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Ayodhya News: टिश्यू कल्चर से एक हेक्टेयर में 750 क्विंटल केले का उत्पादन
Mon, 23 Feb 2026 08:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 23 Feb 2026 08:30 PM IST
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20- खेती दिखाते किसान विजय कुमार वर्मा - संवाद
अयोध्या। पूरा बाजार विकासखंड के ग्राम दतौली निवासी विजय कुमार वर्मा ने टिश्यू कल्चर विधि से केले की खेती कर आय में जबरदस्त इजाफा कर लिया। 1.5 लाख की लागत में एक हेक्टेयर खेत से पांच लाख की आमदनी की। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से की गई इस खेती से न केवल उच्च उत्पादन हासिल किया, बल्कि कम लागत में अच्छी कमाई भी की, जिससे वे अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं।
विजय वर्मा ने प्रदेश सरकार की एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के लिए उद्यान विभाग से संपर्क किया। विभाग के अधिकारियों ने उन्हें टिश्यू कल्चर केले की खेती की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने एक हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी शुरुआत की। उन्होंने 3086 पौधे रोपित किए। प्रत्येक गड्ढे में 7-8 किलो सड़ी गोबर खाद और 30-40 ग्राम एनपीके उर्वरक डालकर गड्ढों की भराई की गई। रोपाई के बाद हल्की सिंचाई की गई। खेती के दौरान उन्होंने नियमित रूप से निराई-गुड़ाई, सिंचाई, संतुलित उर्वरकों का प्रयोग और कॉपर ऑक्सीक्लोराइड जैसे फफूंदनाशकों का छिड़काव किया। फसल लगभग 11-12 महीने में तैयार हुई। इस वैज्ञानिक विधि से उन्होंने एक हेक्टेयर में कुल 750 क्विंटल केला उत्पादित किया, जो क्षेत्र में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। उत्पादित केले को स्थानीय पूराबाजार नवीन सब्जी मंडी, अयोध्या में 700 से 850 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचा गया। कुल आमदनी लगभग 5 लाख रुपये रही। विजय वर्मा बताते हैं कि टिश्यू कल्चर पौधे रोगमुक्त और एकसमान विकास वाले होते हैं, जिससे उत्पादन बढ़ता है और बाजार में बेहतर मूल्य मिलता है। उन्होंने उद्यान विभाग के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।
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विजय वर्मा ने प्रदेश सरकार की एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के लिए उद्यान विभाग से संपर्क किया। विभाग के अधिकारियों ने उन्हें टिश्यू कल्चर केले की खेती की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने एक हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी शुरुआत की। उन्होंने 3086 पौधे रोपित किए। प्रत्येक गड्ढे में 7-8 किलो सड़ी गोबर खाद और 30-40 ग्राम एनपीके उर्वरक डालकर गड्ढों की भराई की गई। रोपाई के बाद हल्की सिंचाई की गई। खेती के दौरान उन्होंने नियमित रूप से निराई-गुड़ाई, सिंचाई, संतुलित उर्वरकों का प्रयोग और कॉपर ऑक्सीक्लोराइड जैसे फफूंदनाशकों का छिड़काव किया। फसल लगभग 11-12 महीने में तैयार हुई। इस वैज्ञानिक विधि से उन्होंने एक हेक्टेयर में कुल 750 क्विंटल केला उत्पादित किया, जो क्षेत्र में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। उत्पादित केले को स्थानीय पूराबाजार नवीन सब्जी मंडी, अयोध्या में 700 से 850 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचा गया। कुल आमदनी लगभग 5 लाख रुपये रही। विजय वर्मा बताते हैं कि टिश्यू कल्चर पौधे रोगमुक्त और एकसमान विकास वाले होते हैं, जिससे उत्पादन बढ़ता है और बाजार में बेहतर मूल्य मिलता है। उन्होंने उद्यान विभाग के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।
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