भी 20,472 सिलिंडर एजेंसियों पर उपलब्ध हैं। एक माह में 31 हजार 441 ने गैस की बुकिंग कराई। इनमें से 10531 को गैस उपलब्ध करा दी गई है। इंडियन ऑयल की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई और कहा कि कंपनियों जहां पर भी दिक्कतें आ रही हैं उसे दूर कराएं। गैस एजेंसी संचालकों की मांग पर उन्होंने सभी एजेंसियों पर पुलिस की तैनाती के निर्देश दिए।
डिलीवर कोड ने बढ़ाई और मुसीबत
एजेंसी संचालकों ने जिलाधिकारी को बताया कि कंपनियों द्वारा लागू किए गए नए नियमों से दिक्कतें बढ़ी है। सबसे ज्यादा दिक्कत डिलीवर कोड को लेकर आ रही है, क्योंकि जब तक इस कोड को अपलोड नहीं किया जाएगा तब तक सिलिंडर न मिल पाएगा। यह सर्वर की दिक्कतों के चलते बाधा बना हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि कंपनियां समय से डाटा अपडेट नहीं करती है इससे भी दिक्कतें आती हैं। इस पर डीएम ने कंपनियों को सुधार के निर्देश दिए।
ऑनलाइन बुकिंग न होने से लग रही लाइन
कंपनियों की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई है। घंटों जूझने के बाद भी गैस की बुकिंग नहीं हो पा रही है यही वजह है कि एजेंसियों पर भीड़ बढ़ रही है। उपभोक्ताओं का कहना हैं बुकिंग के अगले दिन ही गैस सिलिंडर घर आ जाता था लेकिन अब बुकिंग के एक हफ्ते बाद भी गैस नहीं मिल रही है।