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Ayodhya News: दियरा स्टेट के उत्तराधिकारी ने दो हजार करोड़ की संपत्ति हड़पने का लगाया आरोप
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सिविल लाइन स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में मौजूद शरद पाठक बाबा व दियरा राज परिवार से
- फोटो : सिविल लाइन स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में मौजूद शरद पाठक बाबा व दियरा राज परिवार से जुड़े लोग।
अयोध्या। सुल्तानपुर के दियरा स्टेट की जिले में मौजूद दो हजार करोड़ की संपत्ति हड़पने का आरोप स्टेट के उत्तराधिकारी राजा बृजेंद्र प्रताप शाही ने लगाया है। बृहस्पतिवार को सिविल लाइन स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि उनके स्टेट की रियासत 336 गांवों में फैली है। इसमें अयोध्या में स्थित भूमियों की कीमत दो हजार करोड़ से अधिक है। इन्हें फर्जी दस्तावेज और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से हड़पने का प्रयास किया जा रहा है।
देवकाली, नियावां, खोजनपुर, जनौरा, रानोपाली, अंकारीपुर, टंडौली, माझा जमथरा, मऊशिवाला, फैजाबाद शहर, ककरही बाजार आदि में एक व्यक्ति ने खुद को राजा जगदीश प्रताप शाही का भतीजा बताकर, कूटरचना करके राजस्व अभिलेखों में अपना नाम दर्ज करवा लिया था। जबकि, राजा जगदीश प्रताप शाही के तीन पुत्र थे। इनमें स्व. रामानुज प्रताप शाही, बृजेंद्र प्रताप शाही, मारुतेंद्र प्रताप शाही शामिल हैं। मारुतेंद्र प्रताप शाही वर्तमान में लखनऊ में रहते हैं। इस समय राज परिवार के वह मुखिया और सरवराहकार हैं। अब भी विपक्षी कूटरचना करके इन जमीनों की वरासत अपने नाम चढ़वाने का प्रयास कर रहे हैं और जमीनों को फर्जी तरीके से बेच रहे हैं व एग्रीमेंट कर रहे हैं।
नियुक्ति पत्र पर किए गए हस्ताक्षर उनके पिता के नहीं थे, इसकी पुष्टि विशेषज्ञ से कराई गई है। उस नियुक्ति पत्र पर किसी गवाह के हस्ताक्षर नहीं हैं। बताया कि दियरा स्टेट की मांझा जमथरा में लगभग 1040 बिस्वा, देवकाली में 136 बिस्वा, रानोपाली में 29 बिस्वा, अंकारीपुर में 27 बिस्वा जमीन है। प्रदेश के एक न्यायिक अधिकारी की पत्नी के नाम लगभग 350 करोड़ की जमीन औने-पौने दाम पर एंग्रीमेंट और बैनामा की गई है। वह और उनका परिवार अपनी ही जमीनों पर कदम नहीं रख पा रहा है।
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दियरा स्टेट का रहा है गौरवशाली इतिहास
उन्होंने बताया कि दियरा स्टेट का गौरवशाली इतिहास रहा है। भगवान श्रीराम की कुल देवी बड़ी देवकाली मंदिर, मऊ शिवाला में शिव मंदिर, सुल्तानपुर स्थित धोपाप मंदिर के बारे में पुराणों में वर्णन है। रावण वध के बाद भगवान श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ के निर्देशानुसार ब्रह्म हत्या से मुक्ति के लिए यहां स्नान करके दीप जलाया था। इसलिए उनके स्टेट का नाम दियरा स्टेट पड़ा। स्टेट की धरोहर बचाने के लिए वह मुख्यमंत्री से मिलेंगे। इस मौके पर भाजपा नेता शरद पाठक बाबा, यश पाठक व अन्य मौजूद रहे।
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देवकाली, नियावां, खोजनपुर, जनौरा, रानोपाली, अंकारीपुर, टंडौली, माझा जमथरा, मऊशिवाला, फैजाबाद शहर, ककरही बाजार आदि में एक व्यक्ति ने खुद को राजा जगदीश प्रताप शाही का भतीजा बताकर, कूटरचना करके राजस्व अभिलेखों में अपना नाम दर्ज करवा लिया था। जबकि, राजा जगदीश प्रताप शाही के तीन पुत्र थे। इनमें स्व. रामानुज प्रताप शाही, बृजेंद्र प्रताप शाही, मारुतेंद्र प्रताप शाही शामिल हैं। मारुतेंद्र प्रताप शाही वर्तमान में लखनऊ में रहते हैं। इस समय राज परिवार के वह मुखिया और सरवराहकार हैं। अब भी विपक्षी कूटरचना करके इन जमीनों की वरासत अपने नाम चढ़वाने का प्रयास कर रहे हैं और जमीनों को फर्जी तरीके से बेच रहे हैं व एग्रीमेंट कर रहे हैं।
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नियुक्ति पत्र पर किए गए हस्ताक्षर उनके पिता के नहीं थे, इसकी पुष्टि विशेषज्ञ से कराई गई है। उस नियुक्ति पत्र पर किसी गवाह के हस्ताक्षर नहीं हैं। बताया कि दियरा स्टेट की मांझा जमथरा में लगभग 1040 बिस्वा, देवकाली में 136 बिस्वा, रानोपाली में 29 बिस्वा, अंकारीपुर में 27 बिस्वा जमीन है। प्रदेश के एक न्यायिक अधिकारी की पत्नी के नाम लगभग 350 करोड़ की जमीन औने-पौने दाम पर एंग्रीमेंट और बैनामा की गई है। वह और उनका परिवार अपनी ही जमीनों पर कदम नहीं रख पा रहा है।
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दियरा स्टेट का रहा है गौरवशाली इतिहास
उन्होंने बताया कि दियरा स्टेट का गौरवशाली इतिहास रहा है। भगवान श्रीराम की कुल देवी बड़ी देवकाली मंदिर, मऊ शिवाला में शिव मंदिर, सुल्तानपुर स्थित धोपाप मंदिर के बारे में पुराणों में वर्णन है। रावण वध के बाद भगवान श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ के निर्देशानुसार ब्रह्म हत्या से मुक्ति के लिए यहां स्नान करके दीप जलाया था। इसलिए उनके स्टेट का नाम दियरा स्टेट पड़ा। स्टेट की धरोहर बचाने के लिए वह मुख्यमंत्री से मिलेंगे। इस मौके पर भाजपा नेता शरद पाठक बाबा, यश पाठक व अन्य मौजूद रहे।