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Ayodhya News: मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर का निजी प्रैक्टिस का वीडियो वायरल
Thu, 06 Aug 2026 08:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 06 Aug 2026 08:50 PM IST
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अयोध्या। मेडिकल कॉलेज दर्शननगर के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार का निजी अस्पताल में मरीज देखते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। यह वीडियो नाका स्थित एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल का बताया जा रहा है। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
बीते दिनों शासन ने सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों (नॉन प्रैक्टिस अलाउंस लेने वालों) से निजी प्रैक्टिस न करने के संबंध में शपथ पत्र मांगा था। मेडिकल कॉलेज के भी सभी संकाय सदस्यों ने इस आशय का शपथ पत्र दिया था। इसके बावजूद जिले में निजी प्रैक्टिस नहीं थम रही है। बृहस्पतिवार को यहां के मेडिसिन विभागाध्यक्ष और फिजिशियन का निजी प्रैक्टिस करते हुए वीडियो वायरल होने के बाद हलचल मच गई है।
फरवरी में ही हुई थी शिकायत
फरवरी में ही डॉ. अरविंद कुमार का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें भी वह नाका स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज देख रहे थे। एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री कार्यालय तक इसकी शिकायत भी की थी, जिस पर अपर मुख्य सचिव ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बावजूद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर दोबारा नया वीडियो सामने आने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
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स्पष्टीकरण तक सीमित है कार्रवाई
निजी प्रैक्टिस के मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ स्पष्टीकरण तक सीमित दिख रही है। प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मार्ताेलिया ने बताया कि निजी प्रैक्टिस पर पूरी तरह रोक है। इस मामले में चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया कि पहले भी स्पष्टीकरण मांगा गया था। वहीं, कॉलेज से जुड़े लोग संबंधित चिकित्सक को कॉलेज प्रशासन का करीबी बताते हुए संरक्षण मिलने का भी आरोप लगा रहे हैं।
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बीते दिनों शासन ने सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों (नॉन प्रैक्टिस अलाउंस लेने वालों) से निजी प्रैक्टिस न करने के संबंध में शपथ पत्र मांगा था। मेडिकल कॉलेज के भी सभी संकाय सदस्यों ने इस आशय का शपथ पत्र दिया था। इसके बावजूद जिले में निजी प्रैक्टिस नहीं थम रही है। बृहस्पतिवार को यहां के मेडिसिन विभागाध्यक्ष और फिजिशियन का निजी प्रैक्टिस करते हुए वीडियो वायरल होने के बाद हलचल मच गई है।
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फरवरी में ही हुई थी शिकायत
फरवरी में ही डॉ. अरविंद कुमार का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें भी वह नाका स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज देख रहे थे। एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री कार्यालय तक इसकी शिकायत भी की थी, जिस पर अपर मुख्य सचिव ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बावजूद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर दोबारा नया वीडियो सामने आने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
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स्पष्टीकरण तक सीमित है कार्रवाई
निजी प्रैक्टिस के मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ स्पष्टीकरण तक सीमित दिख रही है। प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मार्ताेलिया ने बताया कि निजी प्रैक्टिस पर पूरी तरह रोक है। इस मामले में चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया कि पहले भी स्पष्टीकरण मांगा गया था। वहीं, कॉलेज से जुड़े लोग संबंधित चिकित्सक को कॉलेज प्रशासन का करीबी बताते हुए संरक्षण मिलने का भी आरोप लगा रहे हैं।