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Ayodhya News: छात्राओं ने सीखे कला, डिजाइन एवं उद्यमिता के गुर
Fri, 21 Feb 2025 08:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 21 Feb 2025 08:25 PM IST
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अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय के फैशन डिजाइनिंग पाठ्यक्रम में ‘हैंडीक्राॅफ्ट ऑफ अयोध्या’ विषय पर पांच दिवसीय कार्यशाला में विभिन्न रचनात्मक और व्यावहारिक सत्रों का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कला, डिजाइन एवं उद्यमिता से संबंधित महत्वपूर्ण कौशल सीखे।
पीएम-उषा योजना के तहत प्रौढ़ एवं सतत शिक्षा विभाग की ओर से संचालित कार्यशाला में दूसरे दिन फैशन डिजाइनिंग के समन्वयक डॉ. सुरेंद्र मिश्रा ने बताया कि ग्रामीण भारत की लोक कला आज भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। यदि इसे आधुनिक डिजाइन और आंतरिक सजावट में शामिल किया जाए, तो यह कला न केवल जीवंत बनी रहेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी। रिसोर्स पर्सन विनीता पटेल ने ‘लिपन आर्ट‘ से प्रशिक्षित किया। बताया कि यह आर्ट केवल एक पारंपरिक कला नहीं है, बल्कि यह आधुनिक जीवनशैली और डिजाइनिंग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कार्यशाला में छात्राओं ने मोमबत्ती निर्माण पर कार्य किया। रिसोर्स पर्सन के रूप में शालिनी पांडेय ने छात्रों को डिजाइनर, अरोमा, डेकोरेटिव मोमबत्ती के बनाने की प्रक्रिया के तकनीकी गुर सिखाए। कार्यशाला का संचालन रत्नेश यादव ने किया।
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पीएम-उषा योजना के तहत प्रौढ़ एवं सतत शिक्षा विभाग की ओर से संचालित कार्यशाला में दूसरे दिन फैशन डिजाइनिंग के समन्वयक डॉ. सुरेंद्र मिश्रा ने बताया कि ग्रामीण भारत की लोक कला आज भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। यदि इसे आधुनिक डिजाइन और आंतरिक सजावट में शामिल किया जाए, तो यह कला न केवल जीवंत बनी रहेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी। रिसोर्स पर्सन विनीता पटेल ने ‘लिपन आर्ट‘ से प्रशिक्षित किया। बताया कि यह आर्ट केवल एक पारंपरिक कला नहीं है, बल्कि यह आधुनिक जीवनशैली और डिजाइनिंग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कार्यशाला में छात्राओं ने मोमबत्ती निर्माण पर कार्य किया। रिसोर्स पर्सन के रूप में शालिनी पांडेय ने छात्रों को डिजाइनर, अरोमा, डेकोरेटिव मोमबत्ती के बनाने की प्रक्रिया के तकनीकी गुर सिखाए। कार्यशाला का संचालन रत्नेश यादव ने किया।
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