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Ayodhya News: कहां गायब हो जाते हैं इलाज की खोज में आए रोगी

Tue, 28 Oct 2025 09:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Tue, 28 Oct 2025 09:19 PM IST
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Where do patients who come in search of treatment disappear?
सतीश पाठक
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अयोध्या। सस्ते और अच्छे इलाज की खोज में आए मरीज रहस्यमय ढंग से गायब हो रहे हैं। सिर्फ जिला अस्पताल में ही ऐसे रोगियों की संख्या प्रतिदिन 15-16 तक पहुंच रही है। इससे इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, इसमें किसी खेल की संभावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है।
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद से 212 बेड के जिला अस्पताल का लोड कम हुआ है। कुमारगंज और मिल्कीपुर क्षेत्र में नए अस्पतालों के बनने से भी राहत मिली है। इसके बावजूद यहां काफी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। खासतौर से इमरजेंसी ओपीडी में मरीजों की भीड़ अधिक रहती है। उनके इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा कमोवेश बेहतर संसाधन भी उपलब्ध हैं। इसके बावजूद यहां से जुड़े कुछ आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
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बेहतर इलाज के तमाम दावों के बावजूद यहां से पिछले चार माह में 1931 रोगी रहस्यमय ढंग से गायब हो गए हैं। जबकि, 50-70 मरीज दो-तीन दिन इलाज के बाद स्वेच्छा से चले जाते हैं। यह स्थिति कोई एक-दो माह से नहीं, बल्कि समय से बनी है। ऐसे में दोनों स्थितियां व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न उठा रही हैं। इनसे सवाल उठते हैं कि यदि रोगी यहां भर्ती नहीं होना चाहते तो इतनी संख्या में आते क्यों हैं?
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कहीं उनके भर्ती होने के बाद इलाज में ढिलाई तो नहीं होती या अस्पताल में दलाली प्रथा हावी है? सवाल यह भी है कि कहीं बेड उपयोगिता दर बढ़ाने के लिए तो मरीजों को जबरदस्ती भर्ती करने का खेल नहीं हो रहा है? क्योंकि अस्पतालों को बेड उपयोगिता दर के हिसाब से व्यवस्था संचालन के लिए बजट जारी किया जाता है। हालांकि, इसे लेकर अस्पताल प्रशासन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका है।


जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अजय चौधरी ने बताया कि कुछ मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें इलाज की जरूरत होती है, फिर भी वह फाइल पर लिखकर चले जाते हैं, जिन्हें लामा कहते हैं। वहीं, कई लोग बिना बताए चले जाते हैं, जिसकी निगरानी कराई जाएगी। वहीं, अपर निदेशक डॉ. बीके सिंह चौहान ने बताया कि यह स्थिति तो चौंकाने वाली है। इसे लेकर प्रमुख अधीक्षक से बात की जाएगी।
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