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Ayodhya : बलिदानी युवा अधिकारी लेफ्टिनेंट शशांक का पार्थिव शरीर पहुंचा अयोध्या, आज होगा अंतिम संस्कार

Sat, 24 May 2025 09:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 24 May 2025 09:00 AM IST
सार

Lieutenant Shashank Tiwari Ayodhya : लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके चचेरे भाई अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि शशांक के पिता जंग बहादुर तिवारी अमरीका से चल चुके हैं।

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Ayodhya News: Lieutenant Shashank Last Rites Today Sacrifices His Life Saving A Comrade In Sikkim
लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी का पार्थिव शरीर शनिवार शाम विशेष एयर क्राॅफ्ट से अयोध्या पहुंचा। यहां सेना की तरफ से उन्हें सलामी दी गई। शनिवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके चचेरे भाई अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि शशांक के पिता जंग बहादुर तिवारी अमरीका से चल चुके हैं।

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युवा अधिकारी लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी (23) साथी की जान बचाते हुए सिक्किम में बलिदान हो गए थे। सेना की सिक्किम स्काउट यूनिट के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के निवासी थे। वह बृहस्पतिवार को उत्तर सिक्किम में एक ऑपरेशनल कार्य के दौरान अपने साथी सैनिक की जान बचाते हुए बलिदान हो गए। वह महज छह महीने पहले 14 दिसंबर, 2024 को सेना में नियुक्त हुए थे। शशांक एक टैक्टिकल ऑपरेटिंग बेस (टीओबी ) की ओर रूट ओपनिंग पेट्रोल (आरओपी ) का नेतृत्व कर रहे थे। 
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सिक्किम: अपने साथी की जान बचाते हुए यूपी का एक युवा अधिकारी का बलिदान, छह महीने पहले हुए थे सेना में भर्ती
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ये बेस सेना की भविष्य की तैनाती के लिए एक महत्वपूर्ण चौकी के रूप में तैयार किया जा रहा था। सुबह करीब 11 बजे पेट्रोल में शामिल अग्निवीर स्टीफन सुब्बा एक लकड़ी के पुल को पार करते समय संतुलन खो बैठे और तेज बहाव वाली एक पहाड़ी नदी में बह गए। लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी ने सतर्कता, नेतृत्व और समर्पण का परिचय देते हुए खतरनाक धारा में छलांग लगा दी। उनके साथ सैनिक नायक पुकार कटेल भी नदी में कूद गए। दोनों ने मिलकर डूबते हुए अग्निवीर को बचा लिया। लेकिन दुर्भाग्यवश लेफ्टिनेंट तिवारी को नदी की तेज धारा अपने साथ बहा ले गई। उनका शव लगभग सुबह 11.30 बजे 800 मीटर नीचे बरामद किया गया। 


माता-पिता की इकलौती संतान थे शशांक
अयोध्या के गदोपुर मझवा गांव के मूल निवासी शशांक अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। उनके पिता भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त सेलर हैं। लेफ्टिनेंट तिवारी ने अयोध्या में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की।  

सिक्किम के सीएम ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने सोशल मीडिया पर बलिदान सैनिक को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि  लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के दुखद बलिदान होने से गहरा दुख हुआ।  उनका साहस, कर्तव्य की भावना और देश के प्रति प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी।

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