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अखिलेश सरकार के जश्न से दूर-दूर रहे आजम
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Sat, 16 Mar 2013 12:05 PM IST
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आम दिनों में सुबह से गुलजार रहने वाले 3, विक्रमादित्य मार्ग पर शुक्रवार को सन्नाटा पसरा था। जो लोग कोठी में जाना चाहते थे, उनके लिए गेट नहीं खुले। प्रदेश के सबसे ताकतवर मंत्रियों में शुमार आजम खां की कोठी से ही उनके मिजाज का अंदाज लगाया जा सकता है। सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरा होने के जश्न से वह दूर रहे।
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सवाल ये है कि आखिर सपा महासचिव और नगर विकास मंत्री आजम खां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने क्यों नहीं पहुंचे। और तो और पार्टी कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से भी वह नहीं मिले। जबकि आजम खां का बंगला सपा मुख्यालय से थोड़ी ही दूर पर है।
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दरअसल, शुक्रवार का दिन थोड़ा अलग था। इस दिन प्रदेश भर में सपा सरकार की पहली वर्षगांठ का जश्न मन रहा था, और आजम खां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से दूर थे। वह अपने आवास में कैद थे। वजह सेहत नासाज होना बताई जा रही थी लेकिन राजनीतिक हलकों में उनका मूड आफ होने की चर्चा आम रही।
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इसलिए भी कि मुलायम सिंह दिल्ली से आए, दुपहर से शाम तक पार्टी मुख्यालय में बैठे। कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, लेकिन आजम खां दिखाई नहीं पड़े। इससे पहले 5, कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री निवास में भी कई आंखें उन्हें तलाशती दिखी।
आजम खां अकसर कई खास मौकों पर नाराज हो जाते हैं। कैबिनेट की बैठक में कई मुद्दों पर उनका रुख सख्त हो जाता है। पार्टी फोरम और जनता के बीच कई बार बेबाकी से ऐसा बोल जाते हैं, जिसे वे मुनासिब मानते हैं। भले ही यह पार्टी लाइन को मैच न करता हो। कई बार पार्टी लाइन के खिलाफ ही क्यों न हो।
बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में प्राइवेट विश्वविद्यालयों बनाने के लिए जमीन का मानक कम करने पर वह अपनी नाराजगी का इजहार कर चुके हैं। गत दिवस विधानसभा में भी उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान कहा कि मेडिकल कालेज खोलने में 500 करोड़ लगते हैं। जिनके पास नंबर-2 का पैसा नहीं है, उनके लिए कालेज बनाना संभव नहीं है। अब इतनी रकम लगाने कोई मिशनरी नहीं आता।