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Ayodhya News: छह गांव बाढ़ से घिरे, तटीय इलाकों में तेज हुई कटान
Mon, 12 Aug 2024 12:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 12 Aug 2024 12:16 AM IST
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ग्राम कैथी में जलस्तर बढ़ने के बाद का दृश्य।
अयोध्या। सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी रहने के बाद रविवार को जलस्तर में वृद्धि रुक गई। फिर भी सरयू अभी खतरे के निशान से 26 सेमी ऊपर बह रही है। सदर तहसील के छह गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। बाढ़ की आशंका से सहमे सोहावल और रुदौली तहसील के तटीय इलाकों के लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली लेकिन अब यहां पर कई गांवों में कटान तेज हो गई है।
रविवार को सरयू का जलस्तर 92़ 99 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो लाल निशान 92़ 73 मीटर से 26 सेमी ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार की शाम से सरयू के जलस्तर में वृद्धि का क्रम थम गया है। फिर भी यह खतरे के निशान से ऊपर ही है। इसकी अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में अयोध्या धाम में सरयू के स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टि से भी जल पुलिस की ओर से सर्तकता बरती जा रही है।
पूरा बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक सदर तहसील के रामपुर पुवारी माझा के मजरे मदरहिया में कटान तेज हो गई है। गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है। पूराबाजार के छह गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। रामपुर पुवारी माझा के प्रधान रमेश निषाद ने बताया कि मदरहिया मजरे में कटान तेज हो गई है। इसकी जद में विद्युत पोल भी आ गए हैं, जिनमें बिजली आपूर्ति हो रही है। आपूर्ति बंद करने के लिए कई बार विभागीय कर्मचारियों से कहा गया लेकिन अब तक यह बंद नहीं हुई है। इससे करंट प्रवाहित होने के साथ हादसे का भी खतरा बना हुआ है।
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वहीं रुदौली के कैथी मांझा गांव को बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। सैकड़ाें बीघा फसलें सड़ कर गिर चुकी हैं। नूरपुर निवासी सरवरन सिंह ने बताया कि यहां बसे परिवारों का मुख्य व्यवसाय खेती और दुग्ध उत्पादन है। पिछले एक दशक के दौरान सैकड़ों एकड़ भूमि नदी की जलधारा में समाहित हो चुकी है। नदी का जलस्तर बढ़ता-घटता देखकर तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सहम गए हैं। राजस्व निरीक्षक अनिल यादव ने बताया कि कटान होने की जानकारी अभी नहीं मिली है।
नाका क्षेत्र में झमाझम बारिश, बाकी शहर बूंदाबांदी को तरसा
अयोध्या। आसमान में घिरे घने बादल टुकड़ों में बारिश कर रहे हैं। जिले के अलग-अलग इलाकों की कौन कहे, शहर में ही नाका और आसपास के इलाके में रविवार सुबह एक घंटे झमाझम बारिश हुई। इस दौरान बाकी शहर बूंदाबांदी को भी तरसता रहा। यह अलग बात है कि गर्मी से काफी राहत मिली।
पिछले कई दिनों से मानसून की सक्रियता तो बनी हुई है लेकिन बारिश खंडों में हो रही है। एक दिन पहले शनिवार को भी मिल्कीपुर और बीकापुर के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान जिले के बाकी इलाकों में सूखा पड़ा रहा। इस बीच रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री कम 32.5 रहा। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री कम 25.5 रिकॉर्ड किया गया। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में भी पूर्वी यूपी में मध्यम से घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
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रविवार को सरयू का जलस्तर 92़ 99 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो लाल निशान 92़ 73 मीटर से 26 सेमी ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार की शाम से सरयू के जलस्तर में वृद्धि का क्रम थम गया है। फिर भी यह खतरे के निशान से ऊपर ही है। इसकी अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में अयोध्या धाम में सरयू के स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टि से भी जल पुलिस की ओर से सर्तकता बरती जा रही है।
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पूरा बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक सदर तहसील के रामपुर पुवारी माझा के मजरे मदरहिया में कटान तेज हो गई है। गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है। पूराबाजार के छह गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। रामपुर पुवारी माझा के प्रधान रमेश निषाद ने बताया कि मदरहिया मजरे में कटान तेज हो गई है। इसकी जद में विद्युत पोल भी आ गए हैं, जिनमें बिजली आपूर्ति हो रही है। आपूर्ति बंद करने के लिए कई बार विभागीय कर्मचारियों से कहा गया लेकिन अब तक यह बंद नहीं हुई है। इससे करंट प्रवाहित होने के साथ हादसे का भी खतरा बना हुआ है।
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वहीं रुदौली के कैथी मांझा गांव को बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। सैकड़ाें बीघा फसलें सड़ कर गिर चुकी हैं। नूरपुर निवासी सरवरन सिंह ने बताया कि यहां बसे परिवारों का मुख्य व्यवसाय खेती और दुग्ध उत्पादन है। पिछले एक दशक के दौरान सैकड़ों एकड़ भूमि नदी की जलधारा में समाहित हो चुकी है। नदी का जलस्तर बढ़ता-घटता देखकर तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सहम गए हैं। राजस्व निरीक्षक अनिल यादव ने बताया कि कटान होने की जानकारी अभी नहीं मिली है।
नाका क्षेत्र में झमाझम बारिश, बाकी शहर बूंदाबांदी को तरसा
अयोध्या। आसमान में घिरे घने बादल टुकड़ों में बारिश कर रहे हैं। जिले के अलग-अलग इलाकों की कौन कहे, शहर में ही नाका और आसपास के इलाके में रविवार सुबह एक घंटे झमाझम बारिश हुई। इस दौरान बाकी शहर बूंदाबांदी को भी तरसता रहा। यह अलग बात है कि गर्मी से काफी राहत मिली।
पिछले कई दिनों से मानसून की सक्रियता तो बनी हुई है लेकिन बारिश खंडों में हो रही है। एक दिन पहले शनिवार को भी मिल्कीपुर और बीकापुर के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान जिले के बाकी इलाकों में सूखा पड़ा रहा। इस बीच रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री कम 32.5 रहा। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री कम 25.5 रिकॉर्ड किया गया। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में भी पूर्वी यूपी में मध्यम से घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।