फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   azam khan statement about discipline in up

'अनुशासन की कमी से हो रहा यह सब'

Sat, 02 Nov 2013 08:27 AM IST
अमर उजाला, रामपुर
अमर उजाला, रामपुर Updated Sat, 02 Nov 2013 08:27 AM IST
विज्ञापन
azam khan statement about discipline in up

उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ने आजम खां ने कहा है कि यह हमारे जैसे किसी सीनियर मिनिस्टर का स्तर नहीं है कि वह अपने क्लैरिकल स्टाफ को लेकर टिप्पणी करे। मेरा कोई भी काम एक मिनट के लिए नहीं रुकता है। मेरे पास बहुत स्टाफ हैं।

विज्ञापन


आजम खां अपने स्टाफ की नाराजगी को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अनुशासन के बिना जिंदगी नहीं चल सकती है। अगर परिवार में अनुशासन नहीं रहेगा तो वह टूट जाएगा।
विज्ञापन


परिवार के मुखिया का सम्मान होना चाहिए। उसकी बात मानी जानी चाहिए। असल में कभी कभी ऐसा होता जो लोग भ्रष्टाचार नहीं करते हैं, काम करने में यकीन रखते हैं, वक्त की पाबंदी, ईमानदारी व कमिटमेंट चाहते हैं, उनके सामने परेशानी आती है। हम तो अकेले इतनी मेहनत कर लेते हैं कि हमारे बहुत से लोग मिलकर नहीं कर पाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अनुशासन के बिना ही तो देश में बर्बादी हुई है। देश और उत्तर प्रदेश में आप जो कुछ भी देख रहे हैं वह अनुशासन की कमी ही तो है। अगर अनुशासन लागू हो जाए और हमें यह एहसास हो जाए कि हमें उसके अंदर रहना है। अगर अनुशासन के अंदर नहीं रहना है तो देश के पास मजबूत कानून है जिसे जब लागू किया जाता है.. तो अनुशासन कायम हो जाता है।

काम पर न लौटने पर कार्रवाई की तैयारी
लखनऊ। संसदीय कार्य मंत्री एवं नगर विकास मंत्री आजम खां के स्टाफ के काम न करने का मामला उलझता जा रहा है। तीन दिन बीतने के बावजूद शासन इन कर्मियों के प्रत्यावेदन पर कोई फैसला नहीं कर पाया है। संकेत है कि सरकार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रही है।

शासन ने कर्मियों को फिर से काम पर लौटने की हिदायत दी थी. पर सचिवालय संगठनों के जबर्दस्त समर्थन की वजह से कर्मचारी काम पर नहीं लौटे। शासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत दे दिए हैं। आधार भी तलाश लिया गया है।

कर्मचारियों द्वारा संसदीय कार्यमंत्री को लिखे गए पत्र को सचिवालय प्रशासन विभाग के अलावा उच्चाधिकारियों को सीधे भेजने व सचिवालय संघ को देने को कार्रवाई का पर्याप्त आधार के रूप में लिया जा रहा है।

उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर पुरजोर विरोध का फैसला
सचिवालय के विभिन्न संवर्गों से जुड़े संगठनों ने सरकार के संभावित कदम का अनुमान लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की गई तो वे संयुक्त रूप से इसका विरोध करेंगे।


सचिवालय संघ कार्यकारिणी की शुक्रवार को हुई आपात बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि यदि सरकार उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करती है तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा और सचिवालय में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed