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भास्कर की मौत से संदेह के घेरे में पुलिस : गिरफ्तारी के बाद तीन थाना क्षेत्र पार कर गई रुद्रपुर पुलिस
Mon, 29 Jul 2024 12:39 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 29 Jul 2024 12:39 AM IST
सार
उत्तराखंड पुलिस की कस्टडी में शुक्रवार रात हुई भास्कर की मौत से गिरफ्तार करने वाली टीम के साथ दो राज्यों के पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
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भास्कर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तराखंड पुलिस की कस्टडी में शुक्रवार रात हुई भास्कर की मौत से गिरफ्तार करने वाली टीम के साथ दो राज्यों के पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जिले के पुलिस अधिकारी युवक की गिरफ्तारी से लेकर मौत की टाइमिंग पर भी एक मत नहीं हैं। गिरफ्तारी के बाद से पुलिस, चिकित्सक व परिजन अलग-अलग बयानबाजी कर रहे हैं। वहीं, उत्तराखंड पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद भाष्कर को लेकर एक नहीं, तीन थाने की सीमा पार कर लिया, लेकिन स्थानीय पुलिस को कोई सूचना नहीं दी।
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शुक्रवार की रात उत्तराखंड पुलिस कस्टडी में सिद्धार्थनगर जिले के महुलानी बर्डपुर निवासी भास्कर पांडेय (32) की मौत हो गई थी। इस मामले में परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया था। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन पुलिस कस्टडी में मौत के बाद भी जिले की पुलिस सहयोगी भूमिका में नजर आ रही है। वह उत्तराखंड पुलिस के दावे पर ही मुहर लगाकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच पर बात टाल रही है। लेकिन अमर उजाला की पड़ताल में पुलिस अधिकारी अपने ही बयानों में उलझते दिखे। इसी से संदेह हो रहा है।
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जिला अस्पताल के ईएमओ का बयान
जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. आशुतोष सिंह ने एक बयान में बताया कि भास्कर पांडेय नाम के युवक को रात 09:10 बजे लाया गया था। यहां पर लाए तो वह ब्रॉट डेड था।
यह था मामला
भास्कर पांडेय, बरगदवा निवासी अपने दोस्त रवि के पास एलएलबी की परीक्षा देने आए थे। शुक्रवार की रात लगभग 07:30 से 08:00 के बीच नयाघाट से बस में वह बैठे तभी सादी वर्दी में आए तीन लोग भास्कर को साथ लेकर चले गए। रात 09:10 बजे भास्कर को जिला अस्पताल लाया गया, वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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परिजनों को तीन घंटे बाद दी सूचना, बंद हो गया मोबाइल फोन
मृतक के भाई राबुन पांडेय ने बताया कि रात 12 बजे किसी ने फोन किया और तुरंत फैजाबाद जिला अस्पताल आने को कहकर फोन काट दिया। इसके बाद वह फोन भी बंद हो गया। हार्ट अटैक से मौत की बात कही जा रही है, लेकिन भास्कर एकदम फिट थे। उन्हें कभी किसी तरह की दिक्कत नहीं थी।
इन पुलिसकर्मियों ने किया था गिरफ्तार
भास्कर को गिरफ्तार करने में रुद्रपुर पुलिस के एसएसआई दीपक जोशी, आरक्षी दीप, आरक्षी अमित व चालक सूरज शामिल थे।
एसएसपी राजकरन नय्यर से दो टूक
सवाल : रुद्रपुर पुलिस ने आरोपी को कितने बजे गिरफ्तार किया?
जवाब : अस्पताल लेकर वह लोग लगभग नौ बजे पहुंचे हैं।
सवाल : भास्कर के साथ के एक व्यक्ति ने बताया कि लगभग 07:30 बजे उसे लेकर पुलिस गई है, लेकिन अस्पताल 09:10 बजे पहुंची है। इस लिहाज से टाइमिंग ज्यादा है।
जवाब : एनएचआरसी देखेगी और जांच करेगी।
सवाल : गिरफ्तारी के बाद आपको उन्होंने सूचित नहीं किया था?
जवाब : उनका कहना है कि जैसे ही उन्होंने पूछताछ के लिए उठाया, उसकी हालत खराब होने लगी, इसलिए तत्काल उन्हें अस्पताल लेकर आए।
सवाल : नियमत: उन्हें गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस को सूचना देनी चाहिए?
जवाब : उनका कहना है कि जिस दौरान उसे थाने लेकर जाने लगे, इसी दौरान उसकी तबियत बिगड़ने लगी।
सवाल : कुछ अधिकारियों का कहना है कि रौनाही के पास उसकी तबियत खराब हुई।
जवाब : उनका कहना है कि पहले वह उन्हें प्राइवेट डॉक्टर के पास लेकर जा रहे थे। स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ रहा था, इसलिए जिला अस्पताल लाए।
सवाल : आपकी जांच में क्या मिला है?
जवाब : पंचायतनामा हुआ है, वीडियोग्राफी हुई, पोस्टमार्टम में किसी तरह की चोट आई नहीं है, हार्ट अटैक से मृत्यु का कारण आया है।
सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह से दो टूक :
सवाल : भास्कर को पुलिस ने कितने बजे अरेस्ट किया था?
जवाब : आठ बजे अरेस्ट किया था। उसे लेकर जैसे ही चले, रौनाही पुल के पास हिचकी आने लगी तो तुरंत वापस लेकर जिला अस्पताल 08:55 पर पहुंचे। 09:05 पर उसकी मौत का सर्टिफिकेट मिला है।
सवाल : क्या उसे पहले प्राइवेट अस्पताल ले जा रहे थे?
जवाब : यह हम नहीं बता सकते हैं।
सवाल : इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को उन्होंने दी?
जवाब : बिना सूचना दिए निकलना नहीं था, यह गैरकानूनी है।
जवाब : अस्पताल लेकर वह लोग लगभग नौ बजे पहुंचे हैं।
सवाल : भास्कर के साथ के एक व्यक्ति ने बताया कि लगभग 07:30 बजे उसे लेकर पुलिस गई है, लेकिन अस्पताल 09:10 बजे पहुंची है। इस लिहाज से टाइमिंग ज्यादा है।
जवाब : एनएचआरसी देखेगी और जांच करेगी।
सवाल : गिरफ्तारी के बाद आपको उन्होंने सूचित नहीं किया था?
जवाब : उनका कहना है कि जैसे ही उन्होंने पूछताछ के लिए उठाया, उसकी हालत खराब होने लगी, इसलिए तत्काल उन्हें अस्पताल लेकर आए।
सवाल : नियमत: उन्हें गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस को सूचना देनी चाहिए?
जवाब : उनका कहना है कि जिस दौरान उसे थाने लेकर जाने लगे, इसी दौरान उसकी तबियत बिगड़ने लगी।
सवाल : कुछ अधिकारियों का कहना है कि रौनाही के पास उसकी तबियत खराब हुई।
जवाब : उनका कहना है कि पहले वह उन्हें प्राइवेट डॉक्टर के पास लेकर जा रहे थे। स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ रहा था, इसलिए जिला अस्पताल लाए।
सवाल : आपकी जांच में क्या मिला है?
जवाब : पंचायतनामा हुआ है, वीडियोग्राफी हुई, पोस्टमार्टम में किसी तरह की चोट आई नहीं है, हार्ट अटैक से मृत्यु का कारण आया है।
सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह से दो टूक :
सवाल : भास्कर को पुलिस ने कितने बजे अरेस्ट किया था?
जवाब : आठ बजे अरेस्ट किया था। उसे लेकर जैसे ही चले, रौनाही पुल के पास हिचकी आने लगी तो तुरंत वापस लेकर जिला अस्पताल 08:55 पर पहुंचे। 09:05 पर उसकी मौत का सर्टिफिकेट मिला है।
सवाल : क्या उसे पहले प्राइवेट अस्पताल ले जा रहे थे?
जवाब : यह हम नहीं बता सकते हैं।
सवाल : इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को उन्होंने दी?
जवाब : बिना सूचना दिए निकलना नहीं था, यह गैरकानूनी है।