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Ayodhya News: विवादित जमीन का बैनामा कर 55 लाख की ठगी, तीन नामजद
Tue, 11 Nov 2025 08:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 11 Nov 2025 08:51 PM IST
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अयोध्या। दूसरे की विवादित जमीन का बैनामा करके 55 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर तीन लोगोंं के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू की है।
दर्ज एफआईआर में लखनऊ के बीबीडी ग्रीन सिटी निवासी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2022 में अयोध्या में धीरेंद्र सिंह, राम जन्मभूमि क्षेत्र के रामकोट निवासी रमेश दास और बस्ती के परसरामपुर क्षेत्र के बंदरगांव निवासी अमरेश पांडेय से संपर्क किया था। उन लोगों ने उन्हें नयाघाट के पास हाईवे पर स्थित जमीन दिखाई। वह जमीन रमेश दास की होने का दावा किया गया, जिसकी खतौनी दिखाई गई।
जमीन का नक्शा उपलब्ध कराया गया और इसे तहसील से जांच में भारमुक्त और विवाद रहित होने का प्रमाण दिया। उनकी बातों पर विश्वास करके उन्होंने रमेश दास का प्लॉट 60 लाख और उनके बगल स्थित आकृति माखेजा का प्लाॅट 40 लाख रुपये में लेने का सौदा किया। 24 मई, 2022 को रमेश दास के बैंक खाते में 10 लाख रुपये भेजे। इसके बाद कई बार में 10 लाख रुपये नकद दिए।
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आकृति माखेजा और भरत माखेजा के संयुक्त खाते में 30 मई, 2022 को पांच लाख रुपये दिए। धीरेंद्र सिंह को अलग-अलग तिथियों में 25 लाख रुपये दिए। बाद में अमरेश ने प्लॉट की बाउंड्री कराने के नाम पर 10 लाख रुपये और लिए, लेकिन बाउंड्री नहीं बनाई। बाद में पता चला कि वह जमीन दूसरे की है। आरोपियों ने उनका रुपया हड़पने के लिए दूसरे की जमीन दिखाकर अपनी जमीन का बैनामा किया है। कोतवाल मनोज शर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच की जा रही है।
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दर्ज एफआईआर में लखनऊ के बीबीडी ग्रीन सिटी निवासी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2022 में अयोध्या में धीरेंद्र सिंह, राम जन्मभूमि क्षेत्र के रामकोट निवासी रमेश दास और बस्ती के परसरामपुर क्षेत्र के बंदरगांव निवासी अमरेश पांडेय से संपर्क किया था। उन लोगों ने उन्हें नयाघाट के पास हाईवे पर स्थित जमीन दिखाई। वह जमीन रमेश दास की होने का दावा किया गया, जिसकी खतौनी दिखाई गई।
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जमीन का नक्शा उपलब्ध कराया गया और इसे तहसील से जांच में भारमुक्त और विवाद रहित होने का प्रमाण दिया। उनकी बातों पर विश्वास करके उन्होंने रमेश दास का प्लॉट 60 लाख और उनके बगल स्थित आकृति माखेजा का प्लाॅट 40 लाख रुपये में लेने का सौदा किया। 24 मई, 2022 को रमेश दास के बैंक खाते में 10 लाख रुपये भेजे। इसके बाद कई बार में 10 लाख रुपये नकद दिए।
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आकृति माखेजा और भरत माखेजा के संयुक्त खाते में 30 मई, 2022 को पांच लाख रुपये दिए। धीरेंद्र सिंह को अलग-अलग तिथियों में 25 लाख रुपये दिए। बाद में अमरेश ने प्लॉट की बाउंड्री कराने के नाम पर 10 लाख रुपये और लिए, लेकिन बाउंड्री नहीं बनाई। बाद में पता चला कि वह जमीन दूसरे की है। आरोपियों ने उनका रुपया हड़पने के लिए दूसरे की जमीन दिखाकर अपनी जमीन का बैनामा किया है। कोतवाल मनोज शर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच की जा रही है।