फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Society Must Unite to Protect Jain Pilgrimage Sites: Gyanmati

जैन तीर्थों की रक्षा को एकजुट हों समाज : ज्ञानमती

Sun, 10 May 2026 10:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sun, 10 May 2026 10:56 PM IST
विज्ञापन
Society Must Unite to Protect Jain Pilgrimage Sites: Gyanmati
स्थित भगवान ऋषभदेव जन्मभूमि जैन मंदिर में आयोजित भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी की प्
अयोध्या। भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के 125वें स्थापना वर्ष के अवसर पर जैन समाज पूरे देश में उत्सव मनाएगा। समारोह का आरंभ 22 अक्तूबर को मथुरा से होगा जहां संगठन का जन्म हुआ था। इससे पहले रविवार को रायगंज स्थित जैन मंदिर में रजत स्थापना वर्ष समारोह की तैयारी बैठक हुई। बैठक में देशभर से पहुंचे जैन समितियों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच जैन धर्म की सर्वोच्च साध्वी ज्ञानमती ने स्पष्ट संदेश दिया कि पंथ और मतभेद भुलाकर अब जैन तीर्थों की रक्षा के लिए संगठित होने का समय है।
विज्ञापन




उन्होंने कहा कि तीर्थों की वंदना और रक्षा दोनों आवश्यक हैं। किसी विवाद में उलझने के बजाय समाज को अपने तीर्थों की एकजुट होकर सुरक्षा करनी होगी। कमेटी के पदाधिकारी डॉक्टर जीवन प्रकाश जैन ने कहा कि संख्या कम होने के बावजूद जैन धर्म की संस्कृति, गुरु परंपरा और पुरातात्विक विरासत की चर्चा पूरी दुनिया में होती है। यही जैन समाज की सबसे बड़ी पहचान और गौरव है। उन्होंने बताया कि समारोह में यह भी निर्णय लिया गया कि देशभर के प्रमुख जैन तीर्थों पर अखिल भारतीय जैन तीर्थ सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे और तीर्थों पर विशेष शिलालेख स्थापित किए जाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को धर्म और विरासत का संदेश मिल सके।
विज्ञापन




बैठक में जैन समाज की एकजुटता और तीर्थों की सुरक्षा का संकल्प गूंजा। कार्यक्रम में आर्यिका चंदनामती, प्रतिष्ठाचार्य विजय जैन, समिति अध्यक्ष जंबू प्रसाद जैन, महामंत्री अमरचंद जैन, कार्याध्यक्ष अनिल कुमार जैन, जवाहर लाल जैन, संदेश जैन, अखिलेश जैन और मनोज जैन सहित विभिन्न राज्यों से आए करीब 200 प्रतिनिधि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन







एक वर्ष तक चलेंगे आयोजन, विरासत संरक्षण का लिया संकल्प



जैन मंदिर के पीठाधीश रवींद्रकीर्ति ने कहा कि समिति का 125वां वर्ष केवल गौरव गाथा का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य के संकल्प का अवसर भी है। उन्होंने बताया कि आगामी 22 अक्तूबर को समिति की स्थापना और तीर्थ सेवा के 125 वर्ष पूर्ण होंगे। इसे लेकर पूरे देश में एक वर्ष तक वृहद स्तर पर धार्मिक, सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जैन तीर्थ केवल पत्थरों और पहाड़ों की सुंदरता नहीं हैं, बल्कि वे पवित्र स्थल हैं जहां अनंत सिद्धों के निर्वाण के जीवंत चिह्न मौजूद हैं। समाज को अपनी इस अमूल्य विरासत को सहेजते हुए इसे इतिहास के स्वर्णिम अध्याय के रूप में स्थापित करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed