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Ayodhya News: गो आधारित उत्पादों के संवर्धन में समूहों की लें मदद
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अयोध्या। उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्त ने मंडल के गोवंश संरक्षण संबंधी अनुश्रवण व मूल्यांकन की समीक्षा बैठक आयुक्त सभागार में की। उन्होंने कहा कि सभी गोशालाओं में चारा, पानी, छाया व चिकित्सा की व्यवस्था समुचित रूप से उपलब्ध रहे। गो आधारित उत्पादों के संवर्धन के लिए स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि जिसके घर में जानवर उसके घर हरा चारा को अभियान के रूप में लिया जाए। गांवों में उपलब्ध पशुचर की भूमि पर नेपियर घास सहित अन्य पौष्टिक हरे चारे को उगाया जाए। मुख्यमंत्री गोवंश सहभागिता योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए लोगों को इस योजना से जोड़ा जाए। गो आधारित प्राकृतिक खेती के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश देते हुए गोवंश की सुरक्षा पर बल दिया।
कमिश्नर गौरव दयाल ने कहा कि मुख्यमंत्री गोवंश सहभागिता योजना के लाभार्थियों को निर्धारित समय पर डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाए। गो सेवा आयोग से पंजीकृत प्राइवेट गोशालाओं को खोलने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। आईजी प्रवीण कुमार ने कहा कि थाना वार गोशालाओं की सूची थानों में उपलब्ध करा दी जाए, जिससे निराश्रित गोवंशों को आश्रय स्थल पर पहुंचाने में सुविधा मिल सके। आयोग के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह व महेश शुक्ल और सदस्य राजेश सिंह सेंगर ने भी गोवंश संरक्षण व संवर्धन के लिए अपने सुझाव दिए। बैठक में संयुक्त निदेशक पशुपालन, संयुक्त निदेशक कृषि सहित अन्य मंडलीय अधिकारी व सभी जिलों के सीवीओ मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि जिसके घर में जानवर उसके घर हरा चारा को अभियान के रूप में लिया जाए। गांवों में उपलब्ध पशुचर की भूमि पर नेपियर घास सहित अन्य पौष्टिक हरे चारे को उगाया जाए। मुख्यमंत्री गोवंश सहभागिता योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए लोगों को इस योजना से जोड़ा जाए। गो आधारित प्राकृतिक खेती के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश देते हुए गोवंश की सुरक्षा पर बल दिया।
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कमिश्नर गौरव दयाल ने कहा कि मुख्यमंत्री गोवंश सहभागिता योजना के लाभार्थियों को निर्धारित समय पर डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाए। गो सेवा आयोग से पंजीकृत प्राइवेट गोशालाओं को खोलने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। आईजी प्रवीण कुमार ने कहा कि थाना वार गोशालाओं की सूची थानों में उपलब्ध करा दी जाए, जिससे निराश्रित गोवंशों को आश्रय स्थल पर पहुंचाने में सुविधा मिल सके। आयोग के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह व महेश शुक्ल और सदस्य राजेश सिंह सेंगर ने भी गोवंश संरक्षण व संवर्धन के लिए अपने सुझाव दिए। बैठक में संयुक्त निदेशक पशुपालन, संयुक्त निदेशक कृषि सहित अन्य मंडलीय अधिकारी व सभी जिलों के सीवीओ मौजूद रहे।
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