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Ayodhya News: चढ़ावा चोरी पर ट्रस्ट सख्त, बोले- दोषियों को मिले कठोरतम दंड

Mon, 06 Jul 2026 10:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Mon, 06 Jul 2026 10:41 PM IST
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Trust takes a tough stance on theft of offerings; demands strictest punishment for the guilty
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में मौजूद अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास व अन्य ट्र
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में चढ़ावा गणना में सामने आई अनियमितताओं पर गहन मंथन हुआ। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई कराई जाएगी। बैठक में महामंत्री और एक न्यासी के त्यागपत्र, अंतरिम व्यवस्थाओं तथा हालिया घटनाक्रम पर भी चर्चा हुई।
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बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान में ट्रस्ट ने कहा कि दानपात्रों से प्राप्त राशि की गणना में अनियमितता सामने आने से सभी न्यासी आहत और चिंतित हैं। मामले की जानकारी मिलते ही ट्रस्ट ने प्रारंभिक तथ्य जुटाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार से निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया, जिसके बाद शासन ने तत्काल उच्चस्तरीय एसआईटी का गठन किया। ट्रस्ट ने कहा कि एसआईटी की प्रारंभिक जांच में आठ लोगों के खिलाफ प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया और गिरफ्तारियां भी हुईं। अब पूरा मामला कानून के अनुसार आगे बढ़ रहा है। ट्रस्ट का स्पष्ट मत है कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
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ट्रस्ट ने अपील की कि यदि किसी व्यक्ति, संस्था या पत्रकार के पास मंदिर से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक आरोप लगाने के बजाय सीधे एसआईटी या जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रमाणों के आधार पर कार्रवाई हो सके। बैठक में ट्रस्ट ने यह भी कहा कि कुछ लोग इस प्रकरण का उपयोग श्रीराम जन्मभूमि, रामलला मंदिर और हिंदू आस्था को कमजोर करने के लिए कर रहे हैं तथा बिना साक्ष्य के आरोप लगाकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बावजूद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या और उनकी आस्था में कोई कमी नहीं आई है।
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ट्रस्ट ने अपने छह वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवधि में भव्य राम मंदिर का निर्माण, मुख्य मंदिर और परकोटे के सभी मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा, ध्वजारोहण तथा श्रीराम यंत्र की स्थापना जैसे ऐतिहासिक कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं।

इनसेट
31 मार्च तक रामलला को मिला 582 करोड़ का चढ़ावा

- ट्रस्ट के अनुसार 31 मार्च 2026 तक रामलला को कुल 582 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ। इसमें से 391 करोड़ रुपये संचालन व्यय पर खर्च किए गए हैं। वहीं निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस दान से प्राप्त 3264 करोड़ रुपये में से 2370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण एवं पूंजीगत कार्यों पर व्यय किए जा चुके हैं। शेष राशि ट्रस्ट के बैंक खातों में सुरक्षित है। ट्रस्ट ने दावा किया कि वित्तीय विवरण समय-समय पर सार्वजनिक किए जाते रहे हैं।


कानून के अनुसार आगे बढ़ रहा पूरा मामला

- ट्रस्ट ने कहा कि एसआईटी का कार्य केवल दोषियों की पहचान तक सीमित नहीं है। जांच दल यह भी सुझाव देगा कि ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में कौन-कौन से सुधार किए जाएं, जिससे चढ़ावा गणना और वित्तीय प्रबंधन की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा जवाबदेह बन सके। ट्रस्ट ने दोहराया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक सुधार लागू किए जाएंंगे।
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